प्रोविडेंड फंड संबंधी हर काम के लिए जरूरी है UAN नंबर

  • हर प्रोविडेंट फंड खाताधारक को एक यूनिवर्सल अकाउंट नंबर दिया जाता है
  • UAN से इंप्लॉई के बैंक अकाउंट की डिटेल एड की जाती है

दैनिक भास्कर

May 12, 2020, 04:49 PM IST

भविष्य निधि संगठन (EPFO) में पंजीकृत होने के साथ ही कर्मचारी इस संगठन का सदस्य बन जाता है और इसके साथ ही उसे 12 अंकों का UAN (यूनिवर्सल अकाउंट नंबर) भी जारी कर दिया जाता है। इस नंबर की मदद से EPFO की ज्यादातर सुविधाओं को ऑनलाइन इस्तेमाल किया जा सकता है। UAN नंबर की मदद से एक कर्मचारी अपने PF अकाउंट की पासबुक ऑनलाइन तो देख ही सकता है, साथ ही वो अपना PF (प्रोविडेंड फंड) बैलेंस भी ऑनलाइन चेक कर सकता है।

एक बार ही जारी होता है UAN नंबर
UAN 12 अंकों का एक स्थाई नंबर होता है, जो EPFO में पंजीकृत होने वाले कर्मचारी को सिर्फ एक बार जारी किया जाता है। कई EPF आईडी होने के बाद भी उसका UAN नंबर सिर्फ एक ही रहता है। यानी नियोक्ता बदल जाने के बाद भी ये नंबर नहीं बदलता। एक से ज्यादा EPFO आईडी होने पर ये UAN सभी आईडी के लिए छतरी का काम करता है। कर्मचारी की सभी मेंबर आईडी उस एकमात्र UAN से लिंक कर दी जाती हैं, ऐसे में सभी खातों का प्रबंधन उसी एक UAN नंबर की मदद से किया जाता है। UAN नंबर की मदद से भविष्य निधि निकासी और ऑटोमैटिक फंड ट्रांसफर का काम आसानी के साथ किया जा सकता है। अगर कर्मचारी एकबार EPFO की वेबसाइट/यूनिफाइड पोर्टल पर जाकर अपना UAN नंबर एक्टिव कर लेता है, तो फिर वो कभी भी अपनी PF पासबुक और UAN कार्ड को डाउनलोड कर सकता है।