2020 की चौथी तिमाही में कोविड-19 से पहले के स्तर पर लौट आएगी वैश्विक अर्थव्यवस्था, ‘V’ आकार में होगी रिकवरी: मॉर्गन स्टेनली

  • इस साल की दूसरी तिमाही में -8.6 फीसदी रही वैश्विक जीडीपी ग्रोथ
  • नीतिगत मदद से 2021 में वैश्विक अर्थव्यवस्था में तेज रिकवरी रहेगी

दैनिक भास्कर

Jun 15, 2020, 12:29 PM IST

नई दिल्ली. पिछले सप्ताह प्रमुख रेटिंग एजेंसियों एसएंडपी और फिच रेटिंग्स ने भारतीय अर्थव्यवस्था को लेकर सुनहरी तस्वीर पेश की थी। वित्त वर्ष 2022 में भारतीय अर्थव्यवस्था में फिच ने 9.5 फीसदी तो एसएंडपी ने 8.5 फीसदी की ग्रोथ का अनुमान जताया था। अब वित्तीय सेवाएं देने वाली अमेरिका की प्रमुख फर्म मॉर्गन स्टेनली ने वैश्विक अर्थव्यवस्था की उम्मीद दिखाती तस्वीर पेश की है।
मॉर्गन स्टेलनी के अर्थशास्त्रियों की ओर से 14 जून को तैयार किए गए मिड ईयर आउटलुक रिसर्च नोट में कहा है कि वैश्विक अर्थव्यवस्था विस्तार के नए चरण में पहुंच गई है। इससे पैदा होने वाला आउटपुट 2020 की चौथी तिमाही तक वैश्विक अर्थव्यवस्था को कोविड-19 से पहले के स्तर तक पहुंचा देगा। चेतन आहया के नेतृत्व में तैयार किए गए रिसर्च नोट में विश्वास जताया गया है कि ग्रोथ डाटा में आई तेजी और नीतिगत मदद के दम पर वैश्विक अर्थव्यवस्था में ‘V’ आकार में रिकवरी होगी।

छोटी अवधि तक रहेगी मौजूदा मंदी

रिसर्च नोट में अर्थशास्त्रियों ने मौजूदा मंदी को तेज लेकिन छोटी अवधि तक रहने का अनुमान जताया है। अर्थशास्त्रियों का अनुमान है कि इस साल दूसरी तिमाही में वैश्विक जीडीपी ग्रोथ -8.6 फीसदी रहेगी। लेकिन 2021 की पहली तिमाही में यह रिकवरी करते हुए 3 फीसदी पर पहुंच जाएगी। मॉर्गन स्टेनली ने मंदी के छोटी अवधि में रहने के तीन प्रमुख कारण बताए हैं..

1- मौजूदा संकट भारी असंतुलन से पैदा हुआ विकसित झटका नहीं है।

2- इक्विटी कैपिटल में से कर्ज की पूंजी को कम करने का दबाव ज्यादा बदलाव लाएगा।

3- नीतिगत मदद निर्णायक और व्यवहार्य होगी और इससे तेज रिकवरी में मदद मिलेगी।

रिकवरी के प्रयासों को मिलता रहेगा आधिकारिक समर्थन

रिसर्च नोट के मुताबिक, सभी देशों के केंद्रीय बैंक और वित्त मंत्रालय अपनी अर्थव्यवस्थाओं में पैसा डाल रहे हैं। ऐसे में रिकवरी के लिए किए जा रहे प्रयासों को आधिकारिक समर्थन के जल्द कम होने की संभावना नहीं है। इस आउटलुक में कोरोनावायरस और इसकी वैक्सीन को लेकर हो रहे डवलपमेंट के जोखिम को भी शामिल किया गया है। कोरोना वैक्सीन के बड़े स्तर पर 2021 की गर्मियों में उपलब्ध होने के परिदृश्य को मानते हुए यह रिसर्च नोट तैयार किया है। इसमें कहा गया है कि कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर सर्दी के मौसम के आसपास आएगी लेकिन इसको नियंत्रित कर लिया जाएगा। दूसरी लहर में कुछ ही क्षेत्रों में लॉकडाउन किया जाएगा।

आईएमएफ के विपरीत के मॉर्गन स्टेनली की रिपोर्ट

वैश्विक अर्थव्यवस्था को लेकर मॉर्गन स्टेनली की रिपोर्ट अधिक सतर्कता के साथ लेकिन इंटरनेशनल मॉनिटरी फंड (आईएमएफ) के आउटलुक के विपरीत है। आईएमएफ ने पिछले सप्ताह वैश्विक अर्थव्यवस्था में धीमी रिकवरी और अनिश्चितता का आउटलुक जारी किया था। 

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