सेबी ने नियमों के उल्लंघन के मामले में एंबिट कैपिटल पर 15.30 लाख रुपए का सेटलमेंट चार्ज लगाया, मन्नापुरम फाइनेंस में हुआ था मामला

  • एंबिट कैपिटल ने मन्नापुरम की गुप्त जानकारियों को पब्लिश किया था
  • इसके आधार पर एंबिट कैपिटल के कुछ क्लाइंट मन्नापुरम के शेयरों को बेच दिए थे

दैनिक भास्कर

Jun 26, 2020, 07:43 PM IST

मुंबई. सेबी ने जांच में पाया कि 19 मार्च 2013 को मन्नापुरम फाइनेंस लिमिटेड के शेयरों में 20 प्रतिशत की गिरावट आई। हालांकि बाद में बीएसई पर शेयरों की कीमतें इसलिए बढ़ी क्योंकि कंपनी ने सूचना दी कि सोने की कीमतों में गिरावट से उसके लोन की रिकवरी हो सकती है। यह भी पाया गया कि कंपनी ने तिमाही वित्तीय परिणाम की कुछ जानकारियां एंपिट कैपिटल को भी दी।

मन्नापुरम बोर्ड की मीटिंग 13 मार्च 2013 को हुई थी। यह संभावना थी कि कंपनी निगेटिव लाभ को पेश करेगी। 18 मार्च 2013 को एंबिट कैपिटल ने मीटिंग की और उसमें यूपीएसआई (संवेदनशील और गुप्त सूचनाओं) की बात सामने आई। इस मीटिंग के बाद एंबिट कैपटल ने मन्नापुरम के स्टॉक को खरीदने की रेटिंग से घटाकर रिव्यू की रेटिंग कर दी। इसे रिसर्च रिपोर्ट बनाकर पब्लिश कर दी। यह रिपोर्ट कुछ ग्राहकों को 19 मार्च को बाजार खुलने से पहले दे दी गई।

एंबिट कैपिटल के जिन ग्राहकों को यह रिपोर्ट मिली उन्होंने शेयरों को बेच दिया। इसी बीच एंबिट कैपिटल की कंप्लायंस ऑफिसर प्रियंका जैन कोड ऑफ कंडक्ट को लागू करने में फेल हो गईँ। सेबी ने इसके बाद सेटलमेंट ऑर्डर जारी किया जिसमें 15 लाख 30 हजार रुपए सेटलमेंट चार्ज के रूप में देने का आदेश दिया।