युनाइटेड स्पिरिट के इनसाडर ट्रेडिंग मामले में सेबी ने तीन लोगों पर 3 करोड़ रुपए की पेनाल्टी लगाई, दूसरे मामले में राखी ट्रेडिंग पर 5 लाख का फाइन

  • सेबी ने मंगलवार को 68 पेज के ऑडर्र में यह फैसला सुनाया है
  • राखी ट्रेडिंग मामले में 10 पेज के अलग ऑर्डर में दिया फैसला

दैनिक भास्कर

Jun 30, 2020, 09:12 PM IST

मुंबई. बाजार नियामक सेबी ने यूनाइटेड स्पिरिट के शेयरों की इनसाइडर ट्रेडिंग के मामले में तीन लोगों पर 3 करोड़ रुपए से ज्यादा की पेनाल्टी लगाई है। इसमें पूनम जसनानी पर 1.32 करोड़ रुपए, हरेश प्रेमानंद जसनानी पर 93 लाख 24 हजार 57 रुपए और वरुण हरेश जसनानी पर 80.76 लाख रुपए की पेनाल्टी लगाई है। इस शेयर में एक जनवरी 2014 से 17 अप्रैल 2014 तक कारोबार किया गया था। इसकी जांच सेबी ने की थी। इसी के बाद मंगलवार को सेबी ने यह पेनाल्टी भरने का आदेश दिया।

तीन अलग-अलग ऑर्डर में पेनाल्टी 

सेबी ने जांच में पाया कि जसनानी परिवार ने युनाइटेड स्पिरट में इनसाइडर ट्रेडिंग की। इस परिवार को डियाजियो के बिजनेस डेवलपमेंट मैनेजर निशांत गुप्ते ने सूचना दी थी। गुप्ते जसनानी परिवार के रिश्ते में आते हैं। सेबी ने तीन अलग -अलग ऑर्डर में यह पेनाल्टी लगाई है। हरेश को इस कारोबार से 31 लाख रुपए का फायदा हुआ। वरुण को 26.93 लाख और पूनम को 43.97 लाख रुपए का फायदा हुआ। 

15 अप्रैल 2014 को शेयरों की कीमतों में हुई थी वृद्धि

सेबी ने अपने ऑर्डर में कहा कि 15 अप्रैल 2014 को बाजार खुलने से पहले रिले बीवी ने पीएसी डियाजियो के साथ यह जानकारी दी कि वह युनाइटेड स्पिरिट का 3,30 रुपए प्रति इक्विटी शेयर पर 3.77 करोड़ शेयरों को खरीद रहा है। इसके बाद कंपनी का शेयर 14 अप्रैल 2014 को 2,557 रुपए पर बंद हुआ। 15 अप्रैल को यह 2,853 रुपए तक पहुंच गया। एक दिन में इस शेयर में 11.57 प्रतिशत की तेजी देखी गई। कंपनी ने ओपन ऑफर 15 अप्रैल 2014 को अनाउंस किया था।

गुप्त सूचनाओं को लीक किया गया

इसमें रिले बीवी और पीएसी युनाइटेड स्पिरिट में शेयरों की खरीद के लिए ओपन ऑफर लानेवाले थे। सेबी ने पाया कि 15 अप्रैल को जब 26 प्रतिशत पर ओपन ऑफर की घोषणा की गई तो शेयरों का भाव 3,030 रुपए तय किया गया था। इसी दौरान बाजार खुलने से पहले ही 15 अप्रैल को इस ऑफर की घोषणा कर दी गई थी। लेकिन सेबी ने पाया कि यूपीएसई यानी प्राइस सेंसिटिव जानकारियों की जो अवधि थी वह 12 मार्च 2014 से 14 अप्रैल 2014 तक थी। यानी इस अवधि में यह जानकारी लीक नहीं की जा सकती थी।

तीन लोग जुड़े थे इनसाइडर ट्रेडिंग से

सेबी ने बताया कि इस मामले में पूनम और वरुण जसनानी इंसाइडर ट्रेडिंग के रूप में शामिल थे। जबकि यह लोग हरेश परमानंद जसनानी को सूचनाएं देते थे। परमानंद जसनानी वरुण जसनानी के साले हैं। सेबी ने पाया कि इन सूचनाओं के आधार पर कंपनी के शेयरों में कारोबार किया गया। इससे पूनम ने 18.40 लाख रुपए हरेश जसनानी के खाते में ट्रांसफर किया। यह पैसा रेलिगेयर सिक्योरिटीज से आया था। हरेश ने यह पैसा पाने के बाद अपनी बेटी मेनका के खाते में इसे ट्रांसफर किया।

सेबी ने पाया कि हरेश, पूनम और वरुण मिलकर इनसाइडर ट्रेडिंग में शामिल थे। इसी तरह एक अन्य मामले में सेबी ने राखी ट्रेडिंग पर 5 लाख रुपए की पेनाल्टी लगाई है। यह पेनाल्टी एक स्क्रिप में खुलासा नहीं करने के आरोप में लगाई गई है।