डेट म्यूचुअल फंड में मई महीने में आए 63,665 करोड़ रुपए, अप्रैल में 43,431 करोड़ की तुलना में 46 प्रतिशत की हुई वृद्धि

  • फरवरी में डेट म्यूचुअल फंड से 28,000 करोड़ रुपए निकाले गए थे
  • इक्विटी म्यूचुअल फंड में मई महीने में आए 5,256 करोड़ रुपए

दैनिक भास्कर

Jun 15, 2020, 09:12 PM IST

मुंबई. कुछ दिन पहले तक डेट म्यूचुअल फंड निवेशकों के लिए बुरा साबित हुआ था। लेकिन मई महीने में इसमें 63,665 करोड़ रुपए आए हैं। अप्रैल में आए कुल 43,431 करोड़ रुपए की तुलना में यह 46 प्रतिशत ज्यादा है। यह इसलिए हुआ है क्योंकि आरबीआई ने कदम उठाया था और उसकी वजह से लिक्विड स्कीम में पैसे आए हैं।

मार्च महीने में डेट से निकाला गया था 1.95 लाख करोड़

एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (एंफी) के आंकड़ों के मुताबिक आरबीआई के कदम से निवेशकों ने फिक्स्ड इनकम में पैसे लगाए हैं। इससे डेट में मई महीने में इंफ्लो बढ़ गया है। हालांकि मीडियम ड्यूरेशन, ओवरनाइट, क्रेडिट रिस्क और डायनॉमिक बांड फंड से निवेशकों ने पैसे निकाले हैं। आंकड़े बताते हैं कि मार्च में डेट सेगमेंट से कुल 1.95 लाख करोड़ रुपए निवेशकों ने निकाल लिए थे। जबकि फरवरी में 28,000 करोड़ रुपए निकाले गए थे। जनवरी में भी निवेशकों ने इस सेगमेंट से 1.09 लाख करोड़ रुपए निकाल लिए थे।

लिक्विड फंड में आया सबसे अधिक पैसा

आंकड़ों के मुताबिक पिछले महीने में कुल इंफ्लो यानी आय लिक्विड फंड में सबसे ज्यादा आया है। इस सेगमेंट में 61,879 करोड़ रुपए आए हैं। आरबीआई ने डेट फंड के संकट में होने पर कदम उठाया था। रिजर्व बैंक ने अप्रैल में म्यूचुअल फंड को 50 हजार करोड़ रुपए की स्पेशल लिक्विडिटी की सुविधा दी थी। इससे म्यूचुअल फंड पर लिक्विडिटी का दबाव कम हो गया। एंफी के सीईओ एन.एस वेंकटेश ने कहा कि ब्याज दरों का फायदा लेने के लिए निवेशकों ने इस सेगमेंट मे पैसे लगाए हैं। निवेशक एएए रेटिंग वाले पेपर्स में पैसे लगा रहे हैं।

ओवरनाइट फंड से निकाले गए 15,880 करोड़ रुपए

इसी तरह मई महीने में ओवरनाइट फंड से 15,880 करोड़ रुपए की निकासी निवेशकों ने की थी। यह पैसे ट्रेजरी बिल्स, सर्टिफिकेट ऑफ डिपॉजिट और कमर्शियल पेपर्स में निवेश किए गए। ओवरनाइट फंड के अलावा क्रेडिट रिस्क फंड से भी 5,173 करोड़ रुपए की निकासी निवेशकों ने की है। हालांकि यह अप्रैल की तुलना में काफी कम है। अप्रैल में इसी सेगमेंट से निवेशकों ने 19,000 करोड़ रुपए की निकासी की थी।

क्रेडिट रिस्क फंड पर बना है दबाव

क्रेडिट रिस्क फंड पिछले कुछ सालों से काफी दबाव में है। एक तो 2018 में आईएलएंडएफएस के डिफॉल्ट से इस पर दबाव आया तो बाद में फ्रैंकलिन टेंपल्टन ने 2020 में निवेशकों को जबरदस्त झटका दिया। कई पेपर्स की इसी दौरान रेटिंग भी घटा दी गई। इसके अलावा निवेशकों ने मई महीने में मीडियम ड्यूरेशन फंड से 1,520 करोड़ रुपए निकाल लिए। डायनॉमिक बांड फंड से 75 करोड़ रुपए निकाले गए।

दूसरी ओर निवेशकों ने इसी महीने में इक्विटी म्यूचुअल फंड में 5,256 करोड़ रुपए निवेश किया। यह तब हुआ जब बाजार में भारी उतार-चढ़ाव है। मई महीने में सभी सेगमेंट की बात करें तो म्यूचुअल फंड में कुल 70,800 करोड़ रुपए निवेशकों ने लगाए हैं।