बाजार के माहौल के डर से म्युचुअल फंड के एसआईपी को बंद करने की बजाय कुछ समय तक रोक दें, लंबे समय तक करें निवेश

  • नौकरी जाने या इनकम बंद होने पर कुछ समय तक के लिए रोक सकते हैं एसआईपी
  • आपके एसआईपी बंद करने से काफी कुछ आपके निवेश के खिलाफ चला जाता है

दैनिक भास्कर

May 25, 2020, 05:57 PM IST

मुंबई. बाजार पिछले कुछ समय से लगातार दबाव में है। कभी ज्यादा गिरता है तो कभी ज्यादा उठता है। एक तरह से दो महीने से इक्विटी बाजार अस्थिर है। यदि आप कर सकते हैं तो एसआईपी की आदत को न तोड़ें। हाल फिलहाल यह म्यूचुअल फंड उद्योग का स्पष्ट संदेश है जो अब सेवर्स को ठहराव जाने का संकेत दे रहा है, लेकिन उनसे आग्रह भी कर रहा है कि वे ऐसा तभी करें जब नौकरी चली गई हो या आय में पर्याप्त गिरावट आई हो।

कुछ समय के लिए रोक सकते हैं एसआईपी

कई savers के वेतन में कटौती हो गई है जिससे उनकी इनकम कम हो गई है। उन्हें यह भी नहीं पता कि चीजें कब तक सुधरेंगी। ऐसे निवेशक जो आय में गिरावट के कारण अपने एसआईपी से ब्रेक चाहते हैं। वे कुछ समय के लिए एसआईपी रोक सकते हैं। एसआईपी को रोकना और इसे बंद करना, दोनों में अंतर है। इसलिए आपको लगता है कि कुछ समय तक पैसे की दिक्कत है तो आप इसे रोक सकते हैं। इस सुविधा का उपयोग जीवनभर में एक बार एसआईपी के लिए किया जा सकता है।

सभी फंड हाउस देते हैं एसआईपी रोकने की सुविधा

सभी फंड हाउस द्वारा यह सुविधा पेश की जाती है। जिन निवेशकों के पास फिजिकल मोड के जरिए रजिस्टर्ड एसआईपी है, वे फंड हाउस की वेबसाइट में लॉग इन कर सकते हैं और फंड हाउस से 3-6 महीने तक अपना एसआईपी रोकने का अनुरोध कर सकते हैं।वे अपनी रजिस्टर्ड ईमेल आईडी से फंड हाउस को ईमेल भी भेज सकते हैं, जिसमें स्टार्ट और एंड डेट्स के साथ-साथ उनके फोलियो नंबर का जिक्र किया गया है।

जब मासिक आय में कमी हो, तभी उठाएं रोकने का कदम

मिरे एसेट म्यूचुअल फंड के सीईओ स्वरूप मोहंती ने कहा, केवल कैश फ्लो मुद्दों वाले लोगों को रोकने का विकल्प चुनना चाहिए। इक्विटी बाजारों में गिरावट लांग टर्म निवेशक को एसआईपी मार्ग का उपयोग करने में मदद करती है क्योंकि वह उसी राशि के साथ अधिक यूनिट्स जमा कर सकता है। फाइनेंशियल प्लानर्स का मानना है कि इस सुविधा का बेतरतीब ढंग से उपयोग ना किया जाए और विश्वास जताया है कि निवेशकों को इसका इस्तेमाल तभी करना चाहिए जब उनकी मासिक आय में कमी आई हो।

बाजार  गिरने पर रुपी कास्ट एवरेजिंग का फायदा मिलता है

कई निवेशक बेतरतीब ढंग से एसआईपी को रोकना चाहते हैं क्योंकि वे कोविड-19 के बाद तेज गिरावट और बाद में भविष्य के बारे में अस्थिरता से चिंतित हैं। जबलपुर के फाइनेंशियल प्लानर डी.डी शर्मा कहते हैं कि जो निवेशक इस तरह के समय में एसआईपी को रोकते हैं, जब बाजार गिर गया है तो रुपए की लागत औसत (rupee cost averaging) का फायदा छिन जाएगा। क्योंकि वे अपने लक्ष्य से काफी भटक जाएंगे। उनका कहना है कि म्युचुअल फंड वित्तीय बचत के साधनों में सबसे उपयुक्त साधन है।

आप भले इसे कुछ समय तक रोक दें, लेकिन एसआईपी को बंद करने से आपका नुकसान हो सकता है। इसलिए इसे कोशिश करें कि लंबे समय तक एसआईपी चलता रहे।