साइना ने कहा- माता-पिता का सपना 2012 में मेडल जीतकर पूरा किया; पहलवान सुशील बोले- 2008 और 2012 की सफलता ने जीवन बदल दिया

  • सुशील कुमार अकेले भारतीय पहलवान हैं, जिन्होंने ओलिंपिक में सिल्वर समेत दो मेडल जीते हैं
  • बैडमिंटन स्टार साइना नेहवाल ने 2012 लंदन ओलिंपिक में देश को ब्रॉन्ज मेडल दिलाया था

दैनिक भास्कर

Jun 23, 2020, 05:30 PM IST

आज 73वां अंतरराष्ट्रीय ओलिंपिक दिवस मनाया जा रहा है। इसकी शुरुआत 23 जून 1948 से हुई थी। हालांकि, पहला आधुनिक ओलिंपिक 1896 में ग्रीस के एथेंस में खेला गया था। भारत ने 1920 में पहली बार आधिकारिक टीम भेजने के बाद से अब तक 26 मेडल जीते हैं। इसमें 9 गोल्ड, 5 सिल्वर और 12 ब्रॉन्ज शामिल हैं।

देश को हॉकी में 11 और शूटिंग में 4 पदक मिले हैं। इसके अलावा रेसलिंग में 5, बैडमिंटन-बॉक्सिंग में 2-2 और टेनिस-वेटलिफ्टिंग में 1-1 पदक जीता है। साइना नेहवाल ने बैडमिंटन में 2012 में ब्रॉन्ज जीता था। जबकि रेसलर सुशील कुमार ने 2008 और 2012 में ब्रॉन्ज और सिल्वर अपने नाम किया था।

2012 ओलिंपिक मेरे लिए बहुत खास था: साइना
साइना ने ट्वीट किया, ‘‘2012 लंदन ओलिंपिक में जब मैंने ब्रॉन्ज मेडल जीता, वह बहुत ही खास पल था। जब से मैंने बैडमिंटन को ज्वॉइन किया था, तब से मेरे और मेरे माता-पिता के लिए यह सपना था, जो मेरी कड़ी मेहनत और त्याग के बाद पूरा हो पाया।’’

सुशील ने ओलिंपिक में दो मेडल जीते
सुशील कुमार ने ट्वीट किया, ‘‘2008 के ओलिंपिक मेडल ने मेरा जीवन बदल दिया था। इसके बाद 2012 में दूसरा मेडल जीतने के बाद इतिहास बन गया। मैंने मेडल का रंग बदलने के लिए कड़ी मेहनत की थी। अब भविष्य के लिए आपका आर्शीवाद चाहिए।”

सुशील ने 2008 बीजिंग ओलिंपिक में ब्रॉन्ज और 2012 लंदन गेम्स में सिल्वर मेडल जीता था। इनके अलावा रेसलिंग में अब तक किसी पहलवान ने ओलिंपिक में दो मेडल नहीं जीते हैं और न ही किसी पहलवान ने सिल्वर जीता है। सुशील के अलावा केडी जाघव, साक्षी मलिक और योगेश्वर दत ने ब्रॉन्ज मेडल जीते हैं।

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