लॉर्ड्स में वर्ल्ड कप जीत के जश्न में शामिल होने के लिए शशि कपूर को दूसरे से लेना पड़ा था कोर्ट और टाई

  • श्रीकांत जीत के बाद बालकनी में खड़े होकर कुछ ही मिनटों में 20 सिगरेट पी गए थे
  • आज तक नहीं पता कि टीम की जीत के बाद किसने दी थी पार्टी

दैनिक भास्कर

Jun 25, 2020, 11:45 PM IST

नई दिल्ली. 1983 वर्ल्ड कप जीत के बाद भारतीय क्रिकेट टीम जश्न में डूब गई। जब ये जश्न मन रहा था, तभी मशहूर अभिनेता शशि कपूर वहां पहुंच गए। कपिलदेव ने अपनी आत्मकथा ‘स्ट्रेट फ़्रॉम द हार्ट’ में लिखा है कि “जब हम ‘ड्रेसिंग रूम’ से बाहर निकले तो वहां ‘साउथ हॉल’ से आए कुछ पंजाबी नाचने लगे। फिर किसी ने आकर मुझसे कहा कि शशि कपूर बाहर खड़े हैं और अंदर आना चाहते हैं। मैं टीम के दो सदस्यों के साथ उन्हें लेने बाहर गया। उस दिन हमने लॉर्ड्स के सारे क़ायदे-क़ानून तोड़ डाले।”

कपिल ने लिखा, “लॉर्ड्स के मुख्य स्वागत कक्ष में कोई भी बिना कोट-टाई पहने घुस नहीं सकता। हमने शशि कपूर के लिए टाई का इंतज़ाम तो कर लिया, लेकिन वो इतने मोटे हो चुके थे कि हम में से किसी का कोट उन्हें ‘फिट’ नहीं आया। लेकिन, शशि कपूर ‘स्मार्ट’ शख़्स थे। उन्होंने एक ‘स्टार’ की तरह कोट अपने कंधे पर डाला और टाई बांधे हुए अंदर घुस आए। फिर उन्होंने हम सब के साथ जश्न मनाया।”

श्रीकांत कुछ ही घंटों में पीए गए 20 सिगरेट

1983 वर्ल्ड टीम के सदस्य रहे कृष्मणचारी श्रीकांत ने एक इंटरव्यू में वर्ल्डकप के अनुभव के बारे में बताते हुए कहा था कि उन्हें यकीन ही नहीं हो रहा था कि भारतीय टीम वर्ल्ड चैंपियन बन गई है। उन्होंने कहा था कि वह इस बात को यकीन करने के प्रयास में वह कुछ ही मिनटों में लॉर्ड्स की बालकनी में खड़े होकर 20 सिगरेट पीए गए थे।

आज तक नहीं पता की टीम के जीत के बाद किसने दी थी पार्टी

1983 वर्ल्ड कप के हीरो और टीम के कप्तान कपिलदेव ने दिए इंटरव्यू में बताया था कि जब होटल पहुंचकर पार्टी हुई तो खिलाड़ी काफी ड्रिंक्स पी रहे थे और एन्जॉय कर रहे थे। हालांकि, उन्हें इस बात की चिंता थी कि इस पार्टी के पैसे कौन देगा। क्योंकि, उस समय खिलाड़ियों को बहुत ही सीमित बजट दिया जाता था। 

कपिल ने मजाक में कहा था कि मैं सोच रहा था कि होटल में बर्तन साफ करने पड़ेंगे। हालांकि, बाद में मुझे हैरानी हुई कि आखिर पार्टी में पैसे किसने दिए। मैं नहीं जानता था कि उस पार्टी के पैसे किसने दिए।

सुनील वाल्सन नहीं खेले थे एक भी मैच

टीम में मौजूद बाएं हाथ के तेज गेंदबाज़ सुनील वाल्सन को वर्ल्ड कप के दौरान एक भी मैच खेलने का मौका नहीं मिला। वर्ल्ड कप के बाद भी उन्हें कभी वनडे खेलने का मौका नहीं मिल पाया।

मोहिंदर अमरनाथ ने निभाई थी कोच की भूमिका

वर्ल्ड कप के दौरान टीम इंडिया के साथ कोई कोच और फिजियो नहीं था। ऐसे में टीम की ट्रेनिंग सत्र के दौरान मोहिंदर अमरनाथ ने मुख्य कोच की भूमिका निभाई। उन्होंने ही कपिल देव और सुनील गावस्कर के साथ मिलकर टीम की बल्लेबाज़ी और गेंदबाजी क्रम को तय किया था।

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