रिलायंस इंडस्ट्रीज के कर्जमुक्त बनने के लिए 10 हजार करोड़ की जरूरत, जियो में 15,000 करोड़ का अंतिम निवेश आबूधाबी इनवेस्टमेंट करेगा

  • एडीआईए कर सकता है 15,000 करोड़ का निवेश
  • यूएई का सबसे बड़ा फंड पूरे विश्व में करता है निवेश

दैनिक भास्कर

Jun 02, 2020, 02:08 PM IST

मुंबई. रिलायंस इंडस्ट्रीज की टेलीकॉम कंपनी जियो प्लेटफॉर्म में आबूधाबी इनवेस्टमेंट अथॉरिटी (एडीआईए) 15,000 करोड़ रुपए का निवेश कर सकता है। एडीआईए, यूएई का सबसे बड़ा सॉवरेन वेल्थ फंड है। गल्फ का यह अमीर वेल्थ फंड्स विश्वभर में सौदा करने के लिए सक्रिय रहता है। इसके साथ ही इस 15 हजार करोड़ से रिलायंस इंडस्ट्रीज कर्जमुक्त के लिए अपनी पूरी राशि जुटा लेगी। कर्ज चुकाने की रकम के लिए यह अंतिम सौदा भी होगा।

पीआईएफ भी कर सकता है निवेश

हालांकि अभी तक यह तय नहीं है कि हर फंड कितना निवेश करेगा। कई लोगों का मानना है कि इसके बाद भी सउदी अरबिया का सॉवरेन वेल्थ फंड पब्लिक इनवेस्टेमेंट फंड (पीआईएफ) भी रिलायंस डिजिटल बिजनेस यूनिट में दो अरब डॉलर (15,000 करोड़ रुपए का) निवेश कर सकता है। कुछ लोगों का मानना है कि पीआईएफ अकेले ही 1.5 अरब डॉलर का निवेश कर सकता है। इसी तरह यूएई के दो अन्य संस्थान एक से सवा अरब डॉलर का निवेश कर सकते हैं। सूत्रों के अनुसार जियो प्लेटफॉर्म में हिस्सा बेचने का यह अंतिम चरण हो सकता है।

एडीआईए का टेक्नोलॉजी में पहला निवेश होगा

जानकारी के मुताबिक इस पूरे सौदे में पीआईएफ सबसे ज्यादा निवेश कर सकता है। माना जा रहा है कि इस सौदे की घोषणा इसी हफ्ते हो सकती है। यह सौदा अगर हुआ तो एडीआईए द्वारा टेक्नोलॉजी क्षेत्र में यह प्रथम निवेश होगा। अब तक मुबाडला टेक्नोलॉजी और कंज्यूमर इंटरनेट क्षेत्र में कंपनियों को मदद करती थी। एडीआईए रिलायंस के साथ पूरे भारत में फाइबर नेटवर्क में हिस्सा खरीदने की इच्छुक है लेकिन यह ट्रांजेक्शन काफी धीमी गति से चल रहा है।

जियो की हिस्सेदारी बिक्री से मिलेगा 90,000 करोड़ 

सूत्रों के मुताबिक रिलायंस जियो प्लेटफॉर्म में हिस्सा बिक्री से 85,000 से 90,000 करोड़ रुपए एकत्र करने की योजना है। अब तक पांच निवेशकों फेसबुक, प्राइवेट इक्विटी फंड्स सिल्वरलेक, विस्टा इक्विटी पार्टनर्स, जनरल एटलांटिका और केकेआर को 17.12 प्रतिशत हिस्सा बेचकर कंपनी ने 78,562 करोड़ रुपए जुटाया है। इस आधार पर सौदे और वैल्यूएशन को देखा जाए तो 1.5 अरब डॉलर में 2 प्रतिशत हिस्सेदारी मिल सकती है। अंतिम सौदे में प्राइवेट इक्विटी केकेआर ने 2.32 प्रतिशत हिस्सा खरीदा था और इसके लिए उसने 11,367 करोड़ रुपए चुकाया था।

सॉवरेन फंड डिफेंसिव सेक्टर में कर रहे हैं निवेश

सोमवार को रिलायंस इंडस्ट्रीज का शेयर 3.8 प्रतिशत बढ़कर 1,520 रुपए पर बंद हुआ था। जबकि सेंसेक्स 2.7 प्रतिशत बढ़ा था। इनवेस्टमेंट बैंकर्स ने बताया कि गल्फ देशों के सॉवरेन वेल्थ फंड अच्छा निवेश कर रहे हैं। इसका कारण यह है कि वैश्विक बाजारों का वैल्यूएशन घट रहा है। वे टेक्नोलॉजी, कम्युनिकेशन, हेल्थकेयर, रिटेल, लॉजिस्टिक सेक्टर आदि में खरीदी में दिलचस्पी ले रहे हैं।