ब्याज दरों की गिरावट में कॉर्पोरेट बांड फंड्स दे रहे हैं बेहतर रिटर्न, एफडी से ज्यादा सालाना 11.60 प्रतिशत का मिल रहा है लाभ

  • एफडी और सेविंग खातों पर ब्याज दरें 2.75 से लेकर 6 प्रतिशत तक सिमट गई हैं
  • म्यूचुअल फंड्स के बांड फंड का रिटर्न इनकी तुलना में डेढ़ गुना से भी ज्यादा है

दैनिक भास्कर

Jun 25, 2020, 03:30 PM IST

मुंबई. इस साल जनवरी से ब्याज दरों में गिरावट से कॉर्पोरेट बांड फंड्स बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं। ये बांड फंड्स सालाना 11 प्रतिशत से ज्यादा का रिटर्न दे रहे हैं। जबकि बचत खाते और एफडी की ब्याज दरें इस समय 2.75 से लेकर 6 प्रतिशत के बीच में ही सिमट गई हैं।

बांड फंड कैटेगरी से भी ज्यादा का मिल रहा है रिटर्न

आंकड़े बताते हैं कि पिछले एक साल में आदित्य बिरला सन लाइफ कॉर्पोरेट बांड फंड ने 11.60 प्रतिशत का रिटर्न निवेशकों को दिया है। जबकि तीन साल में इसने 8.73 प्रतिशत का लाभ दिया है। इसी तरह एचडीएफसी कॉर्पोरेट बांड फंड ने इसी अवधि में 11.60 और 8.69 प्रतिशत का लाभ दिया है। आईडीएफसी कॉर्पोरेट बांड फंड ने एक साल में 10.93 और तीन साल में 8.03 प्रतिशत का लाभ दिया है। इसी अवधि में इस कटेगरी का रिटर्न क्रमशः 11.18%, और 7.32% रहा है।

आरबीआई ने दरों में की थी कटौती

महंगाई और भारतीय रिजर्व बैंक के कदम से ब्याज दरों में गिरावट हो रही है। इसके साथ ही साथ यह भी अब एक फैक्ट बन गया है कि पारंपरिक साधनों (traditional instruments) के चलते भी ब्याज दरों में नरमी देखने को मिल रही है। आरबीआई ने रेपो रेट में 115 बेसिस पॉइंट्स कमी की है। देश में फिक्स्ड डिपॉजिट रेट 4 से 5 प्रतिशत के स्तर पर आ गए हैं। बचत बैंक की दरें पहले से ही 3 प्रतिशत के आस पास थीं।

पारंपरिक फिक्स्ड  रिटर्न पर भी कम मिल रहा है लाभ

विश्लेषकों के मुताबिक ब्याज दरें तेजी से गिर रही हैं। फिक्स्ड डिपॉजिट दरों जैसे पारंपरिक फिक्स्ड रिटर्न भी कम हो रहे हैं। डेट मार्केट अभी भी काफी बेहतर रिटर्न दे रहा है। चूंकि आरबीआई के साथ-साथ सरकार द्वारा कोरोना के दौरान ग्रोथ का समर्थन करने के लिए जारी उपायों से 1 से 3 वर्ष के कॉर्पोरेट बांड सेगमेंट में आगे बढ़ने की संभावना है। इन यील्डस को अब एक निवेश एवेन्यू के साथ लॉक करना अच्छा रहेगा। साथ ही स्थिर रिटर्न की संभावनाएं भी हैं। यह एक समझदारी भरा विकल्प है।

कॉर्पोरेट बांड फंड में कम रहता है रिस्क

विश्लेषकों के मुताबिक ऐसे में कॉरपोरेट बांड फंड कैटेगरी एक अच्छा इनवेस्टमेंट एवेन्यू हो सकता है। इस साल अप्रैल के बाद से टॉप 5 फंड्स के एयूएम में लगातार वृद्धि हुई है। कोरोना और बाजार में अस्थिरता को देखते हुए निवेशकों द्वारा सुरक्षा अपनाने के चलते ऐसा हुआ है। इस कटेगरी का फंड, क्वालिटी, सुरक्षा और रिस्क-रिवॉर्ड के लाभ के साथ निवेशकों को बहुत कम जोखिम के साथ उचित रिटर्न प्रदान करता है।

इस तरह के फंड एएए और सॉवरेन बांड में करते हैं निवेश

निवेशक इस कैटेगरी के साथ गिरते इंटरेस्ट रेट का फायदा उठाने के लिए इस तरह के कॉर्पोरेट बांड फंड को भी आजमा सकते हैं। बिरला कॉर्पोरेट बांड फंड इस कैटेगरी में सबसे बड़ा फंड है। यह उच्च क्वालिटी वाली सिक्योरिटीज में निवेश करता है। इसमें एएए और सॉवरेन बांड हैं। कॉर्पोरेट बांड फंड्स को अपनी संपत्ति का कम से कम 80 प्रतिशत डेट रेटेड एए प्लस और उससे ऊपर में निवेश करना होता है।

सेबी ने अस्थायी तौर पर इन फंड्स का अलोकेशन घटाकर 65 प्रतिशत करने की अनुमति दी है। लेकिन उसे उच्च क्वालिटी वाली सरकारी सिक्योरिटीज से बदल दिया है।