सरकारी कंपनी भेल को मार्च तिमाही में 1,532.18 करोड़ रुपए का कंसॉलिडेटेड घाटा हुआ

  • मार्च 2019 तिमाही में कंपनी को हुआ था 680.77 करोड़ रुपए का कंसॉलिडेटेड शुद्ध लाभ
  • विश्लेषकों को भेल के शुद्ध लाभ में 65 फीसदी तक की कमी आने का अनुमान था

दैनिक भास्कर

Jun 13, 2020, 07:21 PM IST

नई दिल्ली. सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी भारत हैवी इलेक्ट्रकल्स लिमिटेड (भेल) ने शनिवार को अपना वित्तीय परिणाम जारी किया। कंपनी को मार्च 2020 तिमाही में 1,532.18 करोड़ रुपए का कंसॉलिडेटेड घाटा हुआ है। एक साल पहले की समान अवधि में कंपनी को 680.77 करोड़ रुपए का कंसॉलिडेटेड शुद्ध लाभ हुआ था। विश्लेषकों को शुद्ध लाभ में 65 फीसदी तक की कमी आने का अनुमान था।

बिक्री में 53.65 फीसदी की गिरावट

ईटी की एक रिपोर्ट के मुतााबिक कंपनी ने कहा कि उसकी कंसॉलिडेटेड बिक्री मार्च तिमाही में 53.65 फीसदी घटकर 4,594.10 करोड़ रुपए रही। एक साल पहले की समान तिमाही में यह 9,912.08 करोड़ रुपए था। 

लॉकडाउन का असर

बीएसई को दी गई सूचना में भेल ने कहा कि कोरोनावायरस से निजात पाने के लिए पूरे देश में लगाए गए लॉकडाउन के कारण कुछ समय के लिए कंपनी का परिचालन प्रभावित हुआ। 23 मार्च से 31 मार्च के बीच मैन्यूफैक्चरिंग और साइट एक्जीक्यूशन की गतिविधियां बंद रहीं। इसके कारण और पूरे दुनिया में कोरोनावायरस के असर के कारण कंपनी की आय प्रभावित हुई।

कंपनी ने अंतिम लाभांश की घोषणा नहीं की

कंपनी ने कहा कि कोरोनावायरस महामारी के कारण उसकी आय में 4,000 करोड़ रुपए का नुकसान होने का अनुमान है। कोरोनावायरस महामारी और विशेष परिस्थितियों के कारण भेल के बोर्ड ने कारोबारी साल 2020 के लिए अंतिम लाभांश देने की घोषणा नहीं की।