टेक्निकल गलती बताकर स्टेट बैंक ने सभी रिटेल लोन को 3 महीने का मोराटोरियम कर दिया, एक साल तक ईएमआई कटी फिर भी बकाया उससे ज्यादा

  • मुंबई के ग्राहक ने स्टेट बैंक से 36 लाख रुपए का होम लोन पिछले साल अप्रैल में लिया था
  • 240 ईएमआई में 12 भरने के बाद 228 बचनी चाहिए, पर रिकॉर्ड में 243 ईएमआई दिख रही है

दैनिक भास्कर

May 25, 2020, 06:05 PM IST

मुंबई. देश के सबसे बड़े बैंक भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) ने एक बड़ी गलती की है। बैंक ने अपने रिटेल खाताधारकों का लोन बिना उनकी मंजूरी के मोराटोरियम में 3 महीने के लिए डाल दिया है। बैंक ने हालांकि इसे टेक्निकल एरर बताया और कहा कि वह इस गलती को सुधारेगा। आश्चर्य यह है कि इसके बाद भी बैंक कर्ज की ईएमआई काट रहा है।

ग्राहक को बताया कि टेक्निकल एरर है

मुंबई में एक ग्राहक को इस तरह का मैसेज भेजा गया। अपने ग्राहक को भेजे गए ईमेल में बैंक ने कहा कि कोविड-19 की वजह से सरकार ने लोन लेनेवाले ग्राहकों को 3 महीने का मोराटोरियम दिया है। इस संबंध में हम आपको सूचित कर रहे हैं कि यदि आप बैंक द्वारा निर्देशित ईएमआई का नियमित भुगतान कर रहे हैं तो बैंक इसे दिए गए समय में बंद कर देगा। लेकिन टेक्निकल एरर की वजह से सभी खाते 3 महीने के लिए मोराटोरियम में चले गए हैं। हमारी टेक्निकल टीम इस पर काम कर रही है और जल्द ही इसे सही कर लिया जाएगा।  

ग्राहक ने जब बैंक से संपर्क किया, तब पता चला मोराटोरियम है

ग्राहक को यह बात तब पता चली, जब उसने बैंक को अपने बकाए ईएमआई के बारे में जानकारी दी। इस ग्राहक ने जब बैंक के योनो एप पर अपनी ईएमआई की जांच की तो पता चला कि कुल 243 ईएमआई बकाया है। ग्राहक ने 2019 अप्रैल में बैंक से 36 लाख रुपए 20 साल के लिए होम लोन लिया था। एक साल किश्त भरने पर 228 ईएमआई बाकी होनी चाहिए थी। लेकिन ग्राहक को योनो एप ने बताया कि उसकी 243 ईेमआई बकाया है। इसके बाद ग्राहक ने बैंक से संपर्क किया तो बैंक ने उपरोक्त जवाब देकर अपनी औपचारिकता पूरी कर दी।

मोराटोरियम की सुविधा अगस्त तक है

बता दें कि वैसे मोराटोरियम की सुविधा भारतीय रिजर्व बैंक ने मार्च में पहले तीन महीने के लिए दिया था। फिर पिछले हफ्ते ही उसने इसे तीन महीने के लिए और बढ़ा दिया है। अब मोराटोरियम की सुविधा अगस्त तक ली जा सकती है। हालांकि ज्यादातर लोग मोराटोरियम नहीं ले रहे हैं। मोराटोरियम की सुविधा भी बैंकों के ऊपर है। वे इसे ग्राहकों को दें या न दें, यह उनका फैसला है। पर एसबीआई ने जिस तरह से टेक्निकल एरर बताकर सभी रिटेल लोन का मोराटोरियम कर दिया है, उससे ग्राहक परेशान हैं।

एसबीआई के 20 प्रतिशत ग्राहकों ने लिया मोराटोरियम

पिछले हफ्ते ही एसबीआई के चेयरमैन रजनीश कुमार ने कहा था कि उनके 20 प्रतिशत ग्राहकों ने मोराटोरियम का लाभ लिया है। इससे यह तय है कि बैंक के ज्यादातर ग्राहक इस सुविधा को लेना नहीं चाहते हैं। क्योंकि नियम के अनुसार आपको 3 महीने के बाद एक साथ में पूरी ईएमआई और ब्याज की रकम का भुगतान करना होगा। यह ग्राहकों के लिए और मुश्किल है।