बढ़ती कीमत, कम रिस्क और आसानी से कर्ज मिलने की वजह से इस साल गोल्ड लोन की मांग में आएगी तेजी, बैंक और एनबीएफसी ने शुरू की तैयारी

  • कैनरा बैंक की 750 शाखाएं केवल गोल्ड लोन पर ही करेंगी फोकस
  • दक्षिण भारत में गोल्ड लोन देनेवाली कंपनियों को दिख रहा है अच्छा अवसर

दैनिक भास्कर

Jun 25, 2020, 06:05 PM IST

मुंबई. सोना गिरवी रख कर कर्ज लेने की मांग इस वित्त वर्ष में बढ़ने की संभावना है। ऐसा इसलिए क्योंकि सोने की बढ़ती कीमतें और कर्जदाताओं द्वारा जोखिम से बचने के लिए लोगों को नकदी के बदले में सोने को गिरवी रखना आसान होता है। इस वजह से गोल्ड लोन का बाजार इस साल तेजी से बढ़ सकता है।

कुछ बैंकों ने गोल्ड लोन वर्टिकल की शुरुआत की

कर्जदाताओं को पहले से ही ऐसे लोन की मांग में वृद्धि देखने को मिल रही है। कुछ ने इस उम्मीदों के साथ नए गोल्ड लोन वर्टिकल को शुरू कर दिया है कि यह इस वित्त वर्ष में सबसे तेजी से बढ़ने वाला सेगमेंट बन जाएगा। ग्राहकों का एक नया वर्ग सोना गिरवी रखकर नकदी लेने की सोच रहा  है। क्योंकि बैंकों को अब क्रेडिट कार्ड और पर्सनल लोन देना असुरक्षित दिखाई दे रहा है। कोरोना के चलते मंदी की वजह से बैंक ज्यादा सावधानी बरत रहे हैं।

सीएसबी बैंक के सीईओ सीवीआर राजेंद्रन ने कहा कि गोल्ड लोन लोगों के लिए नकदी पाने का एक जल्दी का तरीका है।

सीएसबी बैंक ने सोने के बदले लोन की राशि बढ़ाई

राजेंद्रन ने कहा कि उनके बैंक में नए तरह के ग्राहक आ रहे हैं। इससे गोल्ड लोन का टिकट साइज 80 हजार रुपए से बढ़कर 85 हजार रुपए तक हो गया है। पहले यह करीब 60 हजार से 70 हजार रुपए होता था। उन्हें उम्मीद है कि मार्च के अंत में सीएसबी की लोन बुक में गोल्ड लोन का अनुपात 31 से बढ़कर 35 प्रतिशत हो जाएगा। सीएसबी का गोल्ड लोन 30 प्रतिशत की दर से बढ़ सकता है। जबकि एसएमई, मॉर्गेज और कॉर्पोरेट लोन जैसे सेगमेंट चुनौतियों का सामना कर रहे हैं।

सरकारी बैंक भी गोल्ड लोन पर कर रहे हैं फोकस

बड़े सरकारी बैंक जो पहले इस व्यवसाय के प्रति इतने उत्सुक नहीं थे, वे भी इस अवसर को आगे बढ़ाने को देख रहे हैं। केनरा बैंक ने इसके लिए विशेष शाखाएं स्थापित की हैं। इससे गोल्ड को गिरवी रखकर छोटे व्यवसाय के लोगों को कर्ज देने के लिए इस अवसर का लाभ लिया जा सके। फिलहाल देश में बहुत से लोग संकट में हैं। बेरोजगार हैं। नए सिरे से अपना जीवन शुरू करने के लिए उन्हें पैसे की जरूरत है।

कैनरा बैंक ने 49 गोल्ड लोन प्लाजा की शुरुआत की

कैनरा बैंक के एक अधिकारी ने कहा कि हमारे पास 49 गोल्ड लोन प्लाजा के अलावा गोल्ड लोन पर फोकस करने वाली 750 शाखाएं हैं। यह सिर्फ गोल्ड लोन सेगमेंट संभालेंगी। इस अधिकारी ने कहा कि हमें दक्षिण भारत में अच्छा रिस्पॉन्स देखने को मिल रहा है। वित्त वर्ष की शुरुआत में सिंडिकेट बैंक के विलय के बाद बैंक का कुल गोल्ड लोन पोर्टफोलियो 56,000 करोड़ रुपए पर पहुंच गया है।

पहली तिमाही में गोल्ड लोन में 8 प्रतिशत की वृद्धि

बैंक में एग्री, माइक्रो एंड रूरल बैंकिंग के कंट्री हेड मोहन के ने कहा कि दक्षिण भारत में मजबूत उपस्थिति वाले एक अन्य कर्जदाता ने चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में अब तक गोल्ड लोन में 8 प्रतिशत की वृद्धि देखी है। यहां तक कि केरल की मुथूट फिनकॉर्प जैसी एनबीएफसी भी गोल्ड लोन की अधिक मांग की उम्मीद कर रही हैं। इस कंपनी का प्रमुख बिजनेस ही गोल्ड लोन है। कंपनी ने इस मांग को लेकर छोटे रिटेलर्स और कारोबारियों के लिए कैश इन करने के लिए एक खास स्कीम लॉन्च की है।

छोटे व्यवसायों को इन समय में असुरक्षित लोन प्राप्त करना मुश्किल लग रहा है इसलिए गोल्ड लोन की मांग बढ़ रही है।

मुथूट फिनकॉर्प ने 45 दिनों में बांटा 500 करोड़ रुपए का कर्ज

मुथूट फिनकॉर्प के एक अधिकारी ने कहा कि हम इस सेगमेंट के लिए एक नए प्रोडक्ट के जरिए पिछले 45 दिनों में 500 करोड़ रुपए का लोन बांट चुके हैं। हम उम्मीद करते हैं कि इस पूरे वित्त वर्ष के लिए मांग मजबूत होगी और पिछले साल से बेहतर करने की उम्मीद है। कंपनी की वैसे गोल्ड लोन ब्याज दर 23 प्रतिशत है, पर इस समय वह 21 प्रतिशत पर गोल्ड लोन दे रही है। इस योजना के तहत नए कर्जदारों के लिए छह महीने का मोराटोरियम भी दे रही है।

सोने के बदले लोन लेना उधारदाताओं के लिए कम जोखिम भरा होता है। क्योंकि सोने की बढ़ती कीमतों से लोन और वैल्यू अनुपात हमेशा नियंत्रण में रहता है। देश में इस समय सोने की कीमत 48,420 प्रति 10 ग्राम की नई ऊंचाई पर पहुंच गई है।