सेबी ने रिवर्सल ट्रेड के आरोप में ब्लू बुल इक्विटीज पर 25 लाख रुपए का जुर्माना लगाया, आर्टफिशियल तरीके से वोल्यूम को बनाया गया

  • जीजी ओवरसीज प्राइवेट लिमिटेड में ब्लू बुल ने किया था कारोबार
  • सेबी ने जांच के दौरान पाया कि कंपनी ने गलत तरीका अपनाया

दैनिक भास्कर

Jun 30, 2020, 06:59 PM IST

मुंबई. पूंजी बाजार नियामक सेबी ने इलिक्विड स्टॉक में रिवर्सल कारोबार के आरोप में ब्लू बुल इक्विटीज पर 25 लाख रुपए की पेनाल्टी लगाई है। यह कारोबार बीएसई में लिस्टेड शेयर में हुआ था। यह कंपनी एक दूसरी कंपनी के साथ यह काम कर रही थी। 

सेबी की जांच में कारोबार सही नहीं था

सेबी ने जांच में पाया कि यह कारोबार वास्तविक नहीं था और इसमें गलत और मिसलीडिंग तरीके से ऑर्टिफिशियल वोल्यूम तैयार किया गया। सेबी ने जांच के दौरान पाया कि एक अप्रैल 2014 से 30 सितंबर 2015 तक यह कारोबार किया गया। रिवर्सल कारोबार का मतलब एक ही कंपनी में शेयरों को खरीदना और बेचना होता है। इससे कंपनी के शेयरों में वोल्यूम तैयार होता है जो आर्टिफिशियल तरीके से बनता है।

कुल 826 करोड़ यूनिट गलत तरीके से तैयार की गई

सेबी ने पाया कि कुल 2.91 लाख ट्रेड किए गए। इससे 826 करोड़ यूनिट का आर्टिफिशियल वोल्यूम तैयार हुआ। सेबी के अनुसार आरोपियों ने कुल 234 यूनिट कांट्रैक्ट में कारोबार किया और 233 कांट्रैक्ट से 507 नॉन जेन्यूइन ट्रेड का निर्माण हुआ। इससे 1.51 करोड़ ऑर्टिफिशियल वोल्यूम तैयार हुआ। ब्लूबेल ने जीजी ओवरसीज प्राइवेट में यह कारोबार किया।

सेबी ने कहा कि ब्लू बुल इक्विटीज ने कई मामलों में नियमों का उल्लंघन किया और इस वजह से शेयरों में एक आर्टिफिशियल तरीके से वोल्यूम का निर्माण हुआ। इससे शेयरों की कीमतों में उतार-चढ़ाव देखा गया।