बायजूस हुआ डेकाकॉर्न क्लब में शामिल, 10.5 अरब डॉलर के वैल्यूएशन पर बांड कैपिटल ने किया निवेश

  • पेटीएम के बाद देश का दूसरा सबसे मूल्यवान स्टार्टअप बनी बायजूस
  • फंडरेज के बाद बायजूस ने हॉस्पिटलिटी डेकाकॉर्न ओयो को पीछे छोड़ा

दैनिक भास्कर

Jun 28, 2020, 06:45 PM IST

नई दिल्ली. बायजू रविंद्रन का एडुटेक स्टार्टअप बायजूस अब डेकाकॉर्न क्लब में शामिल हो गया है। 10 अरब डॉलर का वैल्यूएशन हासिल करने वाले स्टॉर्टअप को डेकाकॉर्न कहा जाता है। स्टार्टअप के लिए यह बहुत ही सम्मानजनक उपलब्धि है। सिलिकॉन वैली की निवेशक और एनालिस्ट मैरी मीकर्स की इनवेस्टमेंट कंपनी बांड कैपिटल ने बायजूस में 10.5 अरब डॉलर के वैल्यूशन पर निवेश किया है। 10.5 अरब डॉलर 79,409 करोड़ रुपए के बराबर होता है।

6 माह में 30 फीसदी बढ़ा बायजूस का वैल्यूएशन

बायजूस का नया वैल्यूएशन जनवरी में हासिल 8 अरब डॉलर वैल्यूएशन के मुकाबले 30 फीसदी ज्यादा है। इसके साथ ही बायजूस ने 10 अरब डॉलर वैल्यूएशन वाली हॉस्पिटलिटी कंपनी ओयो को पीछे छोड़ दिया। बायजूस अब देश में पेटीएम के बाद दूसरा सबसे मूल्यवान स्टार्टअप है। पेटीएम का वैल्यू 16 अरब डॉलर (करीब 1.21 लाख करोड़ रुपए) है।

बांड कैपिटल ने बायजूस में करीब 756 करोड़ रुपए का निवेश किया

बायजूस ने खुद अपने वैल्यूएशन या निवेश के आकार के बारे में कुछ नहीं बताया। सूत्रों के मुताबिक बांड कैपिटल ने बायजूस में 10 करोड़ डॉलर (756 करोड़ रुपए) से कुछ कम का निवेश किया है। बांड कैपिटल का भारत में यह पहला निवेश होगा। सूत्रों ने यह भी कहा कि बायजूस इस साल करीब 1 अरब डॉलर (करीब 76 अरब रुपए) का फंड जुटाना चाहती है।

बायजू रविंद्रन ने 2007 में कोचिंग क्लास के जरिये कैट की तैयारी कराना शुरू किया था

39 वर्षीय रविंद्रन ने 2007 में कैट की तैयारी कराने के लिए कोचिंग क्लास शुरू किया था। 2009 में उनके कई छात्र उनके साथ हो गए। 2011 में उन्होंने थिंक एंड लर्न प्राइवेट लिमिटेड नाम के साथ अपनी कंपनी रजिस्टर्ड की। 2015 में एप लांच करने के बा कंपनी को बड़ी सफलता मिली। इसके बाद दुनियाभर के प्रतिष्ठित निवेशकों ने कंपनी में पैसे लगाए। 2018 में उनकी कंपनी का वैल्यूएशन 1 अरब डॉलर हो चुका था।