मार्च तिमाही में वेदांता को 12,521 करोड़ का शुद्ध घाटा, ऑयल एवं गैस, कॉपर बिजनेस के असेट्स हुए प्रभावित

  • विश्लेषकों को अनुमान था कि कंपनी को लाभ होगा
  • शुद्ध बिक्री 16 प्रतिशत गिरकर 19,513 करोड़ रही

दैनिक भास्कर

Jun 06, 2020, 10:03 PM IST

मुंबई. वेदांता लिमिटेड ने जनवरी-मार्च तिमाही में 12,521 करोड़ रुपए का भारी भरकम शुद्ध घाटा पेश किया है। इसका 17,132 करोड़ रुपए का एक्सेप्शनल घाटा है। कंपनी को यह घाटा इसलिए हुआ क्योंकि ऑयल गैस, कॉपर और ऑयरन बिजनेस की संपत्तियों में काफी नुकसान हुआ है।

एक साल पहले समान अवधि में 2,615 करोड़ का लाभ था

कंपनी ने शनिवार को अपना वित्तीय परिणाम जारी किया। कंपनी ने बताया कि एक साल पहले समान अवधि में उसे 2,615 करोड़ रुपए का शुद्ध लाभ हुआ था। इसका एबिट्डा सालाना आधार पर 23 प्रतिशत गिरकर 4,844 करोड़ रुपए रहा है। हालांकि विश्लेषकों को अनुमान था कि कंपनी को मार्च तिमाही में लाभ होगा। कंपनी की शुद्ध बिक्री 16 प्रतिशत गिरकर 19,513 करोड़ रुपए चौथी तिमाही में रही है। एक साल पहले 23,092 करोड़ रुपए रही है।  

कोविड-19 को बताया घाटे का कारण 

कंपनी के सीईओ सुनील दुग्गल ने बताया कि कोविड-19 की वजह से पूरे विश्व पर असर पड़ा है। जनवरी-मार्च की तिमाही में हम भी इससे बच नहीं पाए हैं। हमने प्रो-एक्टिव अप्रोच अपनाया और इसलिए हमारे लोग और असेट्स सुरक्षित रहे। हालांकि इस मुश्किल समय में परिसंपत्तियों पर बुरा असर हुआ। बता दें कि भारत में कोरोना की वजह से मार्च के अंतिम हफ्ते में लॉकडाउन हुआ था।

कंपनी का टॉप लाइन तिमाही में 8 प्रतिशत गिरा

कंपनी का टॉपलाइन तिमाही आधार पर 8 प्रतिशत गिरा है। यह इसलिए क्योंकि कमोडिटी की कम कीमतों से इस पर असर दिखा है। कंपनी के पास नकदी और इसके बराबर 37,914 करोड़ रुपए मार्च तिमाही में रहे हैं। कंपनी के ऊपर ग्रॉस कर्ज 7,038 करोड़ रुपए घटकर 59,187 करोड़ रुपए पर आ गया है। जबकि नेट कर्ज 5,683 करोड़ रुपए घटकर 21,273 करोड़ रुपए रह गया है। कंपनी ने इस दौरान कर्जों का भुगतान भी किया।