15 हजार से कम सैलरी वालों का EPF देगी सरकार, TDS में 25% कटौती की घोषणा; जानिये इसका फायदा किसे, कितना, कब और कैसे मिलेगा?

  • सरकार ने ईपीएफ कंट्रीब्यूशन को तीन महीने के लिए आगे बढ़ाया, अब अगस्त तक ईपीएफ में सरकार मदद करेगी
  • 2019-20 के लिए इनकम टैक्स रिटर्न की आखिरी तारीख बढ़ाकर 30 नवंबर 2020 कर दिया गया

दैनिक भास्कर

May 13, 2020, 09:43 PM IST

नई दिल्ली. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण कोविड-19 के 20 लाख करोड़ के राहत पैकेज के ब्रेकअप की जानकारी दे दी। इस पैकेज के तहत पीएफ फंड को लेकर एम्प्लॉई और एम्प्लॉयर दोनों को रहत दी हैं। इसके तहत सभी फर्म और कंपनियां जहां 100 से कम कर्मचारी काम करते हैं और उनकी सैलरी 15 हजार से कम है, तो उनके पीएफ का पैसा सरकार देगी। इसके अलावा सरकार ने टीडीएस में भी 25 प्रतिशत की कटौती की है।

15 हजार की सैलरी वालों को 3 महीने की मदद
सभी फर्म और कंपनियां जहां 100 से कम कर्मचारी काम करते हैं और उनकी सैलरी 15 हजार से कम है, तो उनके पीएफ का पैसा सरकार देगी। ऐसे कर्मचारियों की सैलरी का 24% हिस्सा सरकार उनके पीएफ में जमा करेगी। सरकार ने ईपीएफ कंट्रीब्यूशन को तीन महीने के लिए आगे बढ़ाया, अब अगस्त तक ईपीएफ में सरकार मदद करेगी।

पीएफ-ईपीएफ: कंपनियां पीएफ में हिस्सेदारी 12% की जगह 10% तक कर सकेंगी

सरकार पीएफ कंट्रीब्यूशन को 12% से घटाकर 10% करने का फैसला किया है। यह तीन महीने के लिए होगा। हालांकि, केंद्रीय और राज्य सरकार के कर्मचारियों का पीएफ 12% ही कटता रहेगा। यह उन कर्मचारियों के लिए रहेगी, जो गरीब कल्याण योजना के अंतर्गत नहीं आए हैं। इससे करीब 4.3 करोड़ कर्मचारियों को फायदा होगा। इससे कर्मचारियों और कंपनियों को 6750 करोड़ अतिरिक्त रुपए मिलेंगे।

टीडीएस रेट में 25% की कमी, 55 हजार करोड़ का फायदा होगा

  • टीडीएस की दरों में 25% की कमी की जाएगी। यह सभी पेमेंट पर लागू होगा चाहे वह कमीशन हो, ब्रोकरेज हो या कोई अन्य पेमेंट।
  • दरों में कमी 13 मई से लागू होगी और मार्च 2021 तक रहेगी। टीडीएस कटौती से 55 हजार करोड़ रुपए का लाभ होगा।
  • 2019-20 के लिए इनकम टैक्स रिटर्न की आखिरी तारीख बढ़ाकर 30 नवंबर 2020 कर दिया गया है। 

क्या है टीडीएस?

अगर किसी की कोई आय होती है तो उस आय से टैक्स काटकर अगर व्यक्ति को बाकी रकम दी जाए तो टैक्स के रूप में काटी गई रकम को टीडीएस कहते हैं। सरकार टीडीएस के जरिए टैक्स जुटाती है। यह अलग-अलग तरह के आय स्रोतों पर काटा जाता है जैसे सैलरी, किसी निवेश पर मिले ब्याज या कमीशन आदि पर। कोई भी संस्थान (जो टीडीएस के दायरे में आता है) जो भुगतान कर रहा है, वह एक निश्चित रकम टीडीएस के रूप में काटता है।

राहत पैकेज पर आप ये खबरें भी पढ़ सकते हैं
1#  20 लाख करोड़ रुपए के पैकेज में अब केवल 7 लाख करोड़ रुपए के ब्रेकअप की घोषणा
2# 15 हजार से कम सैलरी वालों का EPF देगी सरकार
3# बिजली कंपनियों को सरकार ने 90 हजार करोड़ रुपए का राहत पैकेज दिया
4# चिदंबरम ने कहा- वित्तमंत्री के भाषण में गरीबों और प्रवासी मजदूरों के लिए कुछ नहीं हैै