यूके हाईकोर्ट में माल्या की आखिरी अर्जी खारिज, अब ह्यूमन राइट्स कोर्ट नहीं गया तो 28 दिन में भारत लाया जा सकता है

  • भगोड़े विजय माल्या पर भारतीय बैंकों के 9 हजार करोड़ रुपए बकाया, मार्च 2016 में लंदन भाग गया था
  • माल्या प्रत्यर्पण के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील करना चाहता था, लेकिन हाईकोर्ट ने इजाजत नहीं दी

दैनिक भास्कर

May 14, 2020, 06:37 PM IST

नई दिल्ली. भगोड़े शराब कारोबारी विजय माल्या को 28 दिन के अंदर प्रत्यर्पण कर भारत लाया जा सकता है। गुरुवार को प्रत्यर्पण के फैसले के खिलाफ उसकी अर्जी को ब्रिटिश हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया। इससे वह सुप्रीम कोर्ट में गुहार नहीं लगा पाएगा। अब माल्या के पास सिर्फ यूरोपियन कोर्ट ऑफ ह्यूमन राइट्स (ईसीएचआर) में अपील करने का इकलौता विकल्प है। अगर वह इसे इस्तेमाल नहीं करता है तो उसे जल्द ही भारत लाया जा सकता है।

लोकल मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ब्रिटेन की गृह मंत्री प्रीति पटेल भी 28 दिन में माल्या के प्रत्यर्पण को लेकर फैसला ले सकती हैं। इससे पहले माल्या ने एक बार फिर भारत सरकार से बकाया कर्ज लेने की गुहार लगाई। उसने गुरुवार को ट्वीट किया- सरकार 100% बकाया कर्ज चुकाने के प्रस्ताव को स्वीकर करे और मेरे खिलाफ सभी केसों को बंद कर दिया जाए।

20 लाख करोड़ के राहत पैकेज पर दी बधाई

ब्रिटेन में भारत प्रत्यर्पण की कार्यवाही का सामना कर रहे शराब कारोबारी और किंगफिशर एयरलाइंस के मालिक विजय माल्या ने कोरोना से लड़ाई में 20 लाख करोड़ रुपए का राहत पैकेज घोषित करने पर सरकार को बधाई दी। माल्या ने ट्विट में लिखा, ”कोविड-19 राहत पैकेज के लिए सरकार को बधाई। वे जितनी चाहे करेंसी छाप सकते हैं, लेकिन मेरे जैसे छोटा योगदान देने वाले जो स्टेट बैंक ऑफ इंडिया का 100 फीसदी बकाया लोन देने चाहता है उसे निरंतर उपेक्षित किया जा सकता है।”

पैसे ले लो और केस बंद कर दो

विजय माल्या भारतीय स्टेट बैंक की अगुवाई वाले बैंकों के कंसोर्टियम का करीब 9 हजार करोड़ रुपए का बकाया लेकर मार्च 2016 में देश छोड़कर लंदन भाग गया है। माल्या ने अपने ट्विट में आगे लिखा,” कृ्प्या मेरा पैसा बिना शर्त ले लो और मेरे खिलाफ सभी केसों को बंद कर दो।” आपको बता दें कि पिछले महीने ही ब्रिटेन की हाईकोर्ट ने भारत प्रत्यर्पण के खिलाफ विजय माल्या की अपील को खारिज कर दिया था। हाल ही में माल्या ने हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है।

कई बार कर्ज चुकाने का प्रस्ताव दे चुका है माल्या

63 वर्षीय विजय माल्या कई बार भारत सरकार के सामने किंगफिशर एयरलाइंस का पूरा कर्ज चुकाने का प्रस्ताव पेश कर चुका है। लॉकडाउन की शुरुआत में भी माल्या ने ट्विट के जरिए भारत सरकार के सामने पूरा कर्ज चुकाने का प्रस्ताव पेश किया था। माल्या ने कहा था कि ना तो बैंक पैसे लेने के लिए तैयार हैं और ना ही प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) अटैच प्रॉपर्टी को रिलीज करने के लिए तैयार है। माल्या ने लॉकडाउन के दौरान अपनी कंपनियों के कर्मचारियों का राहत देने के लिए सरकार से मदद की मांग भी की थी।

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