सरकार द्वारा 12 लाख करोड़ रुपए उधारी लेने की घोषणा से बेंचमार्क सॉवरेन बांड तीन साल के निचले स्तर पर पहुंचा

  • 10 साल के सॉवरेन बांड पर यील्ड 18 बीपीेस बढ़कर 5.89 प्रतिशत पर पहुंची
  • फिस्कल गैप अगले साल मार्च तक जीडीपी का 5.5 प्रतिशत रहने की संभावना है

दैनिक भास्कर

May 11, 2020, 07:54 PM IST

मुंबई. सरकार द्वारा कोविड-19 की वजह से राजस्व के नुकसान को कवर करने के लिए आधे से अधिक उधार लेने के बाद भारत में बेंचमार्क सॉवरेन बांड तीन साल में सबसे अधिक गिर गए हैं। फरवरी 2017 के बाद जब 27 बीपीएस की बढ़ोतरी हुई थी तब 10 साल के बांड की यील्ड 20 बेसिस पॉइंट की बढ़त के बाद 6.17 प्रतिशत पर बंद हुई थी।

आर्थिक पैकेज के लिए उधारी लेगी सरकार

बता दें कि शुक्रवार देर रात सरकार ने 1 अप्रैल से शुरू हुए वित्त वर्ष के लिए 12 लाख करोड़ रुपए उधार लेने की घोषणा की थी। यह बजट में पेश किए गए 7.8 ट्रिलियन रुपए से ज्यादा है। बढ़ी हुई उधार राशि सरकार द्वारा कुछ नए और बड़े आर्थिक पैकेज की संभावित घोषणा के मद्देनजर है। उधारी में वृद्धि भारतीय रिजर्व बैंक के डेट मार्केट के लिए समर्थन बढ़ाने की दिशा में एक कदम है, जिसने ग्लोबल फंड को पलायन करते देखा है। सरकार चार दशकों से अधिक समय में पहली बार इतनी आर्थिक मुश्किल में है।

आरबीआई को खुले बाजार में खरीद बढ़ानी होगी

आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज प्राइमरी डीलरशिप लिमिटेड के मुख्य अर्थशास्त्री ए प्रसन्ना ने कहा कि यह कहना गलत नहीं होगा कि सरकार का संशोधित उधार कार्यक्रम बांड बाजार के लिए तेज झटके के रूप में आया है। उन्होंने कहा कि आरबीआई को खुले बाजार में खरीद बढ़ानी होगी या ऑपरेशन ट्विस्ट प्रोग्राम को लागू करना होगा। आरबीआई ने चार सप्ताह में सेकेंडरी मार्केट में शु्द्ध कर्ज का 910 अरब रुपए खरीदा है और हाल ही में तथाकथित ऑपरेशन ट्विस्ट कार्यक्रम को पुनर्जीवित किया है, जहां उसने बिल बेचे और बांड खरीदे।

आरबीआई ने बड़े पैमाने पर बांड खरीद योजना की घोषणा नहीं की है

आरबीआई ने किसी भी बड़े पैमाने पर बांड खरीद योजनाओं की घोषणा नहीं की है। पीएनबी गिल्ट्स लिमिटेड में फिक्स्ड इनकम के वाइस प्रेसिडेंट विजय शर्मा ने कहा कि अगर हम आरबीआई से यह नहीं सुनते हैं कि वे उधारी को किस तरह का स्पष्ट समर्थन देने जा रहे हैं तो बांड्स में सेल् ऑफ और ज्यादा होगा। उन्हें लगभग सभी अतिरिक्त सप्लाई लेनी होगी। आरबीआई के पूर्व गवर्नर सहित बाजार के पार्टिसिपेंट्स ने कहा है कि आरबीआई को नीलामी में सॉवरेन बॉन्ड खरीदने पर विचार करना चाहिए।

सरकार कम उधार भी ले सकती है

वित्त मंत्रालय के एक अधिकारी ने सोमवार को कहा कि फिस्कल गैप मार्च 2021 तक के लिए जीडीपी का लगभग 5.5 प्रतिशत रहने की संभावना है। अधिकारी ने कहा कि आरबीआई द्वारा सीधे कर्ज खरीदने की कोई योजना नहीं है और सरकार 12 लाख करोड़ रुपए के संशोधित लक्ष्य से कम उधार ले सकती है। व्यापारियों ने कहा कि शीर्ष रेटेड 10 साल के कॉर्पोरेट नोट पर यील्ड 20 बीपीएस से ज्यादा बढ़ी। यह 16 अप्रैल के बाद से सबसे बड़ी छलांग है। शुक्रवार को 5.79 प्रतिशत की कूपन दर से व्यापार शुरू करने वाले नए 10 साल के सॉवरेन बांड पर यील्ड 18 बेसिस पॉइंट्स बढ़कर 5.89 प्रतिशत पर पहुंच गई।

बांड की यील्ड कम करने के लिए हो सकती है उपाय

नोमुरा होल्डिंग्स इंक के रणनीतिकार दुष्यंत पद्मनाभन ने कहा कि हम उम्मीद करते हैं कि बांड की यील्ड को कम करने के लिए आरबीआई 10 साल के सरकारी बांड से ऑपरेशन करेगा। स्टैंडर्ड चार्टर्ड पीएलसी के रणनीतिकार नागराज कुलकर्णी ने कहा कि हम उम्मीद करते हैं कि आईजीबी कर्व का शार्ट एंड मनी मार्केट में बना रहेगा जबकि आपूर्ति के दबाव के कारण लांग एंड ऊंचा रह सकता है।