फेसबुक और इंस्टाग्राम के उपयोगकर्ता अपने अकाउंट पर राजनीतिक विज्ञापनों को ब्लॉक कर सकेंगे

  • उपयोगकर्ता राजनीतिक विज्ञापनों के दिखने पर उसे टर्न ऑफ कर सकेंगे
  • अकाउंट के सेटिंग में जाकर भी इन विज्ञापनों को ब्लॉक किया जा सकेगा

दैनिक भास्कर

Jun 17, 2020, 06:02 PM IST

नई दिल्ली. फेसबुक के प्रमुख मार्क जुकरबर्ग ने कहा कि उसके उपयोगकर्ता अपने अकाउंट पर राजनीतिक विज्ञापनों को अपने से रोक सकेंगे। यह सुविधा इंस्टाग्राम के उपयोगकर्ताओं को भी मिलेगी। उपयोगकर्ताओं के अकाउंट में इस फीचर को जोड़ने की प्रक्रिया बुधवार से ही शुरू की जा रही है। गलत सूचनाओं वाले राजनीतिक विज्ञापनों को लेकर फेसबुक को काफी आलोचना झेलनी पड़ी है। फेसबुक के प्रतिस्पर्धी प्लेटफॉर्म ट्विटर ने पिछले साल अक्टूबर में राजनीतिक विज्ञापनों पर रोक लगा दी थी।

ब्लॉक किए जाने के बाद भी यदि विज्ञापन दिखेंगे, तो उपयोगकर्ता इसकी शिकायत कर सकेंगे

यूएसए टुडे में प्रकाशित अपने एक आलेख में जुकरबर्ग ने कहा कि हम एक फीचर ला रहे हैं, जिसकी मदद से राजनीतिक विज्ञापनों को टर्न ऑफ किया जा सकेगा। फेसबुक और उसकी सहायक कंपनी इंस्टाग्राम अपने उपयोगकर्ताओं को यह सुविधा देगी कि राजनीतिक विज्ञापनों के दिखने पर वे इन्हें टर्न ऑफ कर सकेंगे। सेटिंग में जाकर भी इन विज्ञापनों को ब्लॉक किया जा सकेगा। राजनीतिक विज्ञापनों को ब्लॉक किए जाने के बाद भी यदि वे दिखते रहेंगे, तो उपयोगकर्ता इसकी शिकायत भी कर सकेंगे।

‘पेड फॉर’ डिस्क्लेमर वाले विज्ञापनों को किया जा सकेगा टर्न ऑफ

राजनीतिक विज्ञापनों को ब्लॉक करने वाले फीचर को जोड़ने की प्रक्रिया बुधवार से ही शुरू की जा रही है। इस फीचर के सहारे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के उपयोगकर्ता ऐसे विज्ञापनों को टर्न ऑफ कर सकेंगे, जिन पर ‘पेड फॉर’ का डिस्क्लेमर लगा होगा। अगले कुछ सप्ताह में सभी अमेरिकी उपयोगकर्ताओं के अकाउंट्स में यह फीचर उपलब्ध हो जाएगा। कुछ महीने ऑटम सीजन में यह सुविधा अन्य देशों के अकाउंट होल्डर्स को भी मिल जाएगी।

अमेरिका में राष्ट्र्रपति चुनाव से पहले सोशल मीडिया की भूमिका चर्चा में आ गई है

अमेरिका में नवंबर में राष्ट्र्रपति चुनाव होना है। अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव से पहले सोशल मीडिया की भूमिका भी काफी चर्चा में है। मई में अमेरिका के राष्ट्र्रपति डोनाल्ड ट्र्रंप ने एक आदेश पर हस्ताक्षर किया था, जिसका मकसद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को मिली कुछ कानूनी सुरक्षा को हटाना है। ट्रंप कई बार ट्विटर और फेसबुक जैसी कंपनियों पर राजनीतिक पक्षपात करने का आरोप लगा चुके हैं।