सेहत के लिए मुसीबत बन सकती है स्मार्टवॉच, घड़ी हैक कर मरीज को कई बार भेजे जा सकते हैं दवा लेने के फेक रिमाइंडर

  • ब्रिटेन की सुरक्षा फर्म पेन टेस्ट पार्टनर्स ने इस खामी का पता लगाया
  • खामी का पता लगने के बाद चीनी निर्माता ने सिस्टम में सुधार किया

दैनिक भास्कर

Jul 09, 2020, 03:19 PM IST

लंदन. सेहत की निगरानी के लिए खरीदी गई स्मार्टवॉच भी परेशानी का कारण बन सकती है। हाल ही में सुरक्षा शोधकर्ताओं ने बताया कि बुजुर्ग मरीजों की मदद के लिए इस्तेमाल की जाने वाली स्मार्टवॉच के सॉफ्टवेयर को आसानी से हैक कर उसका दुरुपयोग किया जा सकता है।
इसमें खासतौर से डिमेंशिया के मरीजों की घड़ियों को टार्गेट किया जा रहा है। इसमें हैकर जब चाहें तब अपने अनुसार मरीज को दवा लेने का रिमाइंडर भेज सकते हैं। शोधकर्ताओं ने चिंता जताते हुए कहा कि इससे ओवरडोज हो सकता है और मरीज की हालत और बिगड़ सकती है। हालांकि चीनी कंपनी को सूचना देने के बाद उन्होंने इस खामी को दूर कर दिया।

ब्रिटेन की सुरक्षा फर्म पेन टेस्ट पार्टनर्स ने की खामी की खोज
हालांकि, इस प्रकार की स्मार्ट वॉच से जुड़ने वाले ऐप के 10 मिलियन (यानी 1 करोड़) से अधिक डाउनलोड हैं। शोधकर्ताओं का कहना है कि यह जानने का कोई तरीका नहीं है कि इसमें सुधार किए जाने से पहले किसी और द्वारा इस खामी का इस्तेमाल तो नहीं किया गया। ब्रिटेन स्थित सुरक्षा फर्म पेन टेस्ट पार्टनर्स ने इस खामी का पता लगाया।

उजागर की जा सकती है यूजर की तमाम जानकारियां

  • यह खामी SETracker नाम के सिस्टम में थी, जिसका उपयोग कई अलग-अलग कंपनियों द्वारा बनाई गई सस्ती स्मार्टवॉच की एक बड़ी रेंज में किया जाता था, जो बड़े स्तर पर बिक्री के लिए ऑनलाइन उपलब्ध रहती हैं।
  • पेन टेस्ट के पार्टनर केन मुनरो ने कहा कि हम किसी भी स्मार्टवॉच यूजर की स्थिति का उजागर कर सकते हैं, उसकी बातें सुन सकते हैं यहां तक की हम उन्हें दवा लेने के लिए भी अलर्ट कर सकते हैं।

डिमेंशिया ग्रस्त मरीजों के लिए काम की है स्मार्टवॉच
डिमेंशिया ग्रस्त मरीजों के लिए तैयार की गई स्मार्टवॉच उनके लिए मददगार साबित हो सकती हैं। उदाहरण के तौर पर अगर मरीज टहलते हुए कहीं खो जाए तो ऐसी स्थिति में यह उनकी देखभाल करने वाले व्यक्ति को कॉल कर देगी, जो उनकी लोकेशन ट्रैक कर सकते हैं।

पिल्स नोटिफिकेशन में पाई गई खामी

  • टेक पिल्स नोटिफिकेशन एक देखभाल करने वाले व्यक्ति को दूर से रिमाइंडर भेजने की अनुमति देता है। शोधकर्ताओं ने बताया कि यह वही जगह है जहां गलती हुई है। एक बेसिक हैकिंग स्किल्स जानने वाला व्यक्ति भी दवा लेने का अलर्ट जितनी बार चाहें उतनी बार ट्रिगर कर सकता है। जबकि डिमेंशिया पीड़ित व्यक्ति यह याद नहीं रख सकता है कि वे पहले दवा ले चुका है या नहीं।
  • हालांकि, चीनी निर्माता ने खामी के बारे में सूचित किए जाने के कुछ दिन में जवाब दिया और यूजर को किसी भी अपडेट को इंस्टॉल करने की आवश्यकता के बिना सिस्टम में सुधार किया।