5 महीने में 84 गुना रिटर्न देने वाली रुचि सोया पर कस सकता है सेबी का शिकंजा, पांच प्रतिशत टूटा, बिकवाली के संकेत

  • रुचि सोया ने महज कुछ महीनों में मैरिको, एचपीसीएल सहित 40 कंपनियों को मार्केट कैप में पीछे छोड़ा
  • रुचि सोया के 98.87 फीसदी शेयर प्रमोटर्स के पास, पब्लिक शेयरहोल्डर्स के पास सिर्फ 33.4 लाख शेयर
  • मार्केट एक्सपर्ट्स ने सेबी से इस तेजी की जांच की मांग की, टी2टी सेगमेंट में शिफ्ट करने की अपील

दैनिक भास्कर

Jun 29, 2020, 04:13 PM IST

नई दिल्ली. कभी दिवालिया होने की वजह से चर्चा में रही रुचि सोया एक बार फिर खबरों में है। अबकी बार कंपनी के शेयरों की कीमतों में तेज बढ़ोतरी इसकी वजह है। बीते 5 महीनों में कंपनी के शेयर 84 गुना तक बढ़ गए हैं। शेयरों में आई इस तेजी की वजह से अब रुचि सोया मार्केट एनालिसिस के निशान पर आ गई है। कई एनालिसिस ने सेबी से कंपनी के शेयरों में आई तेजी की जांच करने की मांग की है। 

27 जनवरी को री-लिस्ट हुई थी रुचि सोया

27 जनवरी को शेयर बाजार में री-लिस्ट होने के बाद रुचि सोया ने जबरदस्त मुनाफा दिया है। 27 जनवरी को फिर से लिस्ट हुई रुचि सोया के एक शेयर की कीमत 16.90 रुपए थी। शुक्रवार 26 जून को इसके एक शेयर की कीमत बढ़कर 1507 रुपए पर पहुंच गई है। हालांकि, चौथी तिमाही में प्रॉफिट के बाद भी कंपनी के शेयरों में सोमवार को 5 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई और लोअर सर्किट लग गया। इस गिरावट के साथ कंपनी का शेयर 1431.95 रुपए प्रति शेयर पर आ गया। इस तरह से इसने निवेशकों को 8473 फीसदी रिटर्न दिया है। रुचि सोया नवंबर 2019 में 3.32 रुपए प्रति शेयर पर डी-लिस्ट हुई थी।

मार्केट कैप के मामले में कई बड़ी कंपनियों को पछाड़ा

शेयरों में आई तेजी के कारण रुचि सोया के मार्केट कैप में भी खासी वृद्धि हुई है। रुचि सोया का मार्केट कैप 44592.11 करोड़ रुपए है। मार्केट कैप के लिहाज से रुचि सोया ने 40 बड़ी कंपनियों को भी पछाड़ दिया है। इन कंपनियों में मैरिको, एचपीसीएल, टोरंट फार्मा, टाटा स्टील, अंबुजा सीमेंट्स, पंजाब नेशनल बैंक, हिंडाल्को, यूपीएल, कॉलगेट-पामोलिव और हेवल्स इंडिया जैसी कंपनियां शामिल हैं।

रुचि सोया में प्रमोटर्स की 99.03 फीसदी हिस्सेदारी

31 मार्च 2020 को रुचि सोया में प्रमोटर्स की हिस्सेदारी 99.03 फीसदी थी। रुचि सोया के 29.58 करोड़ शेयरों में से 98.87 फीसदी शेयर प्रमोटर्स के पास हैं, जबकि शेष 33.4 लाख पब्लिक शेयरहोल्डर्स के पास हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि नियमों के चलते पतंजलि को अपनी और हिस्सेदारी छोड़नी होगी। जिससे शेयरों का फिर से बंटवारा होगा और कीमतें एडजस्ट हो सकती हैं।

बाबा रामदेव ने रुचि सोया को खरीदा
रुचि सोया को बाबा रामदेव की पतंजलि आयुर्वेद ने दिसंबर 2019 में 4350 करोड़ रुपए में खरीद लिया। पतंजलि ने जबसे कंपनी को खरीदा, तबसे रुचि सोया की किस्मत बदल गई है। दिवालिया होने की वजह से कंपनी शेयर बाजार से डिलिस्ट हो गई थी। फिर से 27 जनवरी को रि-लिस्ट हुई। वर्तमान में कपंनी का मार्केट कैप बीएसई में 42,469 करोड़ रुपए पार कर गया है। 

रुचि सोया को टी2टी सेगमेंट में शामिल करना चाहिए: एक्सपर्ट

मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि फ्री-फ्लोट शेयरों की कमी की वजह से रुचि सोया के शेयरों में तेजी आ रही है। इसका मूल सिद्धांतों से कोई लेना-देना नहीं है। यह मांग-आपूर्ति डायनामिक्स का सबसे बेहतर उदाहरण है। कंपनी में रिटेल निवेशकों की भागीदारी 1 फीसदी से कम है। सेबी को इस पर नोट लेना चाहिए और इस शेयर को टी2टी सेगमेंट में शामिल करना चाहिए। एक्सपर्ट्स का कहना है कि सेबी को इस बात की जांच करनी चाहिए कि री-लिस्टिंग के 5 महीने बाद भी कंपनी में प्रमोटर्स की हिस्सेदारी 99 फीसदी से ज्यादा क्यों है? 

क्या होता है टी2टी सेगमेंट

ट्रेड-टू-ट्रेड (टी2टी) सेगमेंट उसको कहते हैं जिसमें शेयरों की अनिवार्य डिलिवरी होती है। इसका मतलब यह है कि इस सेगमेंट में इंट्रा-डे ट्रेड नहीं होता है। टी2टी सेगमेंट में जो भी शेयर की खरीद/बिक्री होती है, उसकी पूर्ण भुगतान के बाद आवश्यक रूप से डिलिवरी होती है। इस सेगमेंट में डिलिवरी के बाद ही शेयर खरीद/बिक्री की प्रक्रिया पूरी होती है। किसी भी शेयर के सेंगमेंट में बदलाव सेबी से सलाह के बाद शेयर बाजार करते हैं।