ट्रेडिंग बुल्स, टॉपमोस्ट सहित कई कंपनियों पर सेबी ने लगाया जुर्माना, निवेशकों को ठगने के आरोप में हुई कार्रवाई

  • टॉपमोस्ट कमर्शियल पर 25 लाख रुपए जुर्माना
  • ट्रेडबुल्स एंटरप्राइज पर 5 लाख रुपए का जुर्माना

दैनिक भास्कर

May 28, 2020, 08:32 PM IST

मुंबई. मार्केट रेगुलेटर सेबी ने गुरुवार को बीएसई पर इल-लिक्विड स्टॉक ऑप्शंस में धोखाधड़ी के कारोबार में लिप्त होने के जुर्म पर दो कंपनियों पर कुल 30 लाख रुपए का जुर्माना ठोंक दिया। नियामक ने टॉपमोस्ट कमर्शियल प्राइवेट लिमिटेड पर 25 लाख रुपए और ट्रेडबुल्स एंटरप्राइज प्राइवेट लिमिटेड पर 5 लाख रुपए का जुर्माना लगाया है।

2014 से 2015 के बीच सेबी ने की थी जांच

बीएसई के इल-लिक्विड स्टॉक ऑप्शंस सेगमेंट में ट्रेड के बड़े पैमाने पर उलटफेर को देखने के बाद भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने अप्रैल 2014 से सितंबर 2015 के बीच इस सेगमेंट में जांच कराई। जांच से पता चला है कि सभी ट्रेड के 81 प्रतिशत से अधिक ने ऐसे कॉन्ट्रैक्ट में ट्रेड किया जिनके वोल्युम को कृत्रिम रूप से तैयार कर उसमें ग्राहकों और काउंटर पार्टियों द्वारा खरीद और बिक्री का उलटफेर किया गया था।

सभी कारोबार फर्जी थे- सेबी

नियामक ने कहा कि इन संस्थाओं द्वारा किए गए ट्रेड फर्जी थे। उन्होंने इल लिक्विड स्टॉक ऑप्शंस कॉन्ट्रैक्ट में ट्रेड की भ्रामक स्थिति पैदा की, जहां आम लोगों की भागीदारी मामूली थी। इस तरह की गतिविधियों में लिप्त होकर इन कंपनियों ने पीएफयूटीपी (Prohibition of Fraudulent and Unfair Trade Practices) के प्रावधानों का उल्लंघन किया।

जीएफएल फाइनेंशियल्स पर 2 लाख का जुर्माना

दूसरी ओर एक अलग ऑर्डर में सेबी ने कंपनी में शेयरों के अधिग्रहण को लेकर जरूरी खुलासे नहीं करने पर जीएफएल फाइनेंशियल्स इंडिया लिमिटेड के मामले में आरसीजी फाइनेंस पर 2 लाख रुपए का जुर्माना लगाया है। यह SAST (शेयरों और अधिग्रहण के पर्याप्त अधिग्रहण) मानदंडों के प्रावधानों का पालन करने में विफल रहा। सेबी ने सिकंदराबाद हेल्थकेयर लिमिटेड के स्क्रिप में धोखाधड़ी के कारोबार के लिए अदबीना ट्रेडर्स प्राइवेट लिमिटेड पर 10 लाख रुपए का जुर्माना लगाया है।

2011 से 2015 के दौरान सेबी ने की जांच

सेबी ने नवंबर 2011 से जनवरी 2015 के बीच की अवधि के लिए सिकंदराबाद हेल्थकेयर के शेयरों में व्यापारिक गतिविधियों की जांच कराई थी। जांच के दौरान सेबी ने पाया कि अदबीना ट्रेडर्स ने स्क्रिप की कीमत में हेराफेरी की और शेयर में ट्रेडिंग की भ्रामक स्थिति पैदा की। नियामक ने एक आदेश में कहा, ऐसा करके, उसने धोखाधड़ी और अनुचित व्यापार प्रथाओं के निषेध (PFUTP) विनियमों के प्रावधानों का उल्लंघन किया।

अलेक्जांडर स्टैंप के सेमवाल पर 3 लाख का जुर्माना

सेबी ने अलग आदेश में अलेक्जांडर स्टांप एंड कॉइन लिमिटेड के मामले में इनसाइडर ट्रेडिंग के लिए सेमवाल गोविंदराम धनेश पर 3 लाख रुपए का जुर्माना लगाया है। सेबी ने पाया कि सेमवाल पीआईटी (Prohibition of Insider Trading) मानदंडों के तहत आवश्यक आचार संहिता को बनाने और लागू करने में विफल रहे हैं। इसके अलावा सेमवाल ने 2015 में कंपनी के शेयरों में लेन-देन किया था। पी आई टी नॉर्म्स के तहत कंपनी के साथ-साथ एक्सचेंज को भी इसका खुलासा करना जरूरी था, जो नहीं किया गया।