दिल्ली-एनसीआर में अब स्टेशन के अलावा बाजारों में भी उपलब्ध हो सकती है सीएनजी, स्टार्टअप्स के साथ किया जा रहा है करार

  • आईजीएल ने अप्रूवल के लिए PESO से संपर्क किया है
  • सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूटर्स से सर्विस पर चर्चा की गई है

दैनिक भास्कर

Jun 08, 2020, 05:39 PM IST

नई दिल्ली. दिल्ली-एनसीआर में कांप्रेस्ड नेचुरल गैस (CNG) खरीदने के लिए जल्द ही सीएनजी स्टेशनों पर लंबी लाइन खत्म हो सकती है। पेट्रोलियम मंत्रालय की CNG समेत सभी ईंधन को आसानी से उपलब्ध कराने की योजना के तहत ऐसा हो रहा है। इसके तहत अब पेट्रोल पंपों या सीएनजी के स्टेशन के अलावा बाजारों में सीएनजी मिल सकती है। इंद्रपस्थ गैस लिमिटेड (IGL) ने दिल्ली-एनसीआर में CNG की इस तरह की तैयारी शुरू कर दी है। अगर सब कुछ ठीक रहा तो अगले दो महीनों में दिल्ली-एनसीआर में सीएनजी की डिलीवरी स्टेशन के अलावा भी शुरू हो सकती है। बता दें कि दिल्ली-एनसीआर में सीएनजी का कारोबार आईजीएल के जरिए होता है। आईजीएल की पैरेंट कंपनी गेल है।

एक जगह रहने वालों को मिलाकर ऑर्डर का विकल्प

नाम न बताने की शर्त पर एक अधिकारी ने बताया कि आईजीएल ने इसके अप्रूवल के लिए PESO (Petroleum and Explosives safety Organisation) से संपर्क किया है। साथ ही कई स्टार्टअप्स के साथ भी बातचीत चल रही है। इसके लिए पेट्रोलियम मंत्रालय की कंपनियों के साथ भी बैठक हुई है। सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूटर्स से सर्विस पर चर्चा की गई है।

पहले फेज में 100-150 केजी ऑर्डर पर डिलीवरी संभव

सूत्रों के मुताबिक इसकी शुरूआत दिल्ली-एनसीआर से पहले होगी। इसे कई चरणों में शुरू किया जाएगा। पहले फेज में 100-150 केजी ऑर्डर पर डिलीवरी संभव होगी। पेट्रोलियम मंत्रालय ने 30 मई को कहा था कि वे फ्यूल रिटेलिंग के एक ऐसे मॉडल की दिशा में भी काम कर रहे हैं, जिसमें एक ही जगह पेट्रोल, डीजल, सीएनजी, एलएनजी और एलपीजी जैसे सभी ईंधन उपलब्ध कराए जा सकें।   

इंडियल ऑयल ने सितंबर, 2018 में मोबाइल डिस्पेंसर के जरिए डीजल की होम डिलीवरी शुरू की थी। यह सुविधा अभी कुछ शहरों में उपलब्ध है। पेट्रोल और सीएनजी की अत्यधिक ज्वलनशीलता के कारण इनकी होम डिलीवरी बहुत चुनौतीपूर्ण है। साथ ही इस काम के लिए कई विभागों की मंजूरी भी लेनी होगी।

CNG क्यू मैनेजमेंट साल्यूशन लागू किया गया

आईजीइल ने CNG स्टेशन पर लंबी कतारों की समस्या को दूर करने के लिए ऐप आधारित CNG क्यू मैनेजमेंट साल्यूशन लागू किया है। जो IGLCONNECT ऐप पर ग्राहकों के लिए उपलब्ध है। ग्राहक न केवल निकटतम सीएनजी स्टेशन का पता लगाने के लिए इस ऐप का उपयोग कर सकते हैं, बल्कि स्टेशन का चयन भी कर सकते हैं।

आईजीएल के राजस्व का अधिकांश भाग सीएनजी कारोबार से

आईजीएल की सालाना रिपोर्ट के मुताबिक, आईजीएल के राजस्व का अधिकांश भाग CNG के कारोबार से आता है। वित्त वर्ष 2018-19 में 4,761 करोड़ रुपए की आय कंपनी को हुई थी। जो कि इसके पहले के वर्ष की तुलना में 24 प्रतिशत ज्यादा है। बता दें कि इसी अवधि में दिल्ली-एनसीआर में सीएनजी का कारोबार डबल डिजिट के साथ बढ़ा है। वित्त वर्ष 2018-19 में कंपनी ने 500 वां सीएनजी स्टेशन स्थापित करके नया रिकॉर्ड हासिल किया है।

कंपनी दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में करीब 7.4 लाख प्राइवेट कारों समेत 10.7 लाख वाहनों में सीएनजी की प्रक्रिया को पूरा कर रही है। 2018-19 में प्रति दिन 31.34 लाख किलोग्राम की औसत बिक्री सीएनजी की हुई।

हाल ही में कंपनी ने प्रीपेड कार्ड पेश किया था

हाल ही में कंपनी ने डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के लिए अपने सीएनजी ग्राहकों के लिए प्रीपेड कार्ड पेश किया था। अब तक 100,000 वाहनों में 70,000 से अधिक कार्ड प्रचलन में हैं। कंपनी ने प्रीपेड कार्ड को बढ़ावा देने के लिए टैक्सी एग्रीगेटर कंपनियों जैसे मेरू, बर्डी कैब, यॉर्कर कैब आदि के साथ करार किया है।