Shaadi.com ने अपने वेबसाइट से हटाया स्किन टोन फिल्टर, कंपनी लाइफपार्टनर की तलाश करने वालों को परफेक्ट मैच के लिए देती थी कॉम्प्लेक्शन फिल्टर का विकल्प

  • यूजर्स ने लगाए कंपनी पर रंगभेदभाव का आरोप
  • ऑनलाइन पीटिशन चलाकर किया था विरोध

दैनिक भास्कर

Jun 24, 2020, 01:34 PM IST

नई दिल्ली. रंगभेदभाव को लेकर यूजर्स द्वारा आलोचना का सामना करने के बाद मैट्रिमोनियल वेबसाइट शादी.काॅम (Shaadi.com) ने स्किन टोन फिल्टर को अपने वेबसाइट से हटा दिया है। इस मामले को लेकर कंपनी ने कहा है कि इस फिल्टर को रखने का कोई उद्देश्य नहीं था, इसे हम पहले भी हटाना चाहते थे, लेकिन चूक गए थे। दरअसल, यह मामला तब संज्ञान में आया जब यूएस की एक यूजर्स हेतल लखानी ने कंपनी के वेबसाइट पर मिलने वाली कॉम्प्लेक्शन फिल्टर विकल्प के खिलाफ ऑनलाइन पिटीशन शुरू किया था। बता दें कि कंपनी के वेबसाइट पर परफेक्ट मैच पार्टनर की तलाश के लिए स्कीन टोन फिल्टर का विकल्प दिया जाता है। इसके जरिए यूजर अपने पसंसीदा स्कीट टोन पार्टनर की तलाश कर सकते हैं। हालांकि Shaadi.com का दावा है कि यह फ़िल्टर काम नहीं करता था और यह सभी प्रकार के स्किन टोन के मैचों को दिखाती थी।

सोशल मीडिया पर चलाया गया था मुहिम 

हेतल लखानी और मेघल नागपाल ने कंपनी के खिलाफ इस मुहिम को सोशल मीडिया पर चलाया था। जहां हेतल ने अपनी ऑनलाइन याचिका में लिखा था कि इस तरह की फिल्टर दक्षिण एशियाई समुदायों के हित के खिलाफ है। यह रंगभेदभाव को बढ़ावा दे रही है। हेतल के इस याचिका पर हजारों लोगों ने अपनी राय दी और ऑनलाइन पीटिशन को साइन किया। बता दें कि अश्वेत जॉर्ज फ्लॉयड की मौत के बाद वैश्विक स्तर पर नस्लवाद विरोध सुर्खियों में आया है। 

कंंपनी ने इस फिल्टर को बताया था पैरेट्स की जरूरत

बीबीसी को दिए बयान में मेघल ने बताया कि मैंने शादी.काॅम पर अपनी प्रोफाइल बनाई तो मेरे पास स्कीन टोन फिल्टर का आॅप्शन आया, जब मैंने इसके विरोध में कंपनी को ईमेले भेजा तो वहां से रप्लाई आया कि ज्यादातर पैरेंट्स को स्कीन टोन फिल्टर से मदद मिलती हैं। यह उनकी जरूरत में से एक है। उसके बाद मेघल ने इस मामले को अपने फेसबुक पर शेयर किया। मेघल कहती हैं मुझे आश्र्च्र्य हुआ कि एक कंपनी जिसकी सोशल जिम्मेदारी होती है वह ऐसी बातें कह कहती है।  

भारतीय फिल्म अभिनेताओं की भी आलोचना की गई 

मेघन कहती है इस मामले में बॉलीवुड स्टार्स की भी आलोचना होनी चाहिए। एक तरफ वे जार्ज फ्लायड की मौत के बाद ब्लैक लाइव्स मैटर आंदोलन का समर्थन कर रहे हैं वहीं दूसरी तरफ गोरे होने वाले क्रीम को खरीदने के लिए ग्राहक को मजबूर करते हैं। 

J&J का भी गोरेपन क्रीम को नहीं बेचने का फैसला 

हाल ही में अमेरिका की हेल्थकेयर कंपनी जॉनसन एंड जॉनसन (J&J) ने अपने पॉपुलर फेयरनेस प्रोडक्ट्स की एशिया और मिडिल ईस्ट में बिक्री बंद करने का फैसला किया है। नस्लीय असमानता पर वैश्विक डिबेट के कारण सामाजिक दबाव बढ़ने के चलते कंपनी ने यह फैसला किया है। कंपनी का कहना है कि हमारा कभी भी ऐसा कहने का उद्देश्य नहीं रहा है। कंपनी के मुताबिक, अब वह इन प्रोडक्ट्स का उत्पादन या शिपमेंट नहीं करेगी। हालांकि, स्टॉक खत्म होने तक यह उत्पाद स्टोर पर उपलब्ध रहेंगे।