द्रविड़ ने कहा- क्वारैंटाइन और जांच के बाद भी टेस्ट मैच में खिलाड़ी कोरोना संक्रमित मिलता है तो क्या होगा

  • पूर्व भारतीय कप्तान राहुल द्रविड़ ने कहा- खाली स्टेडियम में मैच खेलने का अनुभव अलग रहेगा, आत्म-संतुष्टि नहीं मिलेगी
  • द्रविड़ ने कहा- यदि खिलाड़ी 2-3 महीने के आराम को अच्छी तरह से इस्तेमाल करे, तो करियर को 2-3 साल बढ़ा सकता है

दैनिक भास्कर

May 26, 2020, 02:57 PM IST

भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान राहुल द्रविड़ ने सुरक्षित जैव वातावरण में टेस्ट मैच होने पर संदेह जाहिर किया है। उन्होंने कहा कि अगर क्वारैंटाइन और जांच के बाद भी टेस्ट मैच के दूसरे दिन कोई खिलाड़ी कोरोना संक्रमित मिलता है, तो क्या होगा? नेशनल क्रिकेट अकेडमी (एनएसए) के प्रमुख राहुल ने वेबिनार पर पूछा कि ऐसी स्थिति में मैच रद्द होगा या सीरीज?

द्रविड़ ने कहा, ‘‘टेस्ट में किसी प्लेयर के संक्रमित होने पर पूरी टीम के खिलाड़ियों और कोचिंग स्टाफ को क्वारैंटाइन पर जाना पड़ेगा। ऐसे में मैच और सीरीज के लिए किया गया खर्च व्यर्थ चला जाएगा। प्लेयर के रहने, खाने, उनकी यात्रा, कोरोना टेस्ट और क्वारैंटाइन पर हुए सभी खर्च सब बेकार हो जाएंगे।’’

‘सरकार के साथ मिलकर काम कर रहे’
पूर्व भारतीय कप्तान ने कहा, ‘‘कोई खिलाड़ी कोरोना पॉजिटिव आता है तो क्या पूरा टूर्नामेंट रद्द करना होगा या सिर्फ एक मैच? इस स्थिति से बचने के लिए क्या करना होगा? इन सभी बातों को लेकर हम स्वास्थ्य विभाग और सरकारी अधिकारियों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं।’’

‘खिलाड़ी अपनी लय हासिल कर लेंगे’
द्रविड़ ने कहा, ‘‘कोरोना का प्रभाव पूरी दुनिया पर पड़ा है। इस वजह से क्रिकेट समेत सभी खेल बंद है। हालांकि प्लेयर प्रोफेशनल होते हैं। वे मैदान पर जाने के बाद अपनी लय को हासिल कर लेंगे। साथ ही इससे निपटने के लिए कोई न कोई तरीका भी खोज लेंगे।’’

उन्होंने कहा, ‘‘बगैर दर्शकों के स्टेडियम में खेलने का अनुभव अलग होता है। खिलाड़ी दर्शकों के सामने किए गए अपने प्रदर्शन को हमेशा याद रखते हैं। हर एक खिलाड़ी फैन्स के सामने खेलना पसंद करता है। वह चाहता है कि उनके शॉट पर लोग प्रोत्साहित करें। मगर बंद दरवाजे में ऐसा नहीं होगा। जब आप एक बड़ी भीड़ के सामने प्रदर्शन करते हैं तो एक व्यक्तिगत आत्म-संतुष्टि होती है।’’

उन चीजों पर ध्यान दें, जो अपने नियंत्रण में है
द्रविड़ ने खिलाड़ियों को केवल उन चीजों पर ध्यान केंद्रित करने की सलाह दी, जो उनके नियंत्रण में हैं। उन्होंने कहा, ‘‘मैं ब्रेक को बहुत से क्रिकेटरों को शरीर को आराम देने, दिमाग को आराम देने के अवसर के रूप में देखने के लिए कह रहा हूं। आपको ऐसा अवसर कभी नहीं मिलेगा। यदि आप दो से तीन महीने का अच्छी तरह से उपयोग करते हैं, तो करियर को दो-तीन साल तक बढ़ा सकते हैं।’’

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *