लॉकडाउन ने बढ़ाई ऑनलाइन लर्निंग की डिमांड; अनएकेडमी, वेदांतु, सिंपलीलर्न जैसी एडटेक कंपनियों के पास 12 हजार से अधिक नौकरियां

  • एडटेक कंपनियां लोगों को एडुकेटर्स और प्रोडक्ट मैनेजर के तौर पर हायर कर रही हैं
  • भारत में एडटेक कंपनियों में 90,000 नौकरियां गिग रोल के लिए हैं

दैनिक भास्कर

Jun 08, 2020, 12:44 PM IST

नई दिल्ली. लॉकडाउन की वजह से स्कूल और यूनिवर्सिटीज लगातार ऑनलाइन स्टडी मॉड्यूल की तरफ बढ़ रहे हैं। ऐसे में छात्रों को रिमोट लर्निंग के लिए एडटेक कंपनियां जैसे ग्रेडअप, वेदांतु, सिंपलीलर्न, अपग्रेड, अनएकेडमी, मसाई स्कूल और अन्य लोगों को एडुकेटर्स और प्रोडक्ट मैनेजर के तौर पर हायर कर रही हैं।

इस बारे में सिंपलीलर्न के सीईओ और संस्थापक कृष्ण कुमार ने कहा कि एडटेक क्षेत्र के लिए लॉकडाउन एक ‘गेम-चेंजर’ रहा है, क्योंकि छात्रों के साथ इससे जुड़े प्रोफेशनल्स के नामांकन में अचानक उछाल आया है।

एडटेक कंपनियों में 1 लाख से अधिक नौकरियां

मैनपावरग्रुप के अनुमान के मुताबिक, भारत में एडटेक कंपनियों में जून तक लगभग 12,000 स्थाई नौकरी हैं। दूसरी तरफ, इस सेक्टर में 90,000 नौकरियां गिग रोल के लिए है।

सिंपलीलर्न में अब स्थाई भूमिकाओं के लिए 100 से अधिक नौकरी हैं, जबकि गिग रोल के लिए यहां 500 वैकेंसी हैं। कृष्ण कुमार ने कहा, “सिंपलीलर्न में हमने मार्च और अप्रैल, 2020 के बीच में नामांकन के लिए 30% की बढ़ोतरी देखी। हायरिंग हमेशा हमारे प्लान का हिस्सा था। वर्तमान में इसकी बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए हमें ज्यादा मैनपावर की जरूरत है।”

उन्होंने कहा कि जहां तक ​​मूल्यांकन का सवाल है, कंपनी ‘वेट एंड वॉच’ मोड में है। लेकिन सभी बोनस और वैरिएबल्स का भुगतान योजना के अनुसार किया जाता है।

मसाई स्कूल जून में 20 लोगों को जोड़ेगा

मसाई स्कूल भी जून के आखिर तक लगभग 20 लोगों को जोड़ने की योजना बना रहा है। इसमें प्रमुख प्रशिक्षक, पाठ्यक्रम प्रमुख, तकनीकी संरक्षक, विपणन प्रबंधक, प्रवेश काउंसलर और विषय विशेषज्ञ शामिल हैं। मसाई स्कूल के सीईओ और सह-संस्थापक प्रतीक शुक्ला ने कहा, ”हमने इस साल मौजूदा टीम के लिए भी मूल्यांकन किया है।”

शिक्षार्थी आधार बढ़ने से शिक्षार्थियों की मांग बढ़ी

व्हाइटहट जूनियर में महीने-दर-महीने छात्रों के नामांकन में 100 प्रतिशत की वृद्धि हो रही है। इसे पूरा करने के लिए वो कर्मचारियों और शिक्षकों की संख्या को दोगुना कर रहा है। व्हाइटहट जूनियर के सीईओ करण बजाज ने कहा कि कंपनी हर महीने लगभग 1,500 शिक्षकों और 400 अन्य कर्मचारियों को नियुक्त करती है।

अनएकेडमी भी अगले एक साल में 500 से अधिक शिक्षकों को हायर करने की योजना बना रही है। अनएकेडमी की वाइस प्रेसिडेंट, एचआर टीना बालचंद्रन ने कहा कि हम सेल्स, ऑपरेशन्स जैसी पोस्ट पर लोगों को लाएंगे।

वेदांतू में 1500 कर्मचारी की जरूरत

एडटेक कंपनियां नौकरियों में वृद्धि का श्रेय ऑनलाइन लर्निंग की बढ़ती मांग को देती हैं। वेदांतू के सीईओ और सह-संस्थापक, वामसी कृष्णा ने कहा, “ऑनलाइन लर्निंग की बढ़ती मांग की वजह से हम अपने बैकएंड और टेक्नोलॉजी में तेजी ला रहे हैं। हम सभी लेबल पर 1500 कर्मचारियों जैसे टेक्नोलॉजी, प्रोडक्ट, फाइनेंस, स्ट्रेटजी और एचआई सेक्टर में नियुक्तियां की योजना बना रहे हैं।

कंपनी ने बताया कि छात्रों के औसतन 18-20 मिनट डेली लाइव क्लास से रेवेन्यू में 80 फीसदी की बढ़त आई है। दूसरी तरफ, ग्रेडअप ने डेली नामांकन में विशेष रूप से जेईई और एनईईटी कैंडिडेट्स के लिए लाइव क्लासेज में लगभग 25% वृद्धि आई है।

लॉकडाउन से जरूरतें बढ़ गईं

ग्रेडअप के सीईओ और संस्थापक शोभित भटनागर ने कहा, “कोविड-19 और लॉकडाउन की वजह से मांग में वृद्धि के कारण शैक्षणिक पदों में हमारी आवश्यकताएं बढ़ गई हैं। 

हमारी ऑनलाइन क्लासेज की मांग में ऑफलाइन क्लासेज की तुलना में तेजी आई है। हम इस डिमांड को पूरा करने के लिए टीम में भी वृद्धि कर रहे हैं। अगली तिमाही के लिए हम टेक्नोलॉजी, प्रोडक्ट और सेल्स के प्रोफेशनल्स को काम पर रखेंगे। हम मई से इन कैटेगरी के लिए 30-40 लोगों को काम पर रख रहे हैं।”

अपग्रेड के सीनियर स्टाफ में शामिल सीईओ अर्जुन मोहन और वाइस प्रेसिडेंट पुनीत तंवर ने कहा, “हमने प्रोडक्ट और बिजनेस साइड के साथ कुछ सीनियर मैनेजमेंट पदों को बंद कर दिया है, वे अगले 4-6 सप्ताह में हमारे साथ जुड़ेंगे। हमने सभी भर्ती प्रक्रियाओं को तत्काल प्रभाव से ऑनलाइन स्थानांतरित कर दिया है। वीडियो कॉलिंग की मदद से कैंडिडेट्स को शॉर्टलिस्ट कर रहे हैं।”

हायरिंग और ऑनबोर्डिंग में भी बदलाव देखा गया है। कंपनियां वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग टूल, टेक्नोलॉजी और डिजिटलाइजेशन का इस्तेमाल कर रही हैं।