हॉटेल, एविएशन और कमर्शियल प्रॉपर्टी में फंसे 3 लाख करोड़ रुपए के कर्ज, बैंकों ने आरबीआई से रिस्ट्रक्चरिंग की मांगी अनुमति

  • असेट को डाउनग्रेड किए बिना मांगी है बैंकों ने मदद
  • होटल सेक्टर में 45,862 करोड़ रुपए का एक्सपोजर

दैनिक भास्कर

Jun 03, 2020, 03:17 PM IST

मुंबई. कोविड-19 लगता है बैंकों के लिए तेज झटका लानेवाला है। बैंकों ने आरबीआई से 3 लाख करोड़ रुपए के कर्ज के पुनर्गठन (रिस्ट्रक्चरिंग) की अनुमति मांगी है। यह कर्ज हॉटेल, एविएशन और कमर्शियल प्रॉपर्टी को दिए गए हैं। इन सेक्टर्स को कोरोना से सबसे ज्यादा असर हुआ है। बैंकों ने आरबीआई से इन असेट को डाउनग्रेड किए बिना वैकल्पिक प्रस्ताव पर यह बात कही है।

कमर्शियल रियल इस्टेट में 2.3 लाख करोड़ एक्सपोजर

अप्रैल के अंत तक बैंकों का हॉटेल सेक्टर में 45,862 करोड़ रुपए, एविएशन में 30,000 करोड़ रुपए और कमर्शियल रियल इस्टेट सेक्टर में 2.3 लाख करोड़ रुपए का एक्सपोजर था। बैंकों ने आरबीआई से कहा है कि अगर रिस्ट्रक्चरिंग से राहत नहीं मिलती है तो इस सेक्टर की कंपनियों की बैलेंसशीट में एनपीए बड़े पैमाने पर हो सकता है। सरकारी बैंकों के प्रमुखों ने इस तरह की सिफारिश दो हफ्ते पहले वित्तमंत्री से भी की थी।

रिस्ट्रक्चरिंग नही हुई तो एनपीए में ज्यादा वृद्धि होगी

इस मामले से जुड़े एक बैंकर्स ने बताया कि हम कोविड-19 की महामारी से सबसे ज्यादा नुकसान वाले सेक्टर्स की मदद करने के लिए आरबीआई के साथ चर्चा कर रहे हैं। इन कर्जौं के रिस्ट्रक्चरिंग अगर नहीं होते हैं तो एविएशन, हॉटेल और कमर्शियल रियल इस्टेट सेक्टर्स में बड़े पैमाने पर एनपीए हो सकता है।बता दें कि कंपनियों और व्यक्तिगत कर्ज धारकों की मदद करने के लिए आरबीआई ने मोराटोरियम का समय 31 अगस्त तक बढ़ा दिया है। यह पहले 31 मई तक था। लेकिन बैंकर्स का मानना है कि कर्ज चुकाने के लिए केवल मोराटोरियम ही काफी नहीं है। कारण कि यह सेक्टर्स लॉकडाउन के चलते ज्यादा प्रभावित हुए हैं। साथ ही निवेश का प्रवाह सामान्य होने में दो तिमाही लग सकते हैं।

दो महीने तक एविएशन, हॉटेल की आय में सुधार की गुंजाइश नहीं

एक बैंक अधिकारी ने बताया कि हम सबसे ज्यादा प्रभावित कंपनियों को कोविड इमर्जेंसी फंड से लोन की व्यवस्था करेंगे। बैंकों का कहना है कि यह सेक्टर्स रिस्ट्रक्चरिंग के जरिए पैसा चुकाने में मदद कर पाएंगे। बता दें कि भारत में होटल, एयरलाइंस अभी सबसे मुश्किल दौर से गुजर रहे हैं। दो महीने से इनकी आय बंद है और अगले दो महीनों तक इसमें कोई सुधार की गुंजाइश नहीं है। 25 मई से फ्लाइट हालांकि शुरू होने के बाद से बैंकर्स मान रहे हैं कि एयरलाइन अभी भी कर्ज का भुगतान नहीं कर पाएंगे। इस कारण एनपीए में वृद्धि होगी।

एविएशन सेक्टर को 35,000 करोड़ रुपए की होगी जरूरत

रेटिंग एजेंसी इक्रा के अनुमान के मुताबिक, एविएशन सेक्टर को आगामी तीन वर्ष में लगभग 35,000 करोड़ रुपए की पूंजी की जरूरत होगी। होटल उद्योग की बात करें तो कई होटल्स कर्ज के कारण हमेशा के लिए बंद हो सकते हैं। कमर्शियल रियल इस्टेट की बात करें तो इसमें भी इस समय काफी दिक्कत है। कमर्शियल प्रॉपर्टी की खरीदी और किराये के कारोबार में 25 प्रतिशत की गिरावट का अनुमान है।