बॉस्केटबॉल स्टार जॉर्डन के जूते रिकॉर्ड 4.20 करोड़ रु. में बिके, 4 साल पहले ब्रिटिश एथलीट के जूते 3.06 करोड़ रु. में बिके थे

  • माइकल जॉर्डन के लिए 1985 में ‘एयर जॉर्डन’ नाम से यह खास जूते बनाए थे
  • जॉर्डन के इन जूतों ने ‘मून शू’ के रिकॉर्ड को तोड़ा, 2019 में यह जूता 3 करोड़ 27 लाख रु. में बिका था

दैनिक भास्कर

May 18, 2020, 06:26 PM IST

बॉस्केटबॉल के महान खिलाड़ियों में शुमार माइकल जॉर्डन के जूते ऑनलाइन नीलामी में रिकॉर्ड 5 लाख 60 हजार डॉलर (करीब 4 करोड़ 20 लाख रुपए) में बिके। ‘एयर जॉर्डन’ नाम से कंपनी ने उनके लिए यह खास जूते तैयार किए थे। इसे उन्होंने अपने पहले सीजन में शिकागो बुल्स की तरफ से खेलते हुए पहना था। 

सफेद, काले और लाल रंग के इस जूते को 1985 में जॉर्डन के लिए खास तौर पर बनाया गया था। इस पर उनका ऑटोग्राफ भी है। यह किसी बास्केटबॉल खिलाड़ी के जूते के लिए लगी अब तक की सबसे बड़ी बोली है। सोदबी ने इस जूते के एक से डेढ़ लाख डॉलर में बिकने का अनुमान लगाया था, लेकिन नीलामी में यह जूते इससे कई गुना ज्यादा कीमत में बिका। 

‘मून शू’ को किसी ने नहीं पहना

इससे पहले, नाइकी के शुरुआती स्नीकर्स (स्पोर्ट्स शू) में से एक ‘मून शू’ सबसे महंगा बिका था। 2019 जुलाई में सोदबी ऑक्शन हाउस की नीलामी में यह जूता 4 लाख 37 हजार डॉलर (3 करोड़ 27 लाख रु.) में बिका था। हालांकि, इस जूते को कभी किसी ने पहना नहीं था। 

ब्रिटिश एथलीट का जूता 3 करोड़ से ज्यादा में नीलाम हुआ था

रविवार को हुई नीलामी से पहले किसी एथलीट द्वारा पहने गए जूते की सबसे बड़ी कीमत 4 लाख 9 हजार डॉलर (3 करोड़ 6 लाख रु.) थी। 2015 में लंदन के ऑक्शन हाउस क्रिस्टी की नीलामी में एक खरीदार ने इतनी बड़ी बोली लगाकर इसे खरीदा था। ब्रिटेन के एथलीट रोजर बेनिस्टर ने 1954 में इस जूते को पहनकर पहली बार 4 मिनट से कम समय में एक मील की दौड़ पूरी की थी।

जॉर्डन के रिटायरमेंट के बाद उनकी जर्सी भी रिटायर कर दी गई

जॉर्डन को नेशनल बास्केटबॉल लीग यानी एनबीए के सर्वकालिक महान खिलाड़ियों में गिना जाता है। 90 के दशक में शिकागो बुल्स की तरफ से खेलते हुए उन्होंने 6 एनबीए टाइटल्स जीते और सभी मौकों पर उन्हें मोस्ट वैल्यूएबल प्लेयर चुना गया।

जॉर्डन ओलिंपिक गोल्ड जीतने वाले अमेरिकी टीम में शामिल थे

उनकी लोकप्रियता को देखते हुए रिटायरमेंट के बाद बुल्स मैनेजमेंट ने उनकी 23 नंबर की जर्सी को भी रिटायर कर दिया। उनके संन्यास के बाद किसी खिलाड़ी ने यह जर्सी नंबर नहीं पहनी। वे 1984 (लॉस एंजिल्स) और 1992 (बार्सिलोना) ओलिंपिक में गोल्ड जीतने वाली अमेरिकी टीम के सदस्य थे।

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