ICICI लोम्बार्ड जनरल इंश्योरेंस ने साइबर सुरक्षा देने के लिए लॉन्च किया नया प्लान, नुकसान होने पर मिलेगा 1 करोड़ रु. का बीमा कवर

  • इसे रिटेल साइबर लायबिलिटी इंश्योरेंस नाम से लॉन्च किया गया है
  • इस बीमा कवर का प्रीमियम 6.5 रुपए प्रति दिन से लेकर 65 रुपए प्रति दिन तक है

दैनिक भास्कर

Jun 27, 2020, 08:23 AM IST

नई दिल्ली. कोरोना वायरस के कारण लोग वर्क फ्रॉम होम कर रहे हैं। इसके कारण बड़ी व छोटी सभी प्रकार की कंपनियों के लिए साइबर सुरक्षा का जोखिम बढ़ा है। इसी को देखते हुए ICICI लोम्बार्ड जनरल इंश्योरेंस ने लोगों के लिए साइबर इंश्योरेंस कवर लॉन्च किया है। इसका नाम रिटेल साइबर लायबिलिटी इंश्योरेंस पॉलिसी रखा गया है। इसमें साइबर अटैक से नुकसान होने पर 1 करोड़ रु. तक का बीमा कवर मिलेगा।

वित्तीय व अन्य नुकसान होंगे कवर
यह पॉलिसी लोगों को किसी साइबर फ्रॉड या डिजिटल जोखिम के खिलाफ कवर देता है जिससे वित्तीय व अन्य नुकसान शामिल हैं। कंपनी के अनुसार रिटेल साइबर इंश्योरेंस प्रोडक्ट इंश्योरेंस का एक रूप है जो लोगों की अनधिकृत ट्रांजैक्शन और ऑनलाइन चोरी से होने वाले नुकसान की भरपाई करता है।

इन अपराधों को करेगा कवर
इस इंश्योरेंस में आइडेंटिटी थेफ्ट, साइबर बुलिंग, मालवेयर और बैंक अकाउंट, क्रेडिट कार्ड और मोबाइल वॉलेट से अनधिकृत और धोखाधड़ी से होने वाले वित्तीय नुकसान के लिए कवर मिलता है। इसमें किसी भी कवर किए जाने वाले जोखिमों से जुड़े कानूनी खर्च भी शामिल हैं। इसके अलावा डिजिटल धोखाधड़ी से होने वाले प्रतिष्ठा या साख को नुकसान को बहाल करने में लगे खर्च पर भी कवर मिलेगा। अगर व्यक्ति को ऐसे वेतन का नुकसान होता है, जिसकी वह कमाई कर सकता था, और उसका समय रिस्क से जुडे़ तथ्यों को सुधारने में लग गया, तो उसे भी क्लेम किया जा सकता है।

कितना देना होगा प्रीमियम?
इस बीमा कवर का प्रीमियम 6.5 रुपए प्रति दिन से लेकर 65 रुपए प्रति दिन तक है। वहीं अगर कवर की बात करें तो इसमें 50 हजार रुपए से लेकर 1 करोड़ रुपए तक का कवर मिलेगा। पॉलिसी 1 साल की अवधि के लिए पूरे परिवार को कवरेज देता है जिसमें बच्चा भी शामिल है।

वर्क फ्रॉम होम के कारण बड़ी साइबर अटैक के समस्या
वर्क फ्रॉम होम के कारण बड़ी व छोटी सभी प्रकार की कंपनियों के लिए साइबर सुरक्षा का जोखिम बढ़ा है। कंपनियों के निजी आंकड़ों को कर्मचारी अपने घर से लैपटॉप या घर पर लगे पीसी से एक्सेस कर रहे हैं। संभव है उनमें उसी स्तर का फायरवाल या सिक्योरिटी सिस्टम न  हो, जो ऑफिस वाले कंप्यूटर में होता है। ऐसे में साइबर अटैक की संभावना बढ़ जाती हैं। मोबाइल, लैपटॉप या कंप्यूटर के हैक हो जाने पर  कई बार आपका डाटा करप्ट हो जाता है जिसके चलते कई बार आपको नुकसान भी झेलना पड़ता है। कंपनियों को ऐसी स्थिति में ज्यादा  नुकसान हो सकता है। यह बीमा आपके डाटा के खोने, हैकिंग के दौरान व्यापार में नुकसान होने जैसे कई रिस्क को कवर करता है।