जिस इंडिया सीमेंट में दमानी मेजोरिटी हिस्सेदारी खरीदने की सोच रहे हैं, उसके शेयर को 6 ब्रोकरेज हाउस ने दी बेचने की सलाह

  • पिछले 6 महीने में इंडिया सीमेंट का शेयर 81 प्रतिशत बढ़ा है
  • मार्च तिमाही में कंपनी की बिक्री में 20.5 प्रतिशत की गिरावट आई है

दैनिक भास्कर

Jun 26, 2020, 07:20 PM IST

मुंबई. शेयर बाजार के प्रसिद्ध निवेशक आर.के. दमानी के लिए यह एक झटका देनेवाली बात हो सकती है। जिस इंडिया सीमेंट में वे मेजोरिटी हिस्सेदारी खरीदने की योजना बना रहे हैं, उसके शेयर को 6 ब्रोकरेज हाउसों ने बेचने की सलाह दी है। हालांकि पिछले कुछ समय में इंडिया सीमेंट का शेयर 81 प्रतिशत तक बढ़ चुका है।

मार्च तिमाही में कंपनी को 111 करोड़ रुपए का घाटा

दरअसल इंडिया सीमेंट में हाल में काफी सारी डील हुई है। इसमें डीमार्ट के मालिक आर.के. दमानी भी हैं। इंडिया सीमेंट का शेयर पिछले 6 महीनों में 81 प्रतिशत बढ़ा है। मार्च तिमाही में कंपनी को 111 करोड़ रुपए का शुद्ध घाटा हुआ है। हालांकि अब कोरोना में थोड़ी राहत मिली है और इससे ट्रांसपोर्टेशन और सप्लाई चेन खुलने के आसार हैं। बावजूद इसके इंडिया सीमेंट को लेकर ब्रोकरेज हाउस निगेटिव हैं।

कंपनी पर कर्ज है चिंता का विषय

कुछ एनालिस्ट का मानना है कि वोल्युम में पिक अप होगा, पर कंपनी के ऊपर कर्ज चिंता का विषय है। गुरुवार को 6 ब्रोकरेज हाउसों ने इंडिया सीमेंट के शेयर को बेचने की सलाह दी। जबकि खरीदने के लिए एक भी सलाह नहीं थी। एडलवाइस सिक्योरिटीज ने कहा कि फंडामेंटल में बिना किसी बदलाव के यह स्टॉक 80 प्रतिशत तक बढ़ चुका है। यह इसलिए क्योंकि एक निवेशक ने अपनी हिस्सेदारी बढ़ाकर 20 प्रतिशत कर ली है। दिसंबर में यह हिस्सेदारी महज 1.3 प्रतिशत थी। इस ब्रोकरेज हाउस ने स्टॉक को रिड्यूस की रेटिंग दी है।

दमानी की हिस्सेदारी 20 प्रतिशत से ज्यादा है

चेन्नई की इंडिया सीमेंट कंपनी में दमानी की मार्च तक हिस्सेदारी 10.29 प्रतिशत थी। उनके भाई जी.के. दमानी की हिस्सेदारी 8.26 प्रतिशत थी। इसके अलावा दमानी भाइयों की ज्वाइंट रूप से 1.34 हिस्सेदारी और है। इस तरह से कुल हिस्सेदारी 20 प्रतिशत से ऊपर हो गई है। दिसंबर में कुल हिस्सेदारी 4.73 प्रतिशत थी। बाजार में इसी वजह से अफवाह फैली कि दमानी इंडिया सीमेंट में कंट्रोलिंग हिस्सेदारी ले सकते हैं।

इंडिया सीमेंट का मार्केट शेयर 16 प्रतिशत

भारत में इंडिया सीमेंट के पास महज 16 प्रतिशत की हिस्सेदारी है। सीमेंट बाजार के मामले में विश्व में भारत दूसरे नंबर पर है। यहां 600 ऑपरेशनल सीमेंट प्लांट हैं। एमके ग्लोबल ने कहा कि चौथी तिमाही के फाइनेंशियल रिजल्ट निराश करनेवाले रहे हैं। कंपनी पर कर्ज बढ़ा है। इसका रिजल्ट हमारे अनुमान से कम रहा है। मार्च तिमाही में कंपनी की बिक्री 20.5 प्रतिशत गिरी है। जबकि क्षमता का उपयोग 69 प्रतिशत रहा है। हालांकि जनवरी फरवरी में यह 78-79 प्रतिशत तक था। इस ब्रोकर हाउस ने शेयर को 69 रुपए के लक्ष्य पर बेचने की सलाह दी है।

कंपनी पर 3,617 करोड़ रुपए का कर्ज

मार्च के अंत तक कंपनी का स्टैंडअलोन ग्रॉस डेट 3,617 करोड़ रुपए रहा है। कंसोलिडेटेड डेट 3,677 करोड़ रुपए रहा है। कंपनी का कहना है कि टर्म लोन के 500 करोड़ रुपए के प्रिंसिपल रीपेमेंट की तारीख वित्तीय वर्ष 2021 है। इसके अलावा 300 करोड़ रुपए ब्याज भी होगा। कंपनी को उम्मीद है कि ऑपरेटिंग लाभ से वह इसे पूरा कर देगी। कंपनी अपनी पूंजी निवेश की योजना को भी धीमा कर रही है। इसमें मध्य प्रदेश में ग्रीनफील्ड यूनिट भी है।

रेवेन्यू मार्च तिमाही में 26.34 प्रतिशत गिरा

मोतीलाल ओसवाल सिक्योरिटीज ने कहा कि कंपनी पर कर्ज एक बड़ी चिंता है। सीमेंट की मांग कमजोर है। नॉन कोर बिजनेस का प्रदर्शन भी कमजोर है। ब्रोकर हाउस ने यह भी कहा कि दक्षिण भारत में कंपनी का मार्केट शेयर कम हो रहा है। इसने स्टॉक को न्यूट्रल रेटिंग दिया है। मार्च तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू 26.34 प्रतिशत गिरकर 1,151 करोड़ रुपए रहा है।