सिर्फ 7 साल की उम्र में धोनी से प्रेरणा पाकर प्रोफेशनल क्रिकेट की शुरुआत की, आज किसी पहचान के मोहताज नहीं मोक्ष मुरगई

  • पहले कॉलेज टीम के कप्तान रहे, फिर अंडर-14 राष्ट्रीय, अंडर-16 राष्ट्रीय जूनियर लेवल, और अंडर-19 सीनियर लेवल की श्रेणियों में खेले मोक्ष मुरगई
  • मोक्ष के पास अब तक घरेलू क्षेत्र में 250 से ज्यादा विकेट के साथ 30 से अधिक शतक और 50 से अधिक अर्ध शतक का रिकॉर्ड

दैनिक भास्कर

Jun 29, 2020, 06:30 PM IST

जालंधर. क्रिकेट के खेल में एक से बढ़कर एक टैलेंट आते रहते हैं। हाल में टीम इंडिया की मजबूती का कारण टीम में एक से बढ़कर एक टैलेंटेड युवा खिलाड़ियों का आना है। ऐसे ही एक युवा टैलेंटेड उभरते सितारे मोक्ष मुरगई भी हैं। मोक्ष ने बहुत ही कम समय में अपने खेल से सबको प्रभावित कर अपनी अलग ही पहचान बनाई है। बीते दिनों एक अंतरराज्यीय प्रतियोगिता के दौरान जालंधर आए महज 20 साल के इस होनहार खिलाड़ी ने दैनिक भास्कर के साथ अपने अनुभव सांझा किए। आइए मोक्ष की जिंदगी और क्रिकेट कॅरियर से जुड़ी कुछ खास बातें जानते हैं।

दिल्ली के रहने वाले मोक्ष मुरगई बताते हैं कि महज 7 साल की उम्र से ही क्रिकेट सितारे महेंद्र सिंह धोनी से प्रेरित हो अपने पेशेवर क्रिकेट कॅरियर की शुरुआत कर दी थी। थोड़े दिन पहले ही दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ का खेल अध्यक्ष भी इन्हें नियुक्त किया गया था। उन्होंने अपने कॉलेज टीम की कप्तानी भी की है, जिसमें टीम को कई जीत भी दिलाई है। वहीं मोक्ष ने सब जूनियर (अंडर 14), जूनियर (अंडर 16) और सीनियर्स (अंडर 19) सभी श्रेणियों में राष्ट्रीय भूमिका निभाई है। पिछले सीजन में ही मोक्ष मुरगई की शानदार बल्लेबाजी का नजारा देखने को मिला था, जहां उन्होंने 1200 से अधिक रन बनाए थे।

एक मैच के दौरान शॉट खेलते दाएं हाथ के बल्लेबाज मोक्ष मुरगई।

दाएं हाथ के बल्लेबाज और ऑफ स्पिनर मोक्ष मुरगई का ये दृढ संकल्प ही था कि उन्हें 2019-20 में मेरठ के एसएच स्पोर्ट्स अनुबंध करने का मौका मिला। इसके अलावा मोक्ष मुरगई ने रेलवे रणजी ट्रॉफी और अंडर-23 कैंप में भी हिस्सा लिया है और लखनऊ में साल 2019 में आयोजित एक टूर्नामेंट में भारत का प्रतिनिधित्व भी कर चुके हैं। मोक्ष के पास अब तक घरेलू क्षेत्र में 250 से ज्यादा विकेट के साथ 30 से अधिक शतक और  50 से अधिक अर्ध शतक का रिकॉर्ड है। मोक्ष ने रेलवे की रणजी ट्रॉफी और अंडर 23 कैंप में भी भाग लिया है। उन्होंने आगे कहा, मेरे परिवार ने मेरे पूरे कॅरियर में मेरा साथ दिया। मेरे पतन काल में भी मेरे परिजन आधार स्तंभ हैं।

रोजाना 4-5 घंटे से ज्यादा का वर्क आउट है फिटनेस का राज
अपनी फिटनेस और प्रतिभानिखार के राज के बारे में मोक्ष बताते हैं कि वह छत पर ही रोजाना 4-5 घंटे से अधिक वर्क आउट करते है। इसमें उसके फिटनेस सत्र, नेट सत्र, क्षेत्ररक्षण सत्र और कूल डाउन सत्र शामिल होते है। हालांकि वह पीठ की एक एक गंभीर समस्या भी जूझे, मगर अपने सपने को छोड़ा नहीं। उन्होंने यह भी बताया कि उन्होंने अपने करियर में बहुत त्याग किया है और हमेशा अपने खेल को प्राथमिकता देते हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *