म्यूचुअल फंड में पहली बार किसी कंपनी ने 4 लाख करोड़ रुपए के एयूएम को किया पार, एसबीआई एमएफ ने हासिल किया रिकॉर्ड

  • शेयर बाजार में आई तेजी और ब्याज दरों में गिरावट से हुआ फायदा
  • चालू वित्तीय वर्ष में कंपनी के एयूएम में 87,000 करोड़ रुपए आए

दैनिक भास्कर

Jun 23, 2020, 05:53 PM IST

मुंबई. एसबीआई की म्यूचुअल फंड कंपनी एसबीआई म्यूचुअल फंड ने 4 लाख करोड़ रुपए के असेट अंडर मैनेजमेंट (एयूएम) को पार कर लिया है। म्यूचु्अल फंड इंडस्ट्री में यह रिकॉर्ड हासिल करनेवाली यह पहली कंपनी है। यह रिकॉर्ड इसलिए हुआ क्योंकि इक्विटीज में आई तेजी और स्थिर फ्लो ने इसके एयूएम में मदद किया।

एचडीएफसी को पीछे छोड़ एसबीआई बनी थी नंबर वन कंपनी 

बता दें कि कुछ समय पहले तक आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल असेट मैनेजमेंट एयूएम के लिहाज से नंबर वन थी। इसके बाद एचडीएफसी म्यूचुअल फंड ने हाल के समय में इस स्थान को हासिल किया। पर फरवरी महीने में एसबीआई एयूएम के मामले में नंबर वन बन गई थी और तीन महीने बाद ही इसने 4 लाख करोड़ रुपए के एयूएम का रिकॉर्ड हासिल कर लिया। एचडीएफसी दूसरे नंबर पर चली गई है। एसबीआई म्यूचुअल फंड में एसबीआई और फ्रांस की आमुंडी की हिस्सेदारी है, जो ज्वाइंट वेंचर में है।

सभी सेगमेंट से कंपनी को आया पैसा

एसबीआई म्यूचुअल फंड के मुख्य बिजनेस अधिकारी डी.पी. सिंह ने बताया कि सभी सेगमेंट से फंड हाउस में पैसा आया है। चाहे वह रिटेल हो या इंस्टीट्यूशनल। हमें डेट फंड और इक्विटी से भी अच्छा पैसा हाल के समय में मिला है। डीपी सिंह ने बताया कि हाल के समय में इक्विटी बाजार में आई तेजी से फंड हाउसों के इक्विटी का बेस बढ़ा है। उन्होंने कहा कि इक्विटी बाजार की तेजी से एयूएम में 30 से 40 हजार करोड़ रुपए की वृद्धि हुई है। मार्च के निचले स्तर के बाद से अब तक बीएसई सेंसेक्स जहां 38 प्रतिशत बढ़ा है, वहीं एनएसई निफ्टी ने 35 प्रतिशत की बढ़त हासिल की है।

कंपनी को सरकारी पैसे का भी मिलता है फायदा

बाजार के विश्लेषकों के मुताबिक म्यूचुअल फंड हाउस को इक्विटी बाजार में तेजी से काफी फायदा हुआ है। हालांकि एसबीआई में सरकारी फंड ज्यादा आता है, इसलिए उसको एक फायदा यह भी मिलता है। सरकार के ईपीएफ का पैसा इसी म्यूचुअल फंड को आता है। उन्होंने कहा कि चालू वित्तीय वर्ष में कंपनी के एयूएम में 87,000 करोड़ रुपए आए हैं। यह पैसे ईपीएफओ से आए हैं लेकिन इसमें उसका हिस्सा महज 5,000 करोड़ रुपए ही इस साल में रहा है।  

सिंह का कहना है कि ऐसी कोविड की चुनौतियों और देश में म्यूचुअल फंड के प्रति कम जागरुकता के बावजूद यह रिकॉर्ड हमारी मेहनत को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि बैंक की ब्याज दरों में गिरावट से म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री में निवेश का अच्छा अवसर बन रहा है। निवेशक अब इस ओर अपना फोकस कर रहे हैं।