स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स-स्टेडियम खुल सकेंगे, लेकिन दर्शकों की एंट्री बैन रहेगी, खिलाड़ी ओलिंपिक की तैयारी शुरू कर सकेंगे

  • डोमेस्टिक और इंटरनेशनल फ्लाइट्स बंद रहेंगी, लिहाजा आईपीएल जैसे टूर्नामेंट्स नहीं हो सकेंगे
  • ओलिंपिक की तैयारी कर रहे एथलीट्स ने खेल मंत्री से हुई चर्चा में ट्रेनिंग की मंजूरी देने की मांग की थी
  • स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने खिलाड़ियों के लिए स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसिजर तैयार किया है

दैनिक भास्कर

May 17, 2020, 10:59 PM IST

नई दिल्ली. गृह मंत्रालय ने रविवार रात लॉकडाउन फेज 4 के लिए गाइडलाइंस जारी कर दीं। इसमें खेल जगत को कुछ राहत मिलेगी। स्पोर्टस् कॉम्पलेक्स और स्टेडियम खुल सकेंगे। लेकिन, दर्शकों की एंट्री पहले की तरह बंद रहेगी।
खिलाड़ियों को इस ढील का फायदा होगा। वे दोबारा ट्रेनिंग शुरू कर सकेंगे। खासतौर पर जो खिलाड़ी टोक्यो ओलिंपिक की तैयारी कर रहे हैं। 

आईपीएल जैसा टूर्नामेेंट नहीं होंगे

डोमेस्टिक और इंटरनेशनल फ्लाइट्स अब भी बंद ही रहेंगी। लिहाजा, विदेशी और देश के खिलाड़ी ट्रेवल नहीं कर सकेंगे। इसका मतलब ये हुआ कि आईपीएल जैसा टूर्नामेंट फिलहाल नहीं हो पाएगा। लीग को पहले ही अनिश्तिकाल के लिए टाल दिया गया है।

बीसीसीआई ने क्या कहा?

केंद्र ने 31 मई तक हवाई यात्रा पर लगी पाबंदियां बरकरार रखी है। ऐसे में बीसीसीआई ने खिलाड़ियों के लिए ट्रेनिंग कैंप टालने का फैसला किया है। बोर्ड ने कहा, “हमारे लिए खिलाड़ियों की सुरक्षा अहम है। कोई ऐसा फैसला नहीं लिया जाएगा जिससे कोरोना से निपटने की भारत की कोशिशों पर असर पड़े। बोर्ड राज्य स्तर पर लॉकडाउन के दिशानिर्देशों को समझेगा। इसके बाद राज्य क्रिकेट बोर्ड के साथ मिलकर स्थानीय स्तर पर ट्रेनिंग करने की योजना तैयार की जाएगी।”

दर्शक नहीं आ सकेंगे

होम मिनिस्ट्री की गाइडलाइन में कहा गया, ‘स्टेडियम और स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स को खोलने की मंजूरी दी गई है। लेकिन, दर्शक नहीं आ सकेंगे।’ भारत में करीब दो महीने से खेल गतिविधियां बंद हैं। 

18 मई के बाद टीम इंडिया प्रैक्टिस कर सकेगी
लॉकडाउन के चौथे फेज में टीम इंडिया की ट्रेनिंग का भी रास्ता साफ हो गया है। नेशनल क्रिकेट एकेडमी यानी एनसीए भी पोस्ट लॉकडाउन प्लान बना रही है। 

क्रिकेटर्स आरोग्य सेतु ऐप का इस्तेमाल करेंगे: बीसीसीआई

इससे पहले बोर्ड कोषाध्यक्ष अरूण धूमल ने कहा था कि अगर 18 मई के बाद सरकार लॉकडाउन में ढील देती है तो खिलाड़ी आउटडोर प्रैक्टिस शुरू करेंगे। इसके लिए बोर्ड केंद्र और राज्य सरकार के सम्पर्क में है। इतना ही नहीं बीसीसीआई ने कहा है अगर सरकार आरोग्य सेतु ऐप के इस्तेमाल का निर्देश देगी तो खिलाड़ी उसका पालन करेंगे। 

मार्च से लॉकडाउन
लॉकडाउन वास्तव में मार्च के मध्य से शुरू हुआ। एथलीट्स टोक्यो ओलिंपिक्स की तैयारी कर रहे थे। ज्यादातर स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (साई) के बेंगलुरु और पटियाला के कॉम्पलेक्स में मौजूद थे। ये लोग ट्रेनिंग फिर शुरू करने की मांग कर रहे थे। 

खिलाड़ियों ने ट्रेनिंग शुरू करने की मांग की थी

पिछले हफ्ते खेल मंत्री किरन रिजिजू ने एथलीट्स से वीडियो कॉन्फ्रेंस पर बातचीत में उनका पक्ष जाना था। 3 मई को रिजिजू ने ऐलान किया कि सरकार चरणबद्ध तरीके से खेल शुरू करने पर विचार कर रही है। उन्होंने यह बात खासतौर पर ओलिंपिक खेलों से जुड़े एथलीट्स के संदर्भ में कही थी।

आईओए ने सरकार से 220 करोड़ रु. की आर्थिक मदद मांगी

इधर, भारतीय ओलिंपिक संघ (आईओए) के अध्यक्ष नरिंदर बत्रा ने रविवार को खेल मंत्री को चिठ्ठी लिखकर ओलिंपिक के ट्रेनिंग कैम्प दोबारा शुरू करने की मांग की। साथ ही उन्होंने खेल संघों की मदद के लिए 220 करोड़ रुपए की भी मांग की है। 

स्पॉन्सर्स मिलना मुश्किल: ओईओए

बत्रा ने कहा कि मौजूदा हालात में ओलिंपिक के लिए अगले एक साल तक स्पॉन्सर्स मिलना मुश्किल है। ऐसे में संकट के इस दौर में सरकार को खेल संघों को आर्थिक मदद देनी होगी।

साई ने खिलाड़ियों के लिए एसओपी तैयार किया
स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (साई) ने लॉकडाउन के बाद खेलों की सुरक्षित वापसी को लेकर 33 पन्नों का स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसिजर यानी एसओपी तैयार किया है। इसमें ट्रेनिंग शुरू करने से पहले खिलाड़ियों को कोरोना टेस्ट कराने के साथ ही आरोग्य सेतु ऐप डाउनलोड करना होगा। 

खिलाड़ियों के लिए तैयार हुए स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसिजर की अहम बातें

  • खिलाड़ी छोटे ग्रुप्स में ट्रेनिंग शुरू कर सकेंगे।
  • कोरोना टेस्ट की रिपोर्ट निगेटिव आने तक खिलाड़ी क्वारैंटाइन में रहेंगे।
  • खिलाड़ियों को दोबारा ट्रेनिंग शुरू करने का फाइनल क्लीयरेंस साई सेंटर्स पर तैनात डॉक्टर ही देंगे।
  • ग्ल्वस और मास्क पहनने के बाद ही फिटनेस इक्विपमेंट के इस्तेमाल की इजाजत दी जाए।
  • एक बार में पांच खिलाड़ियों को ही फिटनेस रूम के इस्तेमाल की मंजूरी हो।
  • सभी खिलाड़ी, कोच और सपोर्ट स्टाफ सोशल डिस्टेंसिंग से जुड़े नियमों का कड़ाई से पालन करें।
  • खिलाड़ियों को खुले कमरों और हवादार कमरों में ही रखा जाए।
  • नेशनल स्पोर्ट्स फेडरेशन हाईजीन ऑफिसर की नियुक्ति करें।

ज्यादा जरूरी होने पर ही खिलाड़ी मसाज कराएं

इसके अलावा एसओपी तैयार करने वाली कमेटी ने खिलाड़ियों को बहुत जरूरी होने पर ही फिजियोथैरेपी और मसाज के कराने का सुझाव दिया है। इस दौरान हाईजीन का खास ध्यान रखने के लिए कहा गया है। 

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