मई में हायरिंग एक्टिविटी में 61% की गिरावट, भर्ती के मामले में कोलकाता और दिल्ली-मुंबई में सबसे ज्यादा गिरावट : रिपोर्ट

  • हायरिंग में गिरावट सबसे ज्यादा होटल, रेस्तरां, ट्रैवल और एयरलाइंस सेक्टर में आई है
  • कोलकाता में सबसे ज्यादा 68 फीसदी तक की गिरावट देखी गई है

दैनिक भास्कर

Jun 09, 2020, 03:34 PM IST

नई दिल्ली. कोविड -19 महामारी और देशव्यापी लॉकडाउन के चलते मई में हायरिंग एक्टिविटी में 61 फीसदी की भारी गिरावट देखी गई है। यह दूसरा महीना है जब इसमें 60 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट देखी गई है। यह जानकारी नौकरी डॉट कॉम (Naukri.com) के एक सर्वे में दी गई है।

इन सेक्टर्स पर ज्यादा असर

नौकरी.कॉम के मुताबिक, हायरिंग में गिरावट सबसे ज्यादा होटल, रेस्तरां, ट्रैवल और एयरलाइंस सेक्टर में आई है। इनमें करीब 91 फीसदी की गिरावट देखी गई है। जबकि रिटेल में 87 प्रतिशत, ऑटो एंसिलियरी में 87 प्रतिशत और बीएफएसआई में 70 प्रतिशत की गिरावट आई है। सर्वे में यह भी सामने आया है कि सभी शहरों में भर्ती में दो अंकों में गिरावट दर्ज की गई है। यह 50 प्रतिशत से ज्यादा है।

‘और आसान होगी जॉब सर्च प्रक्रिया’ 

हाल ही में किए गए एक सर्वे में रिक्रूटर्स और एचआर हेड्स के साथ लगभग 39 फीसदी लोगों ने कहा कि अभी भी क्रिटिकल हायरिंग हो रही है। हम साइट पर फार्मा, हेल्थकेयर, इंश्योरेंस और आईटी-सॉफ्टवेयर पोस्टिंग जॉब के साथ लॉकडाउन के दौरान काम कर रहे हैं। गोयल ने कहा कि हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि आने वाले समय में टैलेंटेड लोगों की भर्ती हो। इसके लिए हम जॉब सर्च प्रक्रिया को और आसान बनाने जा रहे हैं।

सबसे ज्यादा गिरावट कोलकाता में

रिपोर्ट के मुताबिक, हायरिंग में सबसे ज्यादा गिरावट महानगरों में आई है। कोलकाता में सबसे ज्यादा 68 फीसदी तक की गिरावट देखी गई है। दिल्ली (67 प्रतिशत) और मुंबई (67 प्रतिशत) में गिरावट आई। वहीं, जूनियर (0 से 3 साल के अनुभव) लेवल पर भर्ती में 66 प्रतिशत की सबसे तेज गिरावट देखी गई।

हर 10 में से एक की जा रही है नौकरी

बता दें कि पिछले माह Naukri.com ने अपने सर्वेक्षण में कहा था कि भारत में 10 में से कम से कम एक व्यक्ति ने अपनी नौकरी गंवा दी है। वहीं 10 में से 3 लोगों को उनकी नौकरी जाने का डर है। नौकरी से निकाले गए 10 फीसदी लोगों में से 15 फीसदी एयरलाइंस और ई-कॉमर्स इंडस्ट्री से हैं। 14 फीसदी हॉस्पिटैलिटी इंडस्ट्री से हैं। रिपोर्ट कहती है कि ऐसे देखा गया है कि जो लोग जॉब की तलाश में हैं, उसमें से 50 प्रतिशत लोग अब सेल्फ डेवलपमेंट बन रहे हैं। इस तरह के करीबन 50 हजार लोगों पर सर्वे किया गया है।