टाॅप-7 शहरों में अप्रैल-जून में घरों की बिक्री में 81% की गिरावट, नए घरों की लांचिंग में 98% की कमी की आशंका: रिपोर्ट

  • नए घरों की बिक्री में 98% की गिरावट के साथ 1,390 यूनिट्स रहने का अनुमान है
  • पिछले साल समान अवधि में 69,000 नए मकान बिक्री के लिए उपलब्ध कराए गए थे

दैनिक भास्कर

Jun 25, 2020, 06:55 PM IST

नई दिल्ली. कोविड-19 महामारी और उसके चलते लागू लॉकडाउन के चलते चालू कैलेंडर वर्ष की अप्रैल-जून अवधि के दौरान घरों की बिक्री 81 प्रतिशत घटकर 12,740 इकाई रहने का अनुमान है। संपत्ति सलाहकार एनारॉक की गुरुवार को जारी रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि अप्रैल-जून, 2019 के दौरान सात बड़े शहरों दिल्ली-एनसीआर, मुंबई महानगर क्षेत्र (एमएमआर), पुणे, बेंगलुरु, हैदराबाद, चेन्नई और कोलकाता में घरों की बिक्री 68,600 यूनिट्स रही। यही नहीं इस अवधि में नए घरों की बिक्री में 98 प्रतिशत की गिरावट के साथ 1,390 यूनिट्स रहने का अनुमान है। पिछले साल समान अवधि में 69,000 नए मकान बिक्री के लिए उपलब्ध कराए गए थे। 

लॉकडाउन में निर्माण गतिविधियां पूरी तरह रुक गई थी

एनारॉक के चेयरमैन अनुज पुरी ने कहा कि इस तिमाही में लॉकडाउन की वजह से घरों की बिक्री और लांचिंग में भारी गिरावट का अनुमान पहले से ही था। कोरोना वायरस महामारी पर काबू के लिए लॉकडाउन 25 मार्च से शुरू हुआ था। इससे निर्माण गतिविधियां पूरी तरह रुक गई थीं। साथ ही इससे घरों की बिक्री भी लगभग ठहर गई थी। पुरी ने कहा कि मौजूदा स्थिति के मद्देनजर अब कई डेवलपर्स अपनी डिजिटल बिक्री क्षमता को बढ़ा रहे हैं।

दिल्ली-एनसीआर में घरों की बिक्री में 83 प्रतिशत की गिरावट

रिपोर्ट में कहा गया है कि अप्रैल-जून, 2020 के दौरान दिल्ली-एनसीआर में घरों की बिक्री 83 प्रतिशत घटकर 2,100 यूनिट्स रहने का अनुमान है। पिछले साल की समान अवधि में यह आंकड़ा 12,640 यूनिट्स था। इसी तरह मुंबई महानगर क्षेत्र में घरों की बिक्री 83 प्रतिशत घटकर 21,360 से 3,620 यूनिट्स रहने का अनुमान है। बेंगलुरु में बिक्री 77 प्रतिशत घटकर 2,900 यूनिट्स रहने का अनुमान है। पिछले साल की समान अवधि में यह आंकड़ा 13,150 यूनिट्स रहा था। 

पुणे में बिक्री 79 प्रतिशत घटकर 10,490 यूनिट्स से 2,160 यूनिट्स तथा हैदराबाद में 85 प्रतिशत घटकर 4,430 यूनिट्स से 660 यूनिट्स रहने का अनुमान है। चेन्नई में बिक्री 84 प्रतिशत घटकर 2,990 से घटकर 480 इकाई रहने का अनुमान है। कोलकाता में बिक्री 79 प्रतिशत घटकर 730 इकाई रहने का अनुमान है। इससे पिछले साल की समान अवधि में यह आंकड़ा 3,540 इकाई रहा था।