मनी लांड्र्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय ने ट्रैवल कंपनी कॉक्स एंड किंग्स के 5 कार्यालयों पर छापा मारा

  • राणा कपूर व अन्य के खिलाफ चल रही मनी लांड्रिंग जांच मामले में छापा मारा गया
  • यस बैंक का इस ट्र्रैवल कंपनी में 2,267 करोड़ रुपए का एक्सपोजर था

दैनिक भास्कर

Jun 08, 2020, 05:26 PM IST

नई दिल्ली. प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने ट्र्रैवल कंपनी कॉक्स एंड किंग्स लिमिटेड के पांच कार्यालयों पर छापा मारा है। जांच एजेंसी के एक अधिकारी ने बताया कि यस बैंक के सह-संस्थापक राणा कपूर व अन्य के खिलाफ चल रही मनी लांड्रिंग जांच से जुड़े मामलों में यह छापा मारा गया है।

ट्रैवल कंपनी में यस बैंक का 2,267 करोड़ रुपए का एक्सपोजर

लाइवमिंट की एक रिपोर्ट के मुताबिक ट्रैवल कंपनी में बैंक का 2,267 करोड़ रुपए का एक्सपोजर था। ईडी ने मार्च में कॉक्स एंड किंग्स के प्रमोटर पीटर केरकर को राणा कपूर के विरुद्ध चल रहे मामले के संदर्भ में समन किया था। कॉक्स एंड किंग्स के बही-खातों की प्राइसवाटरहाउस द्वारा फरवरी में की गई फॉरेंसिक ऑडिट के मुताबिक कंपनी और यस बैंक के बीच अधिकतर कर्ज ट्रांजेक्शन बिना समुचित मंजूरी के किए गए थे।

कॉक्स एंड किंग्स के फाइनेंशियल अकाउंट्स में हुई थी जालसाजी

फॉरेंसिक ऑडिट यस  बैंक ने कराया था। ऑडिट के मुताबिक करीब 21,000 करोड़ रुपए के कर्ज का कथित तौर पर गबन किया गया था, 1,100 करोड़ रुपए के लोन में नियमों का उल्लंघन किया गया था। कंपनी के फाइनेंशियल अकाउंट्स के आंकड़ों को बढ़ा-चढ़ाकर दिखाया गया था।

यस बैंक के क्रेडिट वाच लिस्ट में था कॉक्स एंड किंग्स का नाम

ईडी ने यस बैंक से संबंधित मामलों में पहला आरोपपत्र मई में दाखिल किया था। इसमें एजेंसी ने कहा था कि बैंक ने मार्च 2019 में एक क्रेडिट वाच लिस्ट बनाया था। इस सूची में अन्य कंपनियों के साथ कॉक्स एंड किंग्स, दीवान हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड (डीएचएफएल), रिलायंस ग्रुप, एस्सेल ग्रुप और रेडियस डेवलपर्स के भी नाम थे।

कंपनी ने बिक्री के आंकड़े बढ़ाकर और कर्ज के आंकड़े घटाकर दिखाए थे

इंडियन एक्सप्रेस में 24 अप्रैल को छपी एक रिपोर्ट में कहा गया था कि कॉक्स एंड किंग्स ने 2014 से लेकर 2019 तक फाइनेंशियल स्टेटमेंट में जालसाजी की थी। इसमें बिक्री के आंकड़े को बढ़ाकर और कर्ज को घटाकर दिखाया गया था। कंपनी ने 2014 से लेकर 2019 तक 147 ग्राहकों को 5,278 करोड़ रुपए की जाली बिक्री दिखाई थी।

कॉक्स एंड किंग्स पर वित्तीय कर्जदाताओं का 5,900 करोड़ रुपए बकाया 

कॉक्स एंड किंग्स पर वित्तीय कर्जदाताओं को 5,900 करोड़ रुपए का बकाया था। कई बैंकों ने दिसंबर 2019 तक इस अकाउंट के लिए 15-25 फीसदी की प्रोविजनिंग कर ली थी। कंपनी में सबसे ज्यादा एक्सपोजर यस बैंक का था। इसके बाद एक्सिस बैंक का 1,065 करोड़ रुपए, भारतीय स्टेट बैंक का 635 करोड़ रुपए और इंडसइंड बैंक का 270 करोड़ रुपए का एक्सपोजर था। कॉक्स एंड किंग्स अक्टूबर 2019 से नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (एनसीएलटी) के तहत रिजॉल्यूशन की प्रक्रिया में है। ईडी जिन कंपनियों की जांच कर रही है, उनमें कॉक्स एंड किंग्स डीएचएफएल के बाद दूसरी सर्वाधिक कर्ज लेने वाली कंपनी है। इस मामले में डीएचएफएल के प्रमोटर कपिल वधावन और धीरज वधावन ईडी की हिरासत में हैं।