प्रवासी कामगारों को 8 लाख दिन का रोजगार देगा रेलवे मंत्रालय, 1800 करोड़ रुपए खर्च होंगे

  • इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट के जरिए पैदा किया जाएगा रोजगार
  • 31 अक्टूबर से पहले उपलब्ध कराया जाएगा यह काम

दैनिक भास्कर

Jun 25, 2020, 04:29 PM IST

नई दिल्ली. रेलवे मंत्रालय ने बुधवार को कहा कि वह प्रवासी और अन्य कामगारों के लिए 8 लाख दिन का रोजगार पैदा करेगा। इस योजना पर रेलवे 1800 करोड़ रुपए खर्च करेगा। यह रोजगार अगले 125 दिनों में 31 अक्टूबर तक पैदा किया जाएगा। 

गरीब कल्याण रोजगार अभियान के तहत पैदा किया जाएगा रोजगार

रेलवे मंत्रालय ने कहा कि यह रोजगार हाल ही में केंद्र सरकार की ओर से घोषित गरीब कल्याण रोजगार अभियान के तहत पैदा किया जाएगा। प्रवासी कामगारों को रोजगार दिलाने के मकसद इस अभियान को देश के 6 राज्यों के 116 जिलों में लागू किया गया है। यह जिले उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, मध्य प्रदेश, ओडिशा और झारखंड राज्यों के हैं। 20 जून को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस अभियान को लॉन्च किया था। 

अभियान पर खर्च होंगे 50 हजार करोड़ रुपए

गरीब कल्याण रोजगार अभियान के तहत ग्रामीण क्षेत्र में इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया जाएगा। इस पर 50 हजार करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। यह अभियान केंद्र के 12 विभिन्न मंत्रालयों और विभागों की ओर से संयुक्त रूप से चलाया जा रहा है। इन मंत्रालयों में रेलवे, कृषि, पंचायती राज, ग्रामीण विकास, सीमा सड़क विभाग और खान मंत्रालय प्रमुख हैं। 125 दिनों तक यह अभियान मिशन मोड में चलाया जाएगा।

मनरेगा के तहत भी कार्य कराएगा रेलवे

रेलवे ने कहा कि उसने मनरेगा के तहत कराए जा सकने वाले कई कार्यों की पहचान की है। इसमें लेवल क्रॉसिंग के लिए अप्रोच रोड का निर्माण और रखरखाव, रेलवे स्टेशनों को जाने वाली रोड का निर्माण, रेलवे ट्रेक के किनारे ड्रेन का निर्माण और क्लीनिंग, रेलवे पुस्ता की चौड़ाई और रिपेयर और रेलवे की खाली पड़ी जमीन पर पौधे लगाने का कार्य शामिल है।

जोनल रेलवे को दिए आदेश

रेलवे मंत्रालय ने जोनल रेलवे को भी मनरेगा के तहत कार्य आवंटित करने के लिए कहा गया है। जोनल रेलवे इन कार्यों पर दैनिक आधार पर नजर रखेंगे। जोनल रेलवे 20 अक्टूबर तक प्रत्येक शुक्रवार को प्रगति रिपोर्ट रेलवे मंत्रालय को भेजेंगे।