हालात से निपटने के लिए नवंबर-दिसंबर तक सरकार एक और आर्थिक पैकेज ला सकती है-एसबीआई रिपोर्ट

  • चौथी तिमाही में जीडीपी में वृद्धि 1.2 प्रतिशत रह सकती है
  • हालात के आधार पर सरकार लेगी पैकेज का फैसला

दैनिक भास्कर

May 26, 2020, 07:28 PM IST

मुंबई. सरकार इस साल के अंत तक एक और आर्थिक पैकेज ला सकती है। यह उम्मीद एसबीआई की रिपोर्ट में जताई गई है। रिपोर्ट के अनुसार वित्तीय वर्ष 2020 में चौथी तिमाही में जीडीपी की वृद्धि दर 1.5 प्रतिशत से नीचे रह सकती है। अनुमान है कि यह वृद्धि दर 1.2 प्रतिशत रह सकती है। रिपोर्ट के मुताबिक, सरकार तीसरी और चौथी तिमाही में काफी बारीक से हर तरह के नुकसान पर नजर रख सकती है। हो सकता है कि इस साल के अंत तक एक और पैकेज घोषित हो जाए।

जीडीपी और जीवीए में बढ़ा अंतर

इस समय दिलचस्प बात यह है कि जीडीपी और जीवीए (ग्रॉस वैल्यू एडेड) की वृद्धि में अंतर है। आमतौर पर इन दोनों की वृद्धि में बहुत ज्यादा अंतर नहीं होता है। पर इस समय शुद्ध इंडाइरेक्ट टैक्स में भारी नुकसान से दोनों में बड़ा अंतर पैदा हुआ है। उधर दूसरी ओर वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर ने एक इंटरव्यू में कहा कि पहले चरण में गरीबों के लिए पैकेज दिया गया।  सरकार नए सुझावों पर गौर कर रही है। सरकार राज्यों को हर संभव मदद दे रही है। देश के पास पर्याप्त विदेशी मुद्रा भंडार है। इस समय जान और जहान दोनों बचाने की जरूरत है।

20 लाख करोड़ का पैकेज अंतिम नहीं है- अनुराग ठाकुर

20 लाख करोड़ रुपए का राहत पैकेज अंतिम नहीं है। बाजार से अतिरिक्त 4.2 लाख करोड़ रुपए उठाएंगे। उन्होंने कहा कि रिफॉर्म का मकसद विदेशी निवेश बढ़ाना भी है। 3 लाख करोड़ रुपए एमएसएमई के साथ छोटे बिजनेस के लिए भी है। ठाकुर ने कहा कि जरूरत पड़ी तो एक और राहत पैकेज का ऐलान हो सकता है। एमएसएमई को आसान कर्ज मुहैया कराने की मुहिम शुरू हो चुकी है और विनिवेश के मामले पर भी सरकार का ध्यान है, लेकिन उचित कीमत मिलने पर ही विनिवेश किया जाएगा। उनकी बातचीत में सबसे बड़ा संकेत यही है कि राहत देने के मामले में सरकार के पास विकल्प अभी खत्म नहीं हुए हैं।

पैकेज से सरकार का काम खत्म नहीं हुआ है

सरकार ने साफ किया है कि राहत पैकेज देने का मतलब ये नहीं कि उसका काम खत्म हो गया है।अनुराग ठाकुर ने कहा कि उन्हें आसान कर्ज मुहैया कराया जा रहा है जिसमें किसी तरह की गारंटी की जरुरत नहीं होगी। उन्होंनें आगे कहा कि भारत ने कोरोना से लड़ाई में अच्छे कदम उठाए हैं।  बता दें कि दुनिया में कई देश अभी भी आर्थिक पैकेज जारी कर रहे हैं। जापान ने सोमवार को ही 70 लाख करोड़ रुपए के पैकेज को जारी करने की बात कही। इस तरह से अलग-अलग स्तर पर हर देश अपना आर्थिक पैकेज जारी अलग-अलग चरणों में जारी कर रहे हैं।