पॉलिसी उल्लंघन के आरोप के बाद गूगल प्ले स्टोर से बेदखल हुआ Mitron ऐप, एक माह में 50 लाख लोग कर चुके थे डाउनलोड

  • गूगल ने ‘स्पैम और मिनिमम फंक्शनलिटी’ पॉलिसी का उल्लंघन करने के कारण इसे प्ले स्टोर से हटाया है
  • कुछ समय पहले रिपोर्ट्स आई थी कि मित्रों एक पाकिस्तानी डेवलपर द्वारा बनाई गई दूसरी ऐप का रिब्रांडेड वर्जन है

दैनिक भास्कर

Jun 02, 2020, 07:49 PM IST

नई दिल्ली. टिकटॉक ऐप का भारतीय विकल्प बताई जा रही इंडियन शार्ट वीडियो शेयरिंग ऐप मित्रों (Mitron) को गूगल प्ले स्टोर से हटा दिया गया है। बताया जा रहा है कि गूगल ने ‘स्पैम और मिनिमम फंक्शनलिटी’ पॉलिसी का उल्लंघन करने के कारण इसे प्ले स्टोर से हटाया है। दरअसल, कुछ समय पहले रिपोर्ट्स आई थी कि मित्रों एक पाकिस्तानी डेवलपर द्वारा बनाई गई दूसरी ऐप का रिब्रांडेड वर्जन है। बता दें कि पिछले कुछ समय से ये ऐप काफी तेजी से पॉपुलर हो रहा है, लेकिन ये डिबेट अभी भी जारी है कि ये ऐप भारत का है या नहीं। 

गूगल की पॉलिसी के खिलाफ है Mitron ऐप

गूगल की इस पॉलिसी में कहा गया है कि दूसरे ऐप्स के कॉन्टेंट में बिना बदलाव किए या कुछ ऐड करके अपलोड करना पॉलिसी के खिलाफ है। पॉलिसी के मुताबिक, कॉपी पेस्ट ऐप – यानी ऐसे ऐप्स जो दूसरे ऐप्स से पूरी तरह मेल खाते हैं और इनके कोड में कोई बदलाव न हो तो उसे कंपनी हटा देती है, लेकिन सवाल ये है कि ये ऐप काफी समय से गूगल प्ले स्टोर पर है, तब ये कदम कंपनी ने क्यों नहीं उठाया। 

आरोप है कि ऐप के मालिक और IIT छात्र शिवांक अग्रवाल ने इसका सोर्स पाकिस्तान की क्यूबॉक्सस (Qboxus) कंपनी से खरीदा था और इसे रिब्रांड कर भारत में लॉन्च कर दिया। लॉन्चिंग से पहले उन्होंने न तो इसकी कोडिंग में कोई बदलाव किए और न ही प्राइवेसी पॉलिसी बदली।  

कुछ ही समय में काफी पॉपुलर हो रहा था Mitron

बता दें कि Mitron ऐप को सिर्फ एक माह में 50 लाख से ज्यादा बार डाउनोलड किया जा चुका था। ऐप रिलीज के एक माह में गूगल प्ले स्टोर पर Mitron ऐप दूसरा सबसे ज्यादा डाउनलोड किया जाने वाला ऐप बन गया था। बता दें कि कोविड-19 महामारी के बीच इस ऐप की डिमांड में काफी बढ़ोतरी दर्ज की गई है।