तीन महीने तक ईएमआई भुगतान में मोहलत से एमएसएमई समेत लाखों छोटे कारोबारियों को होगा फायदा

  • अब 31 अगस्त 2020 तक कर्ज भुगतान से राहत पा सकेंगे छोटे कारोबारी
  • इन कारोबारियों को वर्किंग कैपिटल पर ब्याज के भुगतान में भी मोहलत दी गई है

दैनिक भास्कर

May 22, 2020, 03:50 PM IST

नई दिल्ली. भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने शुक्रवार को लोन मोराटोरियम (कर्ज चुकाने में मोहलत) की अवधि को तीन महीने के लिए और बढ़ा दिया है। आरबीआई के इस फैसले का देश के लाखों छोटे कारोबारियों को भी बड़ा फायदा मिलेगा।

31 अगस्त तक मिलेगी ईएमआई भुगतान में मोहलत

आरबीआई के गवर्नर शक्तिकांत दास ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि लॉकडाउन में विस्तार और कोविड-19 के कारण पैदा हुई वित्तीय अस्थिरता को देखते हुए मार्च में घोषित की गई लोन मोराटोरियम की सुविधा को तीन महीने के लिए और बढ़ाया जा रहा है। अब इस सुविधा का लाभ 1 जून से 31 अगस्त के मध्य भी लिया जा सकेगा। यानी अब कुल 6 महीने की अवधि के लिए मोराटोरियम सुविधा मिलेगी। अब छोटे कारोबारियों समेत सभी प्रकार के टर्म लोन लेने वालों को 31 अगस्त 2020 तक ईएमआई के भुगतान की मोहलत मिलेगी।

छोटे कारोबारियों के लिए ये भी घोषणाएं

  • वर्किंग कैपिटल पर ब्याज के भुगतान में भी मोहलत मिलेगी।
  • वर्किंग कैपिटल फाइनेंस को आसान बनाया गया है।
  • मोराटोरियम अवधि में ईएमआई की मोहलत लेने वाले खातों को डिफॉल्ट घोषित नहीं किया जाएगा।
  • क्रेडिट स्कोर तय करने वाली कंपनियों से मोराटोरियम अवधि को शामिल नहीं करने को कहा गया है।

लॉकडाउन से छोटे कारोबारियों पर पड़ा है बुरा असर

कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए लगाए गए देशव्यापी लॉकडाउन का माइक्रो, स्मॉल एंड मीडियम एंटरप्राइजेज (एमएसएमई) समेत तमाम छोटे कारोबारियों पर बुरा असर पड़ा है। लॉकडाउन के कारण अधिकांश एमएसएमई ठप पड़ी हैं। एमएसएमई के पास अपने कर्मचारियों को वेतन देने के लिए पैसे भी नहीं बचे हैं। लॉकडाउन के कारण अधिकांश मजदूर अपने घरों को लौट गए हैं। ऐसे में अब एमएसएमई के सामने दोबारा से कारोबार शुरू करने की भी चुनौती बनी हुई है।

कई बैंकों ने की थी मोराटोरियम अवधि बढ़ाने की सिफारिश

इस महीने की शुरुआत में आरबीआई गवर्नर ने कई बैंकों के प्रमुखों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए दो अलग-अलग सत्रों में बैठक की। इस दौरान बैंकों ने आरबीआई से कहा था कि अधिकांश कारोबारियों का मानना है कि इस महीने के अंतिम सप्ताह से पहले कारोबार शुरू होने की उम्मीद नहीं है। ऐसे में वे पहले से जमा ब्याज राशि का 31 मई के बाद भुगतान करने की स्थिति में नहीं होंगे। ऐसे में बैंकों ने आरबीआई से मोराटोरियम सुविधा को तीन महीने और बढ़ाने की सिफारिश की थी।