बॉल टेम्परिंग नियमों में बदलाव की तैयारी, लाल गेंद को चमकाने के लिए लार की जगह आर्टिफिशियल पदार्थ का इस्तेमाल होगा

  • आईसीसी की मेडिकल कमेटी के प्रमुख पीटर हरकोर्ट ने कहा- कोरोनावायरस के चलते क्रिकेट में गेंद को लार से चमकाना खतरनाक
  • आईसीसी के मौजूदा नियमों के मुताबिक, आर्टिफिशियल पदार्थ से गेंद चमकाने को बॉल टेम्परिंग माना जाता है

दैनिक भास्कर

Apr 24, 2020, 05:41 PM IST

नई दिल्ली. कोरोनावायरस (कोविड-19) के कारण आने वाले वक्त में क्रिकेट में कई बदलाव देखने को मिल सकते हैं। संक्रमण की आशंका को देखते हुए लाल बॉल को चमकाने के लिए अब लार की जगह आर्टिफिशियल पदार्थ के इस्तेमाल को मंजूरी दी जा सकती है। क्रिकेट वेबसाइट ईएसपीएन क्रिकइंफो की रिपोर्ट के मुताबिक, इस प्रक्रिया की निगरानी अंपायर करेगा। आईसीसी के मौजूदा नियमों के मुताबिक, आर्टिफिशियल पदार्थ से गेंद चमकाना बॉल टेम्परिंग माना जाता है। यानी इस तरह से बॉल टेम्परिंग को अब आने वाले वक्त में वैध किया जा सकता है।

कोरोनावायरस के संक्रमण के खतरे को देखते हुए लार से गेंद चमकाने के मुद्दे को आईसीसी की मेडिकल कमेटी के प्रमुख पीटर हरकोर्ट ने बैठक में उठाया था। हरकोर्ट ने कहा, ‘‘हमारा अगला कदम इंटरनेशनल क्रिकेट को फिर से शुरू करने के लिए एक अच्छा रोडमैप तैयार करना है। इसमें उन सभी बदलावों को शामिल किया जाएगा, जो क्रिकेट और खिलाड़ियों के लिए जरूरी हैं।’’

टेस्ट क्रिकेट में बगैर चमक के गेंदबाजी करना मुश्किल
हाल ही में ऑस्ट्रेलिया के तेज गेंदबाज जोश हेजलवुड ने भी कहा था कि आने वाले समय में टेस्ट क्रिकेट में गेंदबाजी करना काफी मुश्किल हो जाएगा। उन्होंने कहा था, ‘‘मुझे लगता है कि सफेद गेंद से बॉलिंग करना तो ठीक रहेगा, लेकिन टेस्ट क्रिकेट बहुत कठिन हो जाएगा। यदि आप गेंद को 80 ओवर तक ठीक से नही रखेंगे, तो बॉल की चमक जाने के बाद यह बल्लेबाजी के लिए काफी आसान हो जाएगी।’’ वहीं, भारत के पूर्व तेज गेंदबाज वेंकटेश प्रसाद ने गेंद पर लार नहीं लगाने की बात कही थी। उन्होंने कहा था, ‘‘क्रिकेट शुरू होने के साथ ही कुछ समय के लिए सिर्फ पसीने का ही इस्तेमाल करना चाहिए, क्योंकि खिलाड़ियों की सुरक्षा सबसे ऊपर है। लार का इस्तेमाल करना घातक हो सकता है।’’

बॉल टेम्परिंग के कारण स्मिथ-वॉर्नर पर 1-1 साल का प्रतिबंध लगा था
दक्षिण अफ्रीका में स्टीव स्मिथ की कप्तानी वाली ऑस्ट्रेलियाई टीम को मार्च 2018 में बॉल टेम्परिंग के कारण शर्मसार होना पड़ा था। इसको लेकर पूर्व ऑस्ट्रेलियाई कप्तान रिकी पोंटिंग समेत कई दिग्गजों ने खिलाड़ियों की आलोचना की थी। केपटाउन टेस्ट में हुई इस घटना के बाद स्मिथ और डेविड वॉर्नर पर 1 साल का प्रतिबंध लगा था, जबकि कैमरून बेनक्राफ्ट को 9 महीने के लिए निलंबित किया गया था। यह तीनों खिलाड़ी सैंडपेपर का इस्तेमाल करके गेंद से छेड़छाड़ करने के दोषी पाए गए थे।

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