महिंद्रा एंड महिंद्रा ने एफसीए ब्रांड के इंटलेक्चुअल प्रॉपर्टी राइट्स का किया उल्लंघन, अमेरिकी रेगुलेटर ने दिया फैसला

  • कंपनी को पक्ष रखने के लिए 60 दिन की मिली मोहलत
  • कंपनी ने मार्च तिमाही में भारी घाटे की घोषणा की थी

दैनिक भास्कर

Jun 13, 2020, 07:20 PM IST

मुंबई. अमेरिका के एक रेगुलेटर ने फैसला सुनाया है कि भारत की महिंद्रा एंड महिंद्रा लिमिटेड ने फिएट क्रिसलर ऑटोमोबाइल्स (एफसीए) जीप ब्रांड के बौद्धिक संपदा अधिकारों (intellectual property rights) का उल्लंघन किया है। यह आदेश तुरंत लागू हो गया है। लेकिन अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि के पास अपना पक्ष रखने के लिए 60 दिन की मोहलत कंपनी को दी गई है।

रॉक्सर ऑफ रोड व्हीकल ने किया ट्रेड ड्रेस का उल्लंघन

इंटरनेशनल ट्रेड कमीशन ने गुरुवार देर रात जारी एक फैसले में कहा कि महिंद्रा के रॉक्सर ऑफ रोड यूटिलिटी व्हीकल ने एफसीए की जीप रैंगलर एसयूवी के ‘ट्रेड ड्रेस’ का उल्लंघन किया है। आईटीसी ने इसके साथ ही इन वाहनों की बिक्री या आयात पर रोक लगा दी है। इसके साथ-साथ महिंद्रा और उसकी उत्तरी अमेरिकी इकाई को काम रोकने और इससे बचने आदेश जारी किया।

आईटीसी ने सितंबर 2018 में की थी जांच

ट्रेड ड्रेस में विशेषताएं होती हैं जो उत्पाद को अलग करती हैं। आम तौर पर ग्राहक इसे अपनी एक पहचान समझते हैं। उदाहरण के लिए, एफसीए जीप रैंगलर के बॉक्सी बॉडी शेप, फ्रंट ग्रिल और राउंड हेडलाइट्स को ब्रांड के लिए अलग देखता है। आईटीसी ने सितंबर 2018 में अपनी जांच शुरू की थी और यह पिछले नवंबर से एक प्रशासनिक लॉ जज के शुरुआती निर्धारण (डिटर्मिनेशन) की समीक्षा कर रहा था। हालांकि कोरोनावायरस फैलने से आईटीसी के फैसले में देरी हुई।

आईटीसी के व्हीकल अब प्रोडक्शन में नहीं हैं

महिंद्रा ने शुक्रवार को एक बयान में कहा कि आईटीसी कार्रवाई वाले वाहन अब उत्पादन में नहीं हैं और 2020 डिजाइन को रिफ्रेश किया गया। महिंद्रा ऑटोमोटिव (उत्तरी अमेरिका)  इस बात पर अडिग हैं कि रोक्सर कमजोर या जीप के ट्रेड ड्रेस का उल्लंघन नहीं करता है। उधर इतालवी-अमेरिकी ऑटोमेकर ने आगे कुछ भी कहने से यह कहकर इंकार कर दिया कि उसे फैसले का अध्ययन करना होगा। रॉक्सर, उत्तरी डेट्रायट के उत्तर में ऑबर्न हिल्स में असेंबल किया जाता है।

शुक्रवार को महिंद्रा एंड महिंद्रा ने मार्च तिमाही में भारी नुकसान घोषित किया है। वह लागत में कटौती करने की योजना बना रहा है।