EPFO ने कम्यूटेड पेंशन के रिस्टोरेशन के तहत 105 करोड़ रुपए के एरियर के साथ 868 करोड़ रुपए की पेंशन जारी की

  • केंद्र ने पेंशन नियमों में इसी साल फरवरी महीने में बदलाव किया था
  • इससे पहले कम्यूटेड पेंशन के रिस्टोरेशन का प्रावधान नहीं था

दैनिक भास्कर

Jun 02, 2020, 11:42 AM IST

नई दिल्ली. पेंशनर्स के लिए कम्यूटेड पेंशन का रिस्टोरेशन वापस लाए जाने के बाद कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने 105 करोड़ रुपए के एरियर के साथ 868 करोड़ रुपये की पेंशन जारी की है। पेंशन कम्युट करने का विकल्प चुनने वाले पेंशनधारकों को सेवानिवृत्ति के 15 साल बाद फुल पेंशन की व्यवस्था फिर से लागू  की गई थी। इससे पहले कम्यूटेड पेंशन के रिस्टोरेशन का प्रावधान नहीं था। इसकी वजह से पेंशनर्स को जिंदगी भर घटी हुई पेंशन ही मिलती थी।

इसी साल किया था नियमों में बदलाव
केंद्र ने पेंशन नियमों में इसी साल फरवरी महीने में बदलाव किया था। इससे रिटायरमेंट के वक्त पेंशन कम्युट करने का विकल्प चुनने वाले पेंशनधारकों को सेवानिवृत्ति के 15 साल बाद फुल पेंशन की व्यवस्था फिर से लागू  की गई थी। इस फैसले से 26 सितंबर, 2008 से पहले रिटायर होने वाले 6.3 लाख पेंशनधारकों को फायदा हुआ। 20 फरवरी, 2020 को जारी नई अधिसूचना से ईपीएफओ के कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति के 15 साल बाद फुल पेंशन की व्यवस्था फिर लागू हो जाएगी।

क्या है कम्युटेशन आफ पेंशन?
रिटायरमेंट के दौरान एक कर्मचारी को जितनी बेसिक पेंशन मिलती है वह उसका 40 फीसदी कम्यूट करवा सकता है। सरल भाषा में कहा जाए तो कर्मचारी अपनी सात सालों की पेंशन का 40 फीसदी हिस्सा सरकार से एडवांस में ले लेता है। सरकार हर साल उसकी पेंशन से 8 हजार रुपए काटकर एडवांस में दी गई पेंशन को रिकवर करती है। पहले ये कटौती पेंशनर की पेशन से आखिर तक की जाती थी लेकिन अब नई व्यवस्था में यह रिटायरमेंट के 15 साल तक रिकवर की जाएगी। इसके बाद कर्मचारी को उसकी फुल पेंशन का भुगतान किया जाने लगता है।

फिलहाल कम्युटेशन का विकल्प नहीं
एंप्लॉयीज पेंशन स्कीम (EPS) नियमों के तहत 26 सितंबर, 2008 से पहले रिटायर होने वाले ईपीएफओ के मेंबर्स कम्युटेड पेंशन के रूप में पेंशन की कुल रकम का अधिकतम एक तिहाई एकमुश्त (कम्युटेड) ले सकते थे, जबकि बाकी दो तिहाई रकम उन्हें जीवनभर पेंशन के रूप में मिलती थी। ईपीएफ के मौजूदा नियमों के तहत, ईपीएफओ के सदस्यों को कम्युटेशन बेनिफिट पाने का विकल्प नहीं मिलता है।