भारत में कोरोना पीड़ितों में से केवल 4% के पास ही हेल्थ इंश्योरेंस, लाइफ इंश्योरेंस कंपनियों को अब तक सिर्फ 100 डेथ क्लेम मिले

  • 8500 लोगों ने हेल्थ इश्योरेंस के रूप में 135 करोड़ रुपए का क्लेम दाखिल किया
  • सबसे ज्यादा 60 फीसदी क्लेम महाराष्ट्र में दाखिल किए गए, दिल्ली दूसरे नंबर पर

दैनिक भास्कर

Jun 06, 2020, 01:39 PM IST

नई दिल्ली. देश में कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों के बीच हेल्थ और लाइफ इंश्योरेंस को लेकर चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। इंश्योरेंस कंपनियों की ओर से वित्त मंत्रालय और स्वास्थ्य मंत्रालय में पेश किए गए चार जून तक के आंकड़ों के मुताबिक, देश में कुल कोरोना पीड़ितों में से 4 फीसदी से कम के पास ही हेल्थ इंश्योरेंस है।

हेल्थ इंश्योरेंस के अब तक 8500 क्लेम दाखिल हुए

इंश्योरेंस कंपनियों के आंकड़ों के मुताबिक, 4 जून तक देश में कोरोना पीड़ितों की कुल संख्या 2.17 लाख के करीब थी। इसमें से अब तक कुल 8500 पीड़ितों ने हेल्थ इंश्योरेंस का लाभ लेने के लिए क्लेम किया है। इन लोगों ने 135 करोड़ रुपए के क्लेम दाखिल किए हैं। यानी एक व्यक्ति ने औसतन 1.58 लाख रुपए का क्लेम किया है।

अब तक डेथ के 100 क्लेम दाखिल हुए

लाइफ इंश्योरेंस कंपनियों ने भी दोनों मंत्रालयों को क्लेम के आंकड़ों की जानकारी दी है। 4 जून तक के आंकड़ों के मुताबिक, देश में 6,088 मौंतों में से केवल 100 डेथ क्लेम दाखिल हुए हैं। यह देश में कुल मौतों का करीब 2 फीसदी है। इन आंकड़ों से इरडा और बीमा कंपनियों के बीच एक नई बहस छिड़ सकती है कि भविष्य में लाइफ इंश्योरेंस को हेल्थ इंश्योरेंस की तुलना में कम करके आंका जा सकता है।

सबसे ज्यादा क्लेम महाराष्ट्र से

इंश्योरेंस कंपनियों के आंकड़ों के मुताबिक, सबसे ज्यादा हेल्थ और डेथ क्लेम महाराष्ट्र में दाखिल किए जा रहे हैं। कुल क्लेम में महाराष्ट्र में दाखिल क्लेम की हिस्सेदारी करीब 60 फीसदी है। इसके बाद 15 फीसदी के साथ दिल्ली का नंबर आता है। 10.4 फीसदी क्लेम तमिलनाडु में किए गए हैं। पश्चिम बंगाल में 5.4 फीसदी और गुजरात में 3.4 फीसदी क्लेम दाखिल किए गए हैं। शेष 5.8 फीसदी क्लेम अन्य राज्यों में दाखिल किए गए हैं।

भारतीयों के पास लाइफ के मुकाबले हेल्थ इंश्योरेंस ज्यादा हैं

हेल्थ इंश्योरेंस कंपनियों का कहना है कि आज भारतीयों के पास लाइफ इंश्योरेंस के मुकाबले हेल्थ इंश्योरेंस ज्यादा हैं। अधिकांश भारतीयों के पास आयुष्मान भारत योजना, कंपनी का ग्रुप हेल्थ योजना या प्राइवेट कंपनी का हेल्थ इंश्योरेंस हैं। भारत में लाइफ इंश्योरेंस को मुख्य तौर पर टैक्स बचाने या फिर निवेश के लिए चुना जाता है।

आने वाले दिनों में बढ़ सकते हैं डेथ क्लेम

इरडा के एक अधिकारी का मानना है कि आने वाले महीनों में लाइफ इंश्योरेंस के तहत दाखिल होने वाले क्लेम की संख्या बढ़ सकती है। इसका कारण यह है कि प्राकृतिक आपदा के दौरान भारतीय परिवार जरूरी कार्यों को पहले निपटाते हैं।  इसी प्रकार कोरोना से मौत की स्थिति में परिवार क्वारेंटाइन में हो सकता है जिससे क्लेम दाखिल करने में देरी हो सकती है।

क्लेम की कम संख्या चिंताजनक

इरडा के अधिकारी का कहना है कि हेल्थ और लाइफ इंश्योरेंस के 2 से 4 फीसदी क्लेम ही दाखिल होने चिंताजनक है। इसमें सुधार के लिए रेगुलेटर बीमा कंपनियों को आगे बढ़ाने के लिए कदम उठाएगा। इसके अलावा महामारी के दौरान वित्तीय स्थिति को सुरक्षित बनाए रखने के लिए इंश्योरेंस की महत्ता बताने को लेकर जागरूकता फैलाई जाएगी।