बैंक ऑफ जापान के 138 साल के इतिहास में पहली महिला एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर बनीं टिकोको सिमुजु, 2010 में भी बनाया था रिकॉर्ड

  • महिला बैंकर टिकोको सिमुजु 1987 में शुरू किया था बैंक ऑफ जापान के साथ सफर
  • लंदन में दो साल तक बैंक ऑफ जापान की मुख्य प्रतिनिधि के तौर पर तैनात रहीं

दैनिक भास्कर

May 14, 2020, 10:22 AM IST

नई दिल्ली. बैंक ऑफ जापान में 2010 में पहली महिला मैनेजर बनने वाली 55 वर्षीय बैंकर टिकोको सिमुजु ने एक बार फिर इतिहास रचा है। सिमुजु बैंक ऑफ जापान में एक्जीक्यूटिव डायेक्टर के पद पर नियुक्त की गई हैं। 138 साल के इतिहाल में यह पहला मौका है जब इस पद पर किसी महिला की नियुक्ति हुई है। टिकोको सिमुजु की नियुक्ति एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर्स के उस 6 सदस्यीय पैनल में हुई है जिस पर बैंक ऑफ जापान के दैनिक ऑपरेशन के देखरेख की जिम्मेदारी है। अभी सिमुजु नागोया शहर में ब्रांच मैनेजर के पद पर तैनात थीं।

1987 में बैंक ऑफ जापान के साथ शुरू हुआ सफर

सिमुजु ने 1987 में बैंक ऑफ जापान में काम शुरू किया था। शुरुआत में उनकी नियुक्ति फाइनेंशियल मार्केट डिविजन और फॉरेन एक्सचेंज ऑपरेशन में नियुक्त हुई। बाद में वह यूरोप में जनरल मैनेजर के पद पर भी तैनात रहीं। 2016 से 2018 के मध्य सिमुजु लंदन में बैंक ऑफ जापान की मुख्य प्रतिनिधि के रूप में तैनात रहीं। अब एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर के पद पर सिमुजु की नियुक्ति चार साल के लिए हुई है। आपको बता दें कि बैंक ऑफ जापान की स्थापना अक्टूबर 1882 में हुई थी।

बैंक ऑफ जापान में 47 फीसदी महिला कर्मचारी

बैंक डाटा के मुताबिक, बैंक ऑफ जापान के कुल वर्कफोर्स में महिलाओं की हिस्सेदारी बढ़कर 47 फीसदी तक पहुंच गई है। हालांकि, वरिष्ठ प्रबंधकीय पदों पर केवल 13 फीसदी और विशेषज्ञ पदों जैसे लीगल अफेयर, पेमेंट सिस्टम और बैंक नोट में केवल 20 फीसदी महिलाएं ही नियुक्त हैं। 1998 में स्थापित बैंक के पॉलिसी बोर्ड में महिलाओं की नियुक्ति हुई है। लेकिन 9 सदस्यीय बोर्ड में केवल 1 महिला की नियुक्त हुई है। फेडरल रिजर्व और यूरोपियन सेंट्रल बैंक की तरह रिजर्व बैंक में कोई भी महिला कभी गवर्नर नहीं रही है।

जापान में घट रहा है पुरुषों का दबदबा

बीते एक दशक में डेमोग्राफिक चुनौतियों और उच्च शिक्षा में महिलाओं की ज्यादा भागीदारी के कारण जापान के पुरुषों के दबदबे वाले मैनेजमेंट स्ट्रक्चर में बदलाव आ रहा है। वर्ल्ड बैंक के डाटा के मुताबिक 2018 में जापान की कुल आबादी में महिलाओं की हिस्सेदारी 51 फीसदी थी। हालांकि, वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के ताजा ग्लोबल जेंडर गैप इंडेक्स में 153 देशों में जापान 121वें स्थाव पर था। जेंडर इक्विलिटी के मामले में जापान जी-7 देशों में सबसे नीचे हैं। जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे ने महिलाओं के सशक्त बनाने के लिए वूमेनॉमिक्स नाम से नई पॉलिसी बनाई है।