जुकरबर्ग बोले- फेसबुक के 50% कर्मचारी अगले 5 से 10 साल तक कर पाएंगे वर्क फ्रॉम होम, कर्मचारियों की सुरक्षा पहली जिम्मेदारी

  • ऑफिस खुलने पर कंपनी शुरुआत में सिर्फ 25 फीसदी कर्मचारियों को ऑफिस से काम करने की इजाजत देगी
  • वर्क फ्रॉम होम पॉलिसी एक जनवरी के बाद भी लागू रहेगी, कर्मचारियों को उनके बताए लोकेशन पर सैलरी क्रेडिट करने की सुविधा भी मिलेगी

दैनिक भास्कर

May 22, 2020, 11:54 AM IST

कैलिफोर्निया. दुनिया की सबसे बड़ी सोशल मीडिया कंपनी फेसबुक ने कोविड महामारी की वजह से वर्क फ्रॉम होम पॉलिसी को सपोर्ट किया है। कंपनी के सीईओ मार्क जुकरबर्ग ने कहा है कि उनके 50 फीसदी कर्मचारी 5 से 10 साल तक रिमोट वर्किंग कर पाएंगे। कंपनी ऐसा करके कर्मचारियों की सुरक्षित रखना चाहती है।

25% कर्मचारियों के साथ खुलेगा ऑफिस

ऑफिस खुलने पर कंपनी शुरुआत में सिर्फ 25 फीसदी कर्मचारियों को ऑफिस से काम करने की इजाजत देगी। जो कर्मचारी रिमोट वर्किंग को सपोर्ट करेगा, उसे कंपनी को लोकेशन देनी होगी। कंपनी की वर्क फ्रॉम होम पॉलिसी एक जनवरी के बाद भी चलती रहेगी। बता दें कि कंपनी ने इस पूरी साल के लिए वर्क फ्रॉम पॉलिसी लागू कर दी है।

कर्मचारियों को उनकी लोकेशन पर मिलेगी सैलेरी

एनबीसी न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, जुकरबर्ग ने कर्मचारियों से कहा कि वे कहां रहना चाहते हैं, इसलिए फेसबुक उनकी सैलेरी को एडजेस्ट  कर सकता है। उन्होंने ये भी कहा हम कर्मचारी के बताए गई लोकेशन पर सैलेरी देंगे। जो लोग इस बारे में ईमानदार नहीं हैं, उनके लिए गंभीर बदलाव होंगे।

एडवांस्ड इंजीनियरिंग के लिए करेगी हायरिंग
जुकरबर्ग ने फेसबुक पेज पर लाइव स्ट्रीमिंग में कहा कि ऑफिस से काम करने के लिए कई बार आप छोटे शहरों, अलग समुदाय और अलग बैकग्राउंड के लोगों नौकरी देने से बचते हैं। लेकिन रिमोट पर काम करने से ऐसे लोगों की हायरिंग में कोई दिक्कत नहीं होती है। उन्होंने कहा कि कंपनी रिमोट हायरिंग में तेजी ला सकती है। कंपनी आने वाले दिनों में एडवांस्ड इंजीनियरिंग के लिए हायरिंग कर सकती है।

60% कर्मचारियों को छोटे शहर में जाना पसंद

मार्केट वॉच के अनुसार, कैलिफोर्निया के मेनलो पार्क स्थित फेसबुक हेडक्वार्टर की औसत घरेलू कीमत 2.4 मिलियन डॉलर है, जबकि व्यापक खाड़ी क्षेत्र में औसत घरेलू मूल्य पिछले साल 928,000 डॉलर था। फेसबुक के इंटरनल सर्वे में कर्मचारी इस बात लेकर आश्वस्त थे कि यदि उन्हें मौका मिलेगा तो वे अन्य स्थान पर जाने को तैयार है। लगभग 60 प्रतिशत कर्मचारियों ने कहा कि वे छोटे शहर या कस्बे में जाना पसंद करेंगे।