30 जून से पहले निपटा लें पैन-आधार लिंक और टैक्स छूट के लिए निवेश जैसे ये 7 जरूरी काम, नहीं तो होना पड़ सकता है परेशान

  • पीपीएफ, सुकन्या समृद्धि खाते आदि में न्यूनतम राशि जमा नहीं कराई है, तो 30 जून तक करा दें
  • वित्त वर्ष 2018-19 के लिए आयकर रिटर्न 30 जून तक फाइल कर सकते हैं

दैनिक भास्कर

Jun 07, 2020, 02:09 PM IST

नई दिल्ली. कोरोना वायरस के कारण सरकार ने कई जरूरी काम जैसे पैन-आधार लिंक और टैक्स छूट के लिए निवेश की डेडलाइन 30 जून तक बढ़ा दी थी। ऐसे में अगर आपने अब तक ये काम नहीं किया है तो जल्द ही ये काम निपटा लीजिए। हम आपको ऐसे ही कामों के बारे में बता रहे हैं।

पैन को आधार से जोड़ना है जरूरी
सरकार ने पैन को आधार से जोड़ने की आखिरी तारीख 31 मार्च रखी थी लेकिन लॉकडाउन को देखते हुए इसे 30 जून 2020 तक बढ़ा दिया था। अगर आपने 30 जून तक अपने पैन को आधार से नहीं जोड़ा तो यह अवैध (डिएक्टिवेट) हो जाएगा। ऐसे में इसे डिएक्टिवे होने से बचाने के लिए इसे 30 जून तक लिंक करा लें।

स्मॉल सेविंग्स अकाउंट में पैसे जमा करना
आपने पीपीएफ, सुकन्या समृद्धि खाते आदि में 31 मार्च 2020 तक कोई न्यूनतम राशि जमा नहीं कराई है, तो 30 जून तक करा दें। न्यूनतम राशि जमा न होने पर पेनाल्टी का प्रावधान हैं, हालांकि इसे डाक विभाग ने फिलहाल हटा लिया है। लेकिन फालतू की परेशानी से बचने के लिए आपको 30 जून तक इसमें निवेश करना चाहिए। 

2018-19 का आईटीआर
वित्त वर्ष 2018-19 के लिए आयकर रिटर्न 30 जून तक फाइल कर सकते हैं। साथ ही रिवाइज्ड आईटीआर भी 30 जून तक ही दाखिल किया जा सकता है। इन्हें फाइल करने की अंतिम तिथि 31 मार्च थी।

टैक्स छूट के लिए निवेश
वित्त वर्ष 2019-20 के लिए आयकर रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तिथि 31 जुलाई से आगे बढ़ाकर 30 नवंबर कर दी है। साथ ही टैक्स बचाने को आयकर की धारा 80सी, 80डी, 80ई में निवेश करने की समय सीमा को 30 जून तक ही है। ऐसे में  अगर आप टैक्स छूट पाने के लिए निवेश करना चाहते हैं तो 30 जून तक निवेश करना जरूरी है।

फॉर्म-16 भरना
कर्मचारियों को उनकी कंपनी से फॉर्म 16 आमतौर पर मई के महीने में मिल जाता था, लेकिन इस बार कोरोना के कारण सरकार ने फॉर्म 16 को जारी करने की तारीख 15 जून से 30 जून के बीच कर दी है। फॉर्म 16 एक तरह का टीडीएस सर्टिफिकेट है, जिसकी आईटीआर दाखिल करते वक्त जरूरत पड़ती है।

पीपीएफ खाते की मैच्योरिटी
आपका पीपीएफ खाता 31 मार्च को मैच्योर हो चुका है और उसे अगले पांच सालों के लिए बढ़ाना चाहते हैं, तो 30 जून तक करवा सकते हैं। विभाग ने इस संबंध में 11 अप्रैल को एक सर्कुलर निकाला है।

फॉर्म 15G या फॉर्म 15H फार्म भरना
केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) ने फॉर्म 15G / फॉर्म 15H की वैधता को 30 जून 2020 तक के लिए बढ़ाया है। 30 जून तक यह फार्म जमा नहीं करने पर एफडी या सेविंग अकाउंट
पर मिलने वाले ब्याज पर टीडीएस के रूप में टैक्स कट सकता है।  फॉर्म 15G या फॉर्म 15H खुद से की गई घोषणा वाला फॉर्म हैं। इसमें आप यह बताते हैं कि आपकी आय टैक्स की सीमा से बाहर है। जो इस फॉर्म को भरता है उसे टैक्स की सीमा से बाहर रखा जाएगा। इसे नहीं भरने पर मान लिया जाता है कि आप टैक्स के दायरे में हैं और फिर ब्याज से होने वाली आय पर जरूरी टीडीएस काट लिया जाएगा।