सोने में क्यों दिख रही तेज गिरावट, आगे कौन सी दिशा ले सकती है पीली धातु

  • एमसीएक्स पर गोल्ड फ्यूचर्स अपने हाल के उच्च स्तर 47,500 रुपए के मुकाबले 4 फीसदी से ज्यादा गिर चुका है
  • कमजोर डॉलर और अमेरिका-चीन व्यापारिक विवाद निकट भविष्य में सोने की कीमत को और गिरने से रोकेंगे

दैनिक भास्कर

Jun 08, 2020, 02:36 PM IST

नई दिल्ली. सोने में पिछले सप्ताह तेज गिरावट दर्ज की गई है। इसके कारण निवेशक हैरान हैं। विश्लेषकों का हालांकि कहना है कि इस गिरावट का पहले से ही अनुमान था। इसका कारण यह है कि दुनियाभर में लॉकडाउन के बाद आर्थिक गतिविधियों में तेजी आने और प्रमुख आर्थिक आंकड़ों में सुधार होने से जोखिम वाली संपत्तियों का आकर्षण बढ़ रहा है। विश्लेषकों के मुताबिक हालांकि सोने में बहुत अधिक गिरावट होने की संभावना नहीं है। कमजोर डॉलर और अमेरिका-चीन व्यापारिक विवाद निकट अवधि में सोने की कीमत को गिरने से रोकेंगे।

शेयर बाजार की उल्टी दिशा में चलती है सोने की कीमत

सोने की कीमत शेयर बाजार के उल्टी दिशा में चलती है। हाल में शेयर बाजार में तेज उछाल देखा गया है। शेयरों में यह तेजी इसलिए आई है क्योंकि कोरोनावायरस संकट के बाद वैश्विक अर्थव्यवस्था में उम्मीद से अधिक तेजी से विकास होने की संभावना दिखने लगी है। अमेरिका में मई की बेरोजगारी दर में भारी गिरावट और एशिया के कुछ देशों में बेहतर पीएमआई आंकड़े के बाद सुरक्षित निवेश संपत्ति के रूप में सोने का आकर्षण घट गया है।

लॉकडाउन के दौरान लगाई गई अधिकतर पाबंदियां उठा ली गई हैं

जहां तक भारत की बात है, तो लॉकडाउन के दौरान लागू की गई अधिकतर पाबंदियां उठा ली गई हैं। देश के अधिकतर हिस्से में सोमवार से शॉपिंग मॉल, रेस्तरां, होटलों का संचालन फिर से शुरू हो गया है। इससे अर्थव्यवस्था पर कोरोनावायरस के नकारात्मक असर को लेकर निवेशकों की चिंता घटी है। इस वजह से सुरक्षित निवेश के लिहाज से सोने की चमक घटी है।

सोने में प्रोफिट बुकिंग की संभावना

एंजल ब्रोकिंग में कमोडिटीज और करेंसी रिसर्च के डीवीपी अनुज गुप्ता ने कहा कि सोने की चमक घटने से गोल्ड में कुछ प्रोफिट बुकिंग हो सकती है। एक सप्ताह में एमसीएक्स पर सोना 45,800 रुपए से 45,500 रुपए के दायरे में रह सकता है। अंतरराष्ट्र्रीय बाजार में यह प्रति औंस 1,690 डॉलर के स्तर के आसपास रह सकता है।

एमसीएक्स पर हाल के ऊपरी स्तर से करीब 4 फीसदी गिर चुका है सोना

देश के प्रमुख कमोडिटी एक्सचेंज मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर शुक्रवार को गोल्ड फ्यूचर्स दो फीसदी या करीब 1,000 रुपए गिरकर 45,732 रुपए प्रति 10 ग्राम पर आ गया था। आंकड़ों के मुताबिक एमसीएक्स पर गोल्ड फ्यूचर्स अपने हाल के उच्चतम स्तर 47,500 रुपए के मुकाबले 4 फीसदी से ज्यादा गिर चुका है। सोमवार को एमसीएक्स पर 5 अगस्त को एक्सपायर होने वाला गोल्ड फ्यूचर्स 46,060 रुपए पर ट्रेड कर रहा था।

अमेरिका में बेरोजगारी दर 14.7% से घटकर 13.3% आई

पिछले सप्ताह जारी आंकड़ों के मुताबिक अमेरिका में बेरोजगारी दर मई में घटकर 13.3 फीसदी पर आ गई, जो अप्रैल में 14.7 फीसदी पर थी। इस दौरान दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था में 25 लाख रोजगाार बढ़े। मई में रोजगार में हुई बढ़ोतरी से यह संकेत मिलता है कि आर्थिक गतिविधियों के खुलने के कारण कंपनियों ने कर्मचारियों की संख्या बढ़ानी शुरू कर दी है।

रोजगार बढ़ने से जोखिम वाली संपत्तियों में तेजी को बल मिला है

जापान की ब्रोकरेज कंपनी नोमुरा ने कहा है कि शुक्रवार को अमेरिका में जारी रोजगार के आंकड़े उम्मीद से बेहतर रहे हैं। इससे जोखिम वाली संपत्तियों में तेजी को कुछ बल मिल सकता है। पिछले कुछ सप्ताह में कई और आर्थिक पैकेज जारी किए गए हैं। आने वाले दिनों में जापान में 1.1 लाख करोड़ डॉलर का दूसरा सप्लीमेंटरी बजट पारित हो सकता है। इसके अलावा यूरोपीय केंद्रीय बैंक (ईसीबी) ने बांड खरीदारी कार्यक्रम में 673 अरब डॉलर का इजाफा किया है।

गोल्ड ईटीएफ ने महज 5 माह में जितना सोना जुटाया, उतना कभी भी पूरे एक साल में भी नहीं जुटाया

वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल ने कहा है कि गोल्ड आधारित एक्सचेंज ट्र्रेडेट फंड (ईटीएफ) ने जनवरी से मई के बीच 623 टन सोने (34 अरब डॉलर) का अतिरिक्त संग्रह कर लिया है। ईटीएफ ने इतना सोना कभी भी पूरे एक साल में भी इकट्‌ठा नहीं किया था।

राहत पैकेज बढ़ने और ब्याज घटने से सोने की कीमत को मिलता है बल

एसएमसी ग्लोबल ने कहा कि साप्ताहिक चार्ट के मुताबिक सोने में कुछ और गिरावट आ सकती है। आगामी दिनों में सोना 45,300-47,100 रुपए के दायरे में रह सकता है। इस सप्ताह अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति बैठक होने वाली है। निवेशकों की इस पर नजर है। राहत पैकेज में बढ़ोतरी करने और ब्याज दर घटाए जाने से सोने की कीमत बढ़ती है। क्योंकि महंगाई और मुद्रा में गिरावट की हेजिंग करने के लिए गोल्ड में निवेश किया जाता है। नोमुरा ने कहा कि डॉलर की कमजोरी और अमेरिका-चीन व्यापारिक तनाव से सुरक्षित निवेश संपत्ति के रूप में सोने की कीमत को मजबूती मिलती रह सकती है।