डवलप जमीन पर प्लॉट बेचने पर देना होगा जीएसटी, एडवांस रूलिंग अथॉरिटी का फैसला

  • विकसित प्लॉट में जमीन के अलावा प्राथमिक सुविधाओं की लागत भी शामिल होती है: एएआर
  • विशेषज्ञ बोले- यह फैसला जीएसटी फ्रेमवर्क के खिलाफ, रियल एस्टेट सेक्टर पर सीधा असर पड़ेगा

दैनिक भास्कर

Jun 21, 2020, 05:30 PM IST

नई दिल्ली. आने वाले दिनों में सभी सुविधाओं से युक्त प्लॉट खरीदने पर आपको वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) देना पड़ सकता है। दरअसल, एडवांस रूलिंग अथॉरिटी (एएआर) की गुजरात बेंच ने कहा है कि बिजली, पानी की पाइपलाइन और जल निकासी की सुविधाओं वाली जमीन पर प्लॉट की बिक्री पर जीएसटी देना होगा। ऐसे में डवलपर इस टैक्स को आपसे वसूल सकता है।

एक आवेदक ने मांगा था स्पष्टीकरण

एक आवेदक ने एएआर की गुजरात बेंच के सामने इस बारे में आवेदन कर पूछा था कि क्या प्राथमिक सुविधाओं मसलन बिजली, पानी, जल निकासी, समतल जमीन वाले प्लॉट की बिक्री पर जीएसटी देना होगा। एएआर ने इसके जवाब में कहा कि हमारा मानना है कि विकसित प्लॉट ‘खरीदार को बिक्री के लिए परिसर के निर्माण’ की धारा के तहत आएगा। ऐसे में इस पर जीएसटी देना होगा। एएआर ने यह आदेश जारी करते हुए कहा कि यदि आवेदक विकसित प्लॉट की बिक्री करता है तो बिक्री मूल्य में जमीन की लागत के अलावा प्राथमिक सुविधाओं की लागत भी आनुपातिक आधार पर शामिल होती है। 

रियल एस्टेट सेक्टर पर पड़ेगा असर

एएमआरजी एंड एसोसिएट्स के सीनियर पार्टनर रजत मोहन का कहना है कि इस फैसले का सीधा, तात्कालिक और प्रतिकूल असर समूचे रियल एस्टेट क्षेत्र पर पड़ेगा। इससे विकसित प्लॉटों की बिक्री पर मिलने वाले कर तटस्थ स्थिति का लाभ समाप्त हो जाएगा। रजत मोहन का कहना है कि यह रूलिंग जीएसटी के बेसिक फ्रेमवर्क के खिलाफ है जो गतिशील वस्तुओं और सेवाओं पर टैक्स के खिलाफ है। मोहन के मुताबिक, संवैधानिक रूप से अचल संपत्ति के ट्रांजेक्शन पर जीएसटी नहीं लिया जा सकता है।